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चित्रकूट कोषागार घोटाला: 43.13 करोड़ के गबन मामले में ED के समन पर नहीं पहुंचे 4 आरोपी, एक पहुंचा हाई कोर्ट

Published: Sun, 11 Oct 2026 12:51 AM (IST)

चित्रकूट कोषागार घोटाले में प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) की जांच जारी है, जहां 43.13 करोड़ रुपये के गबन का मामला है। ...और पढ़ें

इस फोटो को AI के माध्यम से तैयार किया गया है।

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HighLights

  1. ईडी चित्रकूट कोषागार घोटाले की जांच में जुटी।

  2. 43.13 करोड़ रुपये के गबन का मामला।

  3. समन पर 4 आरोपी नहीं पहुंचे, एक हाईकोर्ट गया।

राज्य ब्यूरो, लखनऊ। चित्रकूट कोषागार घोटाले में प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) की जांच के बीच बयान दर्ज कराने के लिए बुलाए गए लोगों की पेशी भी चुनौती बन रही है। सूत्रों के अनुसार, ईडी की ओर से भेजे गए समन के बावजूद चार से अधिक लोग बयान दर्ज कराने नहीं पहुंचे हैं।

इनमें से एक व्यक्ति ने राहत के लिए हाई कोर्ट का रुख किया है। ऐसे में ईडी की जांच में अब न केवल सरकारी धन के कथित गबन की रकम का हिसाब खंगाला जा रहा है, बल्कि घोटाले से जुड़े लोगों की भूमिका और उनके बीच हुए लेनदेन की कड़ियां जोड़ने पर भी जोर है।

कई आरोपियों को पुलिस कर चुकी है गिरफ्तार

चित्रकूट कोषागार में वर्ष 2018 से सितंबर 2025 के बीच फर्जी भुगतान आदेशों के जरिये 93 पेंशनरों के खातों में करीब 43.13 करोड़ रुपये भेजे जाने का मामला सामने आया था। प्रकरण में पुलिस की विशेष जांच टीम (एसआइटी) पहले ही कई आरोपितों को गिरफ्तार कर चुकी है।

अब ईडी धन शोधन निवारण अधिनियम (पीएमएलए) के तहत कथित अपराध से अर्जित आय और उसके लेनदेन की पड़ताल कर रही है। ईडी की जांच का अहम पहलू यह पता लगाना है कि सरकारी धन किन खातों में पहुंचा और वहां से किसे कितना हिस्सा मिला।

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इसके लिए पेंशनरों, बिचौलियों और कोषागार से जुड़े लोगों के बयान दर्ज किए जा रहे हैं। बैंक खातों के लेनदेन और उपलब्ध दस्तावेजों के आधार पर धनराशि के अंतिम लाभार्थियों तक पहुंचने का प्रयास किया जा रहा है। समन के बावजूद कुछ लोगों के बयान दर्ज कराने नहीं पहुंचने और एक व्यक्ति के हाई कोर्ट जाने से जांच के अगले चरण पर नजरें हैं।