सपा के स्थापना दिवस पर पंकज चौधरी ने हथौड़े से फोड़ा 'पाप का घड़ा', गिनाए 34 कांड और कारनामे
भाजपा ने समाजवादी पार्टी के 34वें स्थापना दिवस पर उसके शासनकाल के 34 "कांड और कारनामे" गिनाते हुए तीखा हमला बोला।

सपा के स्थापना दिवस पर भाजपा मुख्यालय में हथौड़े से पाप का घड़ा तोड़ते पंकज चौधरी।
HighLights
भाजपा ने सपा के 34वें स्थापना दिवस पर हमला बोला।
पंकज चौधरी ने 'सपा के पाप का घड़ा' प्रतीकात्मक रूप से तोड़ा।
रामपुर तिराहा, गेस्ट हाउस कांड सहित कई घोटाले गिनाए।
राज्य ब्यूरो, लखनऊ। समाजवादी पार्टी की स्थापना के 34 वर्ष पूरा होने पर रविवार को भाजपा ने सपा के शासनकाल में हुए भ्रष्टाचार, बड़ी घटनाओं और घोटालों के हवाले से तीखा हमला बोला। भाजपा प्रदेश अध्यक्ष पंकज चौधरी ने सपा के 34 कांड व कारनामे गिनाए। उन्होंने कहा कि प्रदेश में सपा की तीन सरकारों के कार्यकाल को देखें तो काम कम और कांड व कारनामे अधिक नजर आते हैं।
रविवार को पार्टी के प्रदेश मुख्यालय पर पत्रकारवार्ता के दौरान प्रदेश अध्यक्ष ने ‘सपा के पाप का घड़ा’ लिखे एक घड़े को हथौड़े से तोड़ा। उन्होंने कहा कि सपा ने भले ही लोहिया के आदर्शों पर अपनी राजनीतिक यात्रा शुरू की, लेकिन उसकी तीन सरकारों का कार्यकाल ठीक नहीं रहा।
रामपुर तिराहा कांड, लखनऊ गेस्ट हाउस कांड, मुजफ्फरनगर दंगा, सहारनपुर दंगा, मथुरा का जवाहर बाग कांड, बुलंदशहर हाईवे गैंगरेप, बदायूं कांड, लैपटॉप घोटाला, जल निगम भर्ती घोटाला आदि को जनता भूली नहीं है। सपा का राजनीतिक सफर गंभीर विवादों से जुड़ा रहा है।
वर्ष 1994 के रामपुर तिराहा कांड का जिक्र करते हुए कहा कि उत्तराखंड राज्य की मांग कर रहे आंदोलनकारियों पर लाठीचार्ज और महिलाओं के साथ अभद्रता के अगले वर्ष 1995 में लखनऊ का गेस्ट हाउस कांड इस पार्टी की राजनीतिक कार्यशैली पर गंभीर सवाल खड़े करती है।
उन्होंने कहा कि वर्ष 2012 में अखिलेश यादव के मुख्यमंत्री बनने के बाद सत्ता का केंद्र परिवार ही रहा। डिंपल यादव को निर्विरोध कराने के लिए प्रतिद्वंद्वियों को धमकी दिए जाने, मुख्यमंत्री द्वारा लगभग 50 विभाग अपने पास रखने तथा चुनिंदा जिलों में बिजली आपूर्ति को प्राथमिकता दिए जाने से जनता परेशान रही। जेपीएनआइसी परियोजना की लागत 265 करोड़ रुपये से बढ़कर 865 करोड़ रुपये हो गई, 821 करोड़ रुपये खर्च के बाद भी यह परियोजना अधूरी रही।
