लखनऊ ईडी रिश्वतकांड: CBI ने बढ़ाई जांच की आंच, दो अन्य अधिकारियों का मांगा ब्योरा
सीबीआई ने लखनऊ ईडी रिश्वतकांड में अपनी जांच का दायरा बढ़ा दिया है, जिसमें पांच लाख रुपये की रिश्वत मांगने ...और पढ़ें

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HighLights
सीबीआई ने लखनऊ ईडी रिश्वतकांड की जांच बढ़ाई।
दो अन्य ईडी अधिकारियों का ब्योरा मांगा गया।
दीपक कुमार और मनोज द्विवेदी पहले ही गिरफ्तार।
राज्य ब्यूरो, लखनऊ। प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) के लखनऊ जोनल कार्यालय में पांच लाख रुपये की रिश्वत मांगने और लेने के मामले में केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआइ) ने जांच का दायरा बढ़ा दिया है। एजेंसी ने प्रकरण से जुड़े ईडी के दो अन्य अधिकारियों का ब्योरा मांगा है।
जांच इस बिंदु पर केंद्रित है कि गिरफ्तार आरोपितों के अलावा रिश्वतखोरी के पूरे घटनाक्रम में किसी अन्य अधिकारी की भी भूमिका तो नहीं थी।सीबीआइ ने 23 अक्टूबर को ईडी के प्रवर्तन अधिकारी दीपक कुमार को लखनऊ से और हेड कांस्टेबल मनोज द्विवेदी को दिल्ली से गिरफ्तार किया था। आरोप है कि ईडी के एक मामले में राहत दिलाने के नाम पर शिकायतकर्ता के पिता से पांच लाख रुपये की रिश्वत मांगी गई थी।
सीबीआइ के अनुसार, मनोज द्विवेदी को दिल्ली में दीपक कुमार की ओर से रिश्वत की रकम लेते हुए पकड़ा गया था। इसके बाद लखनऊ स्थित ईडी कार्यालय से दीपक कुमार को गिरफ्तार किया गया। मनोज द्विवेदी मूल रूप से केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (सीआरपीएफ) में तैनात हैं और ईडी में प्रतिनियुक्ति पर कार्यरत थे। सीबीआइ की प्राथमिकी में ईडी के अज्ञात अधिकारियों का भी उल्लेख है।
इसी आधार पर एजेंसी अन्य अधिकारियों की भूमिका और लेनदेन से जुड़े तथ्यों की पड़ताल कर रही है। उधर, ईडी के लखनऊ जोनल कार्यालय में भी मामले से जुड़े अधिकारियों और कर्मचारियों की भूमिका तथा उनकी तैनाती व्यवस्था की आंतरिक समीक्षा की गई है। सीबीआइ पूरे घटनाक्रम की कड़ियां जोड़कर विस्तृत रिपोर्ट तैयार कर रही है।