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राज्यसभा के लिए भाजपा ने खरीदे आठ नामांकन पत्र, इन दिग्गज नेताओं के नाम को लेकर चर्चाओं का बाजार गर्म

Published: Tue, 29 Sep 2026 09:52 PM (IST)

भाजपा उत्तर प्रदेश में राज्यसभा प्रत्याशियों के चयन को लेकर गहन मंथन कर रही है। पार्टी ने आठ नामांकन पत्र ...और पढ़ें

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HighLights

  1. भाजपा ने राज्यसभा के लिए आठ नामांकन पत्र खरीदे।

  2. उत्तर प्रदेश में प्रत्याशियों के नामों पर गहन चर्चा जारी।

  3. केंद्रीय मंत्री और विभिन्न समाजों के नाम विचाराधीन।

राज्य ब्यूरो, लखनऊ। भाजपा एक साथ कई मोर्चों पर कार्यकर्ताओं और पूर्व जनप्रतिनिधियों के समायोजन की कसरत कर रही है। संगठन बनाने के बीच ही राज्य सभा एवं विधान परिषद के प्रत्याशियों का नाम तय करने की चुनौती आ गई।

विधान परिषद के उम्मीदवारों की सूची जारी हो गई है, जबकि मंगलवार को भाजपा ने राज्यसभा के लिए आठ नामांकन पत्र खरीद लिया। किसका भाग्योदय होगा, इसको लेकर चर्चाओं का पारा चढ़ा हुआ है। दावेदार दिल्ली तक फोन पर पैरवी करवा रहे हैं। उधर, पार्टी दर्जनभर नामों का पूल बनाकर दिल्ली भेजेगी।

विधायकों की संख्या के आधार पर भाजपा दस से आठ सीटें जीत सकती है। केंद्रीय मंत्री बीएल वर्मा एवं हरदीप पुरी भी उत्तर प्रदेश से राज्य सभा भेजे गए हैं, जिन्हें मंत्रिमंडल में बरकरार रखने के लिए दोबारा उच्च सदन भेजना होगा।

क्या हो सकती है पार्टी की योजना?

पूर्व मुख्यमंत्री कल्याण सिंह के पुत्र राजबीर सिंह राजू भैया के जरिए लोध समाज में पैठ बढ़ाने का प्रयास हो सकता है। यूपी के डीजीपी रहे बृजलाल कोरी समाज से हैं, जिनकी जगह इस बार जाटव समाज के जुगल किशोर, पासी समाज के कौशल किशोर एवं वीपी सरोज, खटीक समाज के विद्यासागर सोनकर एवं विनोद सोनकर जैसे नामों पर चर्चा हो रही है। प्रदेश महामंत्री गीता शाक्य 2020 में राज्यसभा भेजी गई थीं। पार्टी उन्हें विधान सभा चुनाव लड़ा सकती है।

ऐसे में शाक्य समाज से ब्रज के पूर्व क्षेत्रीय अध्यक्ष दुर्गविजय शाक्य की संभावना बन सकती है। पूर्व सांसद नीरज शेखर, दर्शना सिंह एवं अरुण सिंह के रूप में तीन क्षत्रिय चेहरे राज्य सभा में थे, जिनकी जगह पार्टी सुरेश राणा के नाम की भी चर्चा है। पूर्व सांसद ब्रजभूषण सिंह भी दिल्ली में हैं। जौनपुर की सीमा द्विवेदी राज्य सभा भेजे जाने से पहले विधायक रही हैं।

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उनके अनुभव को देखते हुए पार्टी चुनावी टिकट दे सकती है। ब्राह्मण समाज से राष्ट्रीय महामंत्री हरीश द्विवेदी, पूर्व सांसद सुब्रत पाठक, एमएलसी गोविंद नारायण शुक्ल एवं पूर्व प्रदेश उपाध्यक्ष त्रयंबक त्रिपाठी में से किसी को पार्टी उच्च सदन भेज सकती है।

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पूर्व केंद्रीय मंत्री मेनका गांधी, पूर्व सांसद व उनके पुत्र वरुण गांधी और अनिल जैन का नाम दिल्ली से आगे बढ़ सकता है। राज्य सभा के लिए नामांकन की अंतिम तारीख छह अक्टूबर है, जबकि सात अक्टूबर को नामांकन पत्रों की जांच होगी। नौ अक्टूबर तक नाम वापसी होगी। जबकि 16 अक्टूबर को मतदान और मतगणना की जाएगी।