भारत को जाति, क्षेत्र और संकीर्ण स्वार्थों में बांटने वाली शक्तियों को सफल नहीं होने देना हो लक्ष्य : योगी आदित्यनाथ
CM Yogi Adityanath: मुख्यमंत्री ने कहा कि 1923 में गोरखपुर में गीता प्रेस की स्थापना, 1925 में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ और 1926 में अखिल विश्व गायत्री परिवार की स्थापना हुई।

डॉ.राम मनोहर लोहिया राष्ट्रीय विधि विश्वविद्यालय में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ
HighLights
लखनऊ में शिक्षक गौरव कार्यशाला का सीएम योगी आदित्यनाथ ने किया उद्घाटन
शिक्षक समाज की चेतना, जागरूक शिक्षक ही बनाएंगे विकसित भारत : मुख्यमंत्री
तीन वर्षों में गीता प्रेस, राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ और अखिल विश्व गायत्री परिवार जैसे संस्थानों ने जगाई जनचेतना
शिक्षक युवाओं को सनातन मूल्यों से जोड़कर विकसित भारत के निर्माण के लिए तैयार करें
जागरण संवाददाता, लखनऊ: मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि शिक्षक समाज की चेतना और राष्ट्र के भविष्य के निर्माता हैं। यदि शिक्षक अपने दायित्वों के प्रति जागरूक होकर युवा पीढ़ी का मार्गदर्शन करें तो भारत को विश्वगुरु बनने से कोई रोक नहीं सकता।
डॉ.राम मनोहर लोहिया राष्ट्रीय विधि विश्वविद्यालय के डॉ. बीआर अंबेडकर सभागार में रविवार को आयोजित शिक्षक गौरव कार्यशाला में मुख्य अतिथि शामिल हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि भारत को जाति, क्षेत्र और संकीर्ण स्वार्थों में बांटने वाली शक्तियों को सफल नहीं होने देना है। सामाजिक एकता के माध्यम से ही राष्ट्रीय एकता को मजबूत किया जा सकता है।
प्रांतीय शिक्षक गौरव कार्यशाला में मुख्यमंत्री ने कहा कि 1923 में गोरखपुर में गीता प्रेस की स्थापना, 1925 में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ और 1926 में अखिल विश्व गायत्री परिवार की स्थापना हुई। तीनों संस्थाओं के कार्यक्षेत्र और रास्ते अलग रहे, लेकिन लक्ष्य समाज में जनचेतना जगाना और भारतीय संस्कृति व सनातन मूल्यों से लोगों को जोड़ना रहा।
उन्होंने कहा कि अखिल विश्व गायत्री परिवार के संस्थापक पंडित श्रीराम शर्मा आचार्य स्वयं स्वतंत्रता संग्राम सेनानी थे। उन्होंने आध्यात्मिक शक्ति को राष्ट्र निर्माण से जोड़ने का काम किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि विचार कभी मरते नहीं हैं। संगठन विचार के आधार पर चलता है तो लंबे समय तक प्रभावी रहता है। अखिल विश्व गायत्री परिवार ने यज्ञ और गायत्री मंत्र के माध्यम से समाज में सकारात्मक चेतना जगाने तथा ‘वसुधैव कुटुंबकम’ की भावना को आगे बढ़ाने का कार्य किया है। अब इस विचार को वर्तमान चुनौतियों से जोड़ने की जरूरत है।
हमारी बड़ी ताकत थे संयुक्त परिवार
मुख्यमंत्री ने कहा कि पहले संयुक्त परिवार हमारी बड़ी ताकत थे। परिवार के सभी सदस्य एक-दूसरे के सुख-दुख में साथ खड़े रहते थे। आज परिवार बिखर रहे हैं। ऐसे समय में समाज और परिवार को जोड़ने वाली संस्थाओं की भूमिका और बढ़ जाती है। गायत्री परिवार बच्चों को संस्कार देने और गायत्री मंत्र से जोड़ने का कार्य कर रहा है।
भारत की ज्ञान परंपरा ने दुनिया को दी दिशा
सीएम योगी आदित्यनाथ ने कहा कि पंडित श्रीराम शर्मा ने धर्म और विज्ञान को एक-दूसरे का विरोधी नहीं, बल्कि सहयोगी माना। उन्होंने कहा कि शिक्षक युवा पीढ़ी को प्रतिस्पर्धा के लिए तैयार करने के साथ उसमें राष्ट्र के प्रति जिम्मेदारी और कर्तव्यबोध भी पैदा करें। चाणक्य-चंद्रगुप्त, महर्षि वशिष्ठ-श्रीराम और महर्षि सांदीपनि-श्रीकृष्ण की गुरुकुल परंपरा का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि भारत की ज्ञान परंपरा ने दुनिया को दिशा दी है।
‘एक पेड़ मां के नाम’ हमारा बड़ा अभियान
उन्होंने कहा कि हमने पर्यावरण संरक्षण को भी राष्ट्र निर्माण से जोड़ा। उन्होंने कहा कि प्रकृति किसी से भेदभाव नहीं करती। प्रधानमंत्री के ‘एक पेड़ मां के नाम’ अभियान के तहत प्रदेश में 2017 से 2026 तक 275 करोड़ पौधारोपण किया गया है। इस वर्ष भी 35 करोड़ पौधे लगाए गए हैं। नदियों को शरीर की धमनियों के समान बताते हुए उन्होंने कहा कि नदियों का संरक्षण और पुनर्जीवन आने वाली पीढ़ियों के लिए जरूरी है।
अधिकारों के साथ नागरिक कर्तव्यों का बोध जरूरी
मुख्यमंत्री ने शिक्षकों से 2047 तक विकसित भारत के संकल्प को जन-जन तक पहुंचाने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि अधिकारों के साथ नागरिक कर्तव्यों का बोध जरूरी है। शिक्षक नई पीढ़ी को विरासत के गौरव, सामाजिक समरसता और राष्ट्र निर्माण से जोड़कर भारत को विकसित राष्ट्र बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं। कार्यशाला में अखिल विश्व गायत्री परिवार के प्रमुख डा. चिन्मय पंड्या, जल शक्ति मंत्री स्वतंत्र देव सिंह विधायक डॉ.राजेश्वर सिंह समेत गायत्री परिवार से जुड़े प्रतिनिधि शामिल हुए।
