यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Aug 11, 2017 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
वाराणसी और सुलतानपुर के बीच रखा गया था अकालतख्त ट्रेन में बम
वाराणसी के जिस प्लेटफार्म पर यह ट्रेन आयी थी, वहां बी-3 के आसपास की बोगियों की सीसीटीवी फुटेज भी खंगाली जाएगी।

लखनऊ (जागरण संवाददाता)। अकालतख्त एक्सप्रेस की एसी थर्ड बोगी बी-3 के शौचालय में टिफिन बम को वाराणसी और सुलतानपुर के बीच रखा गया। ट्रेन के वाराणसी से चलने के बाद इसका अगला ठहराव सुलतानपुर था।
यहां से एक भी यात्री का न तो रिजर्वेशन था और न ही किसी यात्री को यहां उतरना था। लिहाजा माना जा रहा है कि भीतर की बोगियों में होते हुए कोई शख्स बी-थ्री कोच तक पहुंचा और फिर उसने बम रख दिया। मामले में जीआरपी ने अज्ञात के खिलाफ लखनऊ थाने में मामला दर्ज किया है।
अकालतख्त एक्सप्रेस की जिस बोगी से बम मिला है, उसके कोच अटेंडेंट और टीटीई से एसपी रेलवे सौमित्र यादव ने करीब एक घंटा पूछताछ की। दोनो ही कर्मचारियों ने इतना बताया कि सुलतानपुर से न तो कोई यात्री बोगी में चढ़ा और न ही उतरा। इस पर जीआरपी अब बी-3 के अलावा आसपास की कई बोगियों का रेल आरक्षण चार्ट मंगाएगी। इस चार्ट में दर्ज हर एक यात्री से जीआरपी पूछताछ करेगी।
साथ ही वाराणसी और सुलतानपुर में रेलकर्मियों से पूछताछ हो सकती है। वाराणसी के जिस प्लेटफार्म पर यह ट्रेन आयी थी, वहां बी-3 के आसपास की बोगियों की सीसीटीवी फुटेज भी खंगाली जाएगी।
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नहीं सतर्क हुआ रेलवे: एसी बोगियों में अब तक यात्रियों का सामान सुरक्षित नहीं था। अब उसमें बम रख दिया गया। कुछ दिन पहले ही एडीजी रेलवे वीके मौर्य ने प्रदेश के सभी एसपी रेलवे और आइजी रेंज की बैठक की थी। जिसमें कोच अटेंडेंट और टीटीई पर जीआरपी सिपाहियों को प्रवेश न देने पर नाराजगी जताई थी। एडीजी रेलवे ने यह बताया था कि कोच अटेंडेंट और टीटीई की लापरवाही के चलते ही एसी बोगियों में अपराध की घटनाएं बढ़ी हैं। यदि फिर ऐसा हुआ तो इन दोनो पर जीआरपी कार्रवाई करेगी।
