वाराणसी में 150 करोड़ के निवेश से अरविंद लिमिटेड की टेक्सटाइल यूनिट शुरू, 1000 युवाओं को मिलेगा रोजगार
अहमदाबाद की टेक्सटाइल दिग्गज अरविंद लिमिटेड ने वाराणसी में ₹150 करोड़ की लागत से अत्याधुनिक विनिर्माण इकाई स्थापित की है।

इस फोटो को एआई टूल की मदद से बनाया गया है।
HighLights
₹150 करोड़ की लागत से वाराणसी में अरविंद लिमिटेड की टेक्सटाइल इकाई खोली।
यह इकाई लगभग 1,000 लोगों को रोजगार देगी, जिसमें 300 से अधिक महिलाएं।
इन्वेस्ट यूपी के सहयोग से 21 दिनों में मिली सभी आवश्यक वैधानिक मंजूरियां।
डिजिटल डेस्क, लखनऊ। उत्तर प्रदेश की निवेशक-अनुकूल नीतियों और त्वरित औद्योगिक सुविधाओं का लाभ उठाते हुए अहमदाबाद स्थित टेक्सटाइल दिग्गज 'अरविंद लिमिटेड' ने वाराणसी में ₹150 करोड़ की लागत से अत्याधुनिक टेक्सटाइल विनिर्माण इकाई स्थापित की है। माननीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा हाल ही में उद्घाटन की गई खोचवां स्थित 6 एकड़ में फैली यह इकाई लगभग 1,000 लोगों के लिए रोजगार के नए अवसर सृजित करेगी।
इन्वेस्ट यूपी द्वारा की गई प्रभावी हैंडहोल्डिंग और अंतर-विभागीय समन्वय के बल पर इस परियोजना को महज 21 दिनों के भीतर सभी आवश्यक वैधानिक मंजूरियां और एनओसी (NOC) प्रदान की गईं। इकाई में 300 से अधिक महिलाओं की भर्ती कर उनका प्रशिक्षण शुरू कर दिया गया है, जहां अंतरराष्ट्रीय ब्रांड्स के लिए स्पोर्ट्सवियर और इनरवेयर का निर्माण होगा।
नई इकाई में अंतरराष्ट्रीय स्तर के प्रमुख ब्रांडों के लिए स्पोर्ट्सवियर और इनरवेयर का निर्माण किया जाएगा। इससे वाराणसी और पूर्वांचल में टेक्सटाइल एवं गारमेंट मैन्युफैक्चरिंग की संभावनाओं को बढ़ावा मिलेगा। यह परियोजना उत्तर प्रदेश में निवेश प्रस्तावों को समयबद्ध तरीके से धरातल पर उतारने और औद्योगिक विकास को गति देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है।
'ईज ऑफ डूइंग बिजनेस' का उदाहरण बनी वाराणसी की टेक्सटाइल परियोजना
इस परियोजना को गति देने में इन्वेस्ट यूपी ने सिंगल-विंडो समन्वय एजेंसी और निवेशक सुविधा भागीदार के रूप में अहम भूमिका निभाई। कंपनी, वाराणसी जिला प्रशासन और संबंधित विभागों के बीच निरंतर समन्वय स्थापित कर वैधानिक प्रक्रियाओं को सरल बनाया गया तथा लंबित मुद्दों का समयबद्ध समाधान सुनिश्चित किया गया।
वाराणसी जिला प्रशासन ने भूमि संबंधी मामलों और आवश्यक वैधानिक अनुमतियों के निस्तारण में सक्रिय सहयोग दिया। इसके तहत भूमि विनिमय से जुड़े मुद्दे का समाधान, उत्तर प्रदेश राजस्व संहिता की धारा 80 के अंतर्गत अनुमति प्राप्त करने में तेजी और भूजल अनापत्ति प्रमाणपत्र (एनओसी) के लिए जिला एवं राज्य स्तरीय अधिकारियों के साथ समन्वय किया गया।
महज 21 दिनों में पूरी हुईं प्रमुख वैधानिक प्रक्रियाएं
इन्वेस्ट यूपी के निरंतर फॉलो-अप और अंतर-विभागीय समन्वय के परिणामस्वरूप लगभग 21 दिनों के भीतर प्रमुख स्वीकृतियां और वैधानिक मंजूरियां प्राप्त की गईं। इनमें उत्तर प्रदेश प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड से कंसेंट टू एस्टेब्लिश (CTE) और कंसेंट टू ऑपरेट (CTO), फायर एनओसी, भूजल एनओसी, धारा 80 के तहत अनुमति, श्रम विभाग से फैक्ट्री पंजीकरण तथा जिला पंचायत वाराणसी से भवन मानचित्र की स्वीकृति शामिल हैं।
कई विभागों और वैधानिक प्राधिकरणों से जुड़ी प्रक्रियाओं के बावजूद समर्पित निगरानी, नियमित फॉलो-अप और समयबद्ध हस्तक्षेप से प्रक्रियात्मक देरी कम हुई और परियोजना को तेजी से क्रियान्वित करने में मदद मिली।
यह निवेश उत्तर प्रदेश में औद्योगिक गतिविधियों के विस्तार, स्थानीय रोजगार सृजन और महिला कार्यबल की बढ़ती भागीदारी को दर्शाता है। मजबूत बुनियादी ढांचे, 36 से अधिक क्षेत्र विशिष्ट नीतियों और निवेशक सुविधा तंत्र के साथ प्रदेश विनिर्माण क्षेत्र में नई क्षमताएं विकसित करते हुए अपनी ट्रिलियन-डॉलर अर्थव्यवस्था की परिकल्पना को साकार करने की दिशा में आगे बढ़ रहा है।
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