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उत्तर प्रदेश में एक बार फिर चुनावी कमान संभाल सकते हैं अमित शाह, मिशन-2027 के लिए तैयार किया खास प्लान

Published: Sat, 31 Oct 2026 05:30 AM (GMT+05:30)Updated: Sat, 31 Oct 2026 06:06 AM (GMT+05:30)

केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह उत्तर प्रदेश में भाजपा के मिशन-2027 की कमान संभाल सकते हैं, कार्यकर्ताओं का मनोबल बढ़ाने और चुनावी रणनीति मजबूत करने पर जोर देंगे।

केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह।

केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह।

HighLights

  1. शाह संभालेंगे यूपी में भाजपा की चुनावी कमान।

  2. मिशन-2027 के लिए कार्यकर्ताओं को करेंगे प्रोत्साहित।

  3. अयोध्या दीपोत्सव में मुख्य अतिथि होंगे अमित शाह।

संतोष शुक्ल, लखनऊ। ‘मैं चुनाव में कार्यकर्ताओं से बार-बार मिलूंगा। बस अपनी भूमिका का हिसाब रखना। अपना बही खाता दुरुस्त रखना।’ एममलसी चुनाव में निराशाजनक परिणामों के बीच केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह का यह बयान पार्टी के लिए चुनावी दृष्टि से विशेष महत्व रखता है। उन्होंने संकेत दिया कि वह मिशन-2027 की कमान संभाल सकते हैं।

शाह ने जिस प्रकार वर्ष 2014 में प्रभारी के रूप में उप्र को मथने का अनुभव साझा किया, साथ ही कार्यकर्ताओं के मनोविज्ञान को भांपते हुए उन्हें निराशा से निकालकर प्रोत्साहित किया, उससे साफ है कि वह प्रदेश में अपनी दृष्टि से व्यूहरचना करेंगे। शाह अयोध्या में आयोजित होने वाले दीपोत्सव के भी मुख्य अतिथि होंगे। राजनीतिक पंडितों का कहना है कि इस बहाने उप्र में शाह की आवाजाही बढ़ने से पार्टी का मनोबल उठेगा।

प्रदेश कार्यसमिति की बैठक में राज्य के सभी प्रमुख पदाधिकारियों को संबोधित करते हुए शाह की दृष्टि उप्र की चुनावी सेहत पर टिकी नजर आई। उन्होंने यूपी में भाजपा सरकार बनाने को लेकर उन्हीं कार्यकर्ताओं पर भरोसा जताया, जिनको बूथ मंत्र के जरिये एक साथ जोड़कर पार्टी ने 2014 व 2017 में प्रचंड बहुमत प्राप्त किया था।

याद दिलाई 2014 की बात

याद दिलाया कि प्रदेश प्रभारी रहने के दौरान मैंने 2014 में इलाहाबाद में कहा था कि हम सत्ता में तीस साल तो हैं ही, जो कार्यकर्ताओं के परिश्रम से चरितार्थ होगी। शाह ने अनुभव साझा करते हुए उप्र के चुनावी महत्व को रेखांकित कर साफ किया कि दिल्ली के लिए यह प्रदेश क्यों बेहद अहम है। कहा कि ‘दिल्ली में लोग मुझसे पूछते थे आप हरियाणा, उत्तराखंड व बिहार में अपनी सरकार बनाने की बात कहते रहे हैं, लेकिन उप्र पर कुछ क्यों नहीं कहते? मैंने कहा कि यूपी में अंगद का पांव है भाजपा सरकार।’

साफ है कि वह उत्तर प्रदेश में पार्टी की पकड़ हर परिस्थिति में मजबूत रखने का प्रयास करेंगे। उनके संबोधन से यह संकेत उभरा कि पार्टी योगी के चेहरे पर ही चुनाव लड़ेगी। एयरपोर्ट से लेकर मंच तक हर जगह शाह और योगी के बीच भरपूर गर्मजोशी नजर आई।

प्रदेश अध्यक्ष पंकज चौधरी ने अपने संबोधन में कहा था कि जहां-जहां अमित शाह चुनावी कमान संभालते हैं, वहां विजय मिलती है। इसे भी शाह के यूपी में आने से जोड़कर देखा जा रहा है। पिछले दिनों पूर्व केंद्रीय मंत्री डा. संजीव बालियान भी शाह की रणनीति की प्रशंसा कर चुके हैं। पार्टी में चर्चा है कि शाह उत्तर प्रदेश के सभी संगठनात्मक छह क्षेत्रों में पहुंचकर बूथ अध्यक्षों और शक्ति केंद्र संयोजकों से संवाद करेंगे।

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पिछले दिनों राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ और भाजपा के बीच समन्वय बैठकों में कार्यकर्ताओं की पीड़ा उभरी। राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन के मेरठ व सहारनपुर दौरे में भी जनप्रतिनिधियों और संगठन के विरोध में कार्यकर्ताओं के स्वर उभरे थे। पार्टी भी मान रही है कि अमित शाह के कमान संभालने पर कार्यकर्ताओं का मनोबल बढ़ेगा।

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