विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Aug 27, 2017 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

भाजपा विधायक संगीत सोम पर पार्टी का विरोध करने का आरोप

By Dharmendra PandeyEdited By:
Published: Sun, 27 Aug 2017 12:07 PM (GMT+05:30)Updated: Sun, 27 Aug 2017 05:31 PM (GMT+05:30)

भाजपा विधायक संगीत सोम पर गंभीर आरोप है कि वह पार्टी से बगावत कर रहे हैं। उनके खिलाफ पार्टी विरोधी गतिविधियां करने का आरोप भी लगाया गया है।

भाजपा विधायक संगीत सोम पर पार्टी का विरोध करने का आरोप
भाजपा विधायक संगीत सोम पर पार्टी का विरोध करने का आरोप

लखनऊ (जेएनएन)। मुजफ्फनगर दंगे के समय सुर्खियां बटोरने वाले भारतीय जनता पार्टी के विधायक संगीत सोम आजकल फिर चर्चा में हैं। मेरठ के सरधना से विधायक पर गंभीर आरोप मेरठ के भारतीय जनता पार्टी के जिलाध्यक्ष ने लगाया है। 

भाजपा विधायक संगीत सोम पर गंभीर आरोप है कि वह पार्टी से बगावत कर रहे हैं। उनके खिलाफ पार्टी विरोधी गतिविधियां करने का आरोप भी लगाया गया है। उनके खिलाफ पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष और उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य के पास पत्र प्रेषित किया गया है। पत्र ने प्रदेश की राजनीती में हलचल पैदा कर दी है। 

मेरठ के भाजपा जिलाध्यक्ष ने पत्र लिखा है, जिसमे पार्टी के एक फायर ब्रांड समझे जाने वाले विधायक को पार्टी के खिलाफ जाना और पार्टी विरोधियों के साथ मिलकर भाजपा को हराने की रणनीति तैयार करने जैसे आरोप इस पत्र के जरिये लगाए गए हैं। जिसको मेरठ के जिलाध्यक्ष शिवकुमार राणा ने 13 अगस्त को लिखा है।

इस पत्र में पिछले दिनों हुए जिला पंचायत चुनाव में बागी बने सरधना विधान सभा के विधायक संगीत सोम और कुछ भाजपा के जिला पंचायत सदस्य पर जिला अध्यक्ष ने आरोप लगाया है। इनके खिलाफ पार्टी विरोधी कार्य करने किया है। यही नहीं विधायक संगीत सोम पर आने वाले 2019 के संसदीय चुनाव से पहले ही एंटी भाजपा गठबंधन बनाना। जिसका नेतृत्व भी संगीत सोम कर रहे हैं।

संगीत सोम समाजवादी पार्टी के कैबिनेट मंत्री रहे शाहिद मंजूर और बसपा के पूर्व विधायक योगेश वर्मा के साथ मिलकर भाजपा को हराने का काम कर रहे हैं। जिलाध्यक्ष ने साफ कर दिया कि जो भी पार्टी विरोधी काम करेगा उसकी जानकारी देना मेरा फर्ज है। कार्रवाई करना न करना ये प्रदेश अध्यक्ष का काम है।

यह भी पढ़ें:सीएम योगी का विवादित जमीनों की तीन माह में पैमाइश कराने का निर्देश

भाजपा मेरठ जिलाध्यक्ष शिवकुमार राणा ने कहा कि प्रदेश अध्यक्ष हमारे मुखिया हैं। अगर मुझे कहीं कमी दिखाई देगी या मुझे कहीं ऐसा लगेगा तो मेरा नैतिक कर्तव्य है कि प्रदेश अध्यक्ष को जानकारी देना मेरा फर्ज है। उसकी जांच हो जो भी वो निर्णय लें नाम लेना मेरा ठीक नहीं नाम तो आपके पास है ही।

यह भी पढ़ें: योगी आदित्यनाथ मंत्रिमंडल से स्वतंत्रदेव सिंह या मोहसिन रजा की होगी छुट्टी

दो-तीन भाजपा के जिला पंचायत सदस्य थे और विधायक का जो गठजोड़ मुझे दिखा। उसके लिए पत्र प्रदेश अध्यक्ष को लिखा कि प्रदेश अध्यक्ष जो भी निर्णय लेंगे, उसका पालन होगा।

यह भी पढ़ें: अंसल एपीआइ के चेयरमैन के खिलाफ लखनऊ में छेड़खानी का मुकदमा

भारतीय जनता पार्टी को मजबूत करने के लिए यदि हमें कहीं कोई कमी दिखाई देगी तो उसके लिए प्रदेश नेतृत्व को अवगत कराएँगे। यदि हमें कहीं दिखाई देता है कि पार्टी के हित में नहीं है।