विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Jul 04, 2017 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

अच्छा काम करने पर मिला ज्यादा फंड, इसमें गलत क्या है: अपर्णा यादव

By amal chowdhuryEdited By:
Published: Tue, 04 Jul 2017 09:30 AM (IST)Updated: Tue, 04 Jul 2017 01:53 PM (IST)

इसके बाद मामले ने काफी तुल पकड़ लिया, जिस पर ​अपर्णा यादव ने एक न्यूज एजेंसी से बात करते हुए अपना पक्ष रखा।

अच्छा काम करने पर मिला ज्यादा फंड, इसमें गलत क्या है: अपर्णा यादव
अच्छा काम करने पर मिला ज्यादा फंड, इसमें गलत क्या है: अपर्णा यादव

लखनऊ (जेएनएन)। उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री और समाजवादी पार्टी के सरंक्षक मुलायम सिंह यादव की छोटी बहू अपर्णा यादव के एनजीओ को सपा सरकार में हुई फंडिंग का मामला सामने आया है। गौसेवा आयोग की ओर से किए गए अनुदान का 86 प्रतिशत अपर्णा के एनजीओ को दिया गया है।

इसके बाद मामले ने काफी तुल पकड़ लिया। जिस पर ​अपर्णा यादव ने एक न्यूज एजेंसी से बात करते हुए अपना पक्ष रखा। उन्होंने कहा, 'आयोग द्वारा अनुदान देने में गलत क्या है? अगर कुछ संगठन पशुओं के कल्याण के लिए अच्छा काम कर रहे तो उन्हें वित्तीय मदद क्यों नहीं की जानिए चाहिए?'

समाजवादी पार्टी के कार्यकाल के दौरान गौशालाओं को दिए जाने वाले सरकारी आवंटन का 86 फीसद, पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव की भाभी और मुलायम सिंह यादव के दूसरे बेटे प्रतीक यादव की पत्नी अपर्णा यादव के एनजीओ को मिले थे। इस बात का खुलासा एक आरटीआई के जरिए हुआ।

यह भी पढ़ें: अच्छी खबर: यूपी बोर्ड के टॉपर करें आवेदन, मिलेगी स्कॉलरशिप

राज्य में अखिलेश यादव के कार्यकाल के दौरान, गौसेवा आयोग से मिलने वाले गौशाला फंड्स का बड़ा हिस्सा अपर्णा याजव के एनजीओ जीव आश्रय को गया है। सामाजिक कार्यकर्ता नूतन ठाकुर की ओर से पूछे गए सवाल के जवाब में यूपी गौ सेवा आयोग ने अपने जवाब में कहा कि सपा सरकार के पांच सालों के कार्यकाल में कुल 9.66 करोड़ रुपए की धनराशि स्वीकृत की गई थी, जिसमें से 8 करोड़ 35 लाख रुपए अपर्णा के जीव आयोग एनजीओ को दिया गया है।

यह भी पढ़ें: फॉरेंसिक रिपोर्ट में खुलासा, लखनऊ में हुए तेजाब हमले की कहानी गलत