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नए साल में रफ्तार पकड़ेगा बाराबंकी-बहराइच एक्सप्रेसवे, 6 लेन के लिए मिट्टी परीक्षण और यार्ड का काम शुरू

Published: Fri, 30 Oct 2026 11:28 PM (IST)

बाराबंकी-बहराइच एक्सप्रेसवे का निर्माण कार्य जनवरी 2027 से शुरू होगा, भूमि अधिग्रहण में देरी के कारण अक्टूबर 2026 की समय ...और पढ़ें

इस फोटो को AI के माध्यम से तैयार किया गया है।

इस फोटो को AI के माध्यम से तैयार किया गया है।

जागरण संवाददाता, लखनऊ।

 

प्राधिकरण अफसरों ने बताया कि बाराबंकी से बहराइच के बीच राष्ट्रीय राजमार्ग-927 का निर्माण 6,969.04 करोड़ की लागत से बनना है। परियोजना का मुख्य उद्देश्य राज्य के प्रमुख आर्थिक और लाजिस्टिक केंद्रों के बीच निर्बाध कनेक्टिविटी प्रदान करना है। इस राष्ट्रीय राजमार्ग की लंबाई 101.51 किमी है।

एनएचएआइ के मुताबिक इस राष्ट्रीय राजमार्ग को हाइब्रिड एन्यूटी माडल (एचएएम) के तहत बनाया जाना है। यह राष्ट्रीय राजमार्ग सिर्फ दो जिलों को नहीं जोड़ेगा, बल्कि अंतरराष्ट्रीय व्यापार के लिए भी मील का पत्थर साबित होगा। नेपालगंज सीमा के माध्यम से भारत और नेपाल के बीच एक महत्वपूर्ण 'ट्रेड कारिडोर बनेगा'।

भूमि अधिग्रहण में 1574 करोड़ होंगे खर्च

परियोजना में 3,485.49 करोड़ से राजमार्ग का निर्माण होगा और भूमि अधिग्रहण में 1,574.85 करोड़ खर्च करना पड़ेगा। वहीं एनएचएआइ अफसरों ने बताया कि वन विभाग की 70 हेक्टेअर जमीन पर जो पेड़ काटे जाएंगे, उसके एवज में दस गुना पेड़ लगाए जाएंगे।

वहीं आठ से नौ करोड़ रुपये सत्तर हेक्टेअर जमीन का मुआवजा भी दिया जाएगा। अफसरों के मुताबिक, वन विभाग के कुल 35 हजार वृक्ष व पौधे हैं। इनमें नौ हजार तीन सौ पेड़ हैं। बाकी पेड़ नहीं पौधे हैं, सभी का व्यास तीस सेंटीमीटर से कम है।

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बाराबंकी से बहराइच के बीच छह लेन का काम प्रकिया में है। वर्तमान में कार्यदायी संस्था की मशीनें पहुंच गई है, यार्ड बन गया है। जमीन अधिग्रहण की प्रकिया पूरी होने में कुछ समय लग रहा है। कह सकते हैं कि जल्द ही काम जमीन पर शुरू हो जाएगा। -अब्दुल बासित, क्षेत्रीय अधिकारी, एनएचएआइ, लखनऊ।

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