विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

योजनाओं में वोटर कार्ड की अनिवार्यता पर सपा का हमला, अखिलेश बोले- क्या तीन करोड़ लोगों को नहीं मिलेगा स्कीमों का लाभ?

Published: Sun, 08 Nov 2026 02:00 AM (IST)

सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने केंद्रीय मंत्री ललन सिंह के सरकारी योजनाओं में वोटर आईडी अनिवार्य करने के बयान पर भाजपा को घेरा।

सपा प्रमुख अखिलेश यादव।

सपा प्रमुख अखिलेश यादव।

HighLights

  1. अखिलेश यादव ने वोटर आईडी अनिवार्यता पर भाजपा को घेरा।

  2. तीन करोड़ लोगों को सरकारी योजनाओं से वंचित होने की आशंका।

  3. सपा ने मतदाता सूची को आधार से जोड़ने की मांग की।

राज्य ब्यूरो, लखनऊ। समाजवादी पार्टी केंद्रीय मंत्री राजीव रंजन सिंह उर्फ ललन सिंह के सरकारी योजनाओं के लाभ के लिए आधार कार्ड की जगह मतदाता पहचान पत्र को अनिवार्य करने के बयान को मुद्दा बनाने की कोशिश में जुट गई है।

सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने शनिवार को कहा कि भाजपा सरकार के मंत्री ये भी साफ कर दें कि क्या अब बच्चों को ‘मिड-डे मील’ का खाना नहीं परोसा जाएगा क्योंकि वो तो वयस्क नहीं हुए हैं तो फिर उनका वोटर आईडी या एपिक नंबर कहां से आएगा? ये तो लाभार्थी योजना ही है।

इसका मतलब तो ये भी हुआ कि उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री द्वारा दिए गए आंकड़े के अनुसार अब 1.27 करोड़ बहुसंख्यक वोटर लाभार्थी नहीं रहेंगे और इसमें अगर अन्य हटाए जा रहे नामों को भी जोड़ दिया जाए तो ये आंकड़ा लगभग तीन करोड़ जनता का हक-अधिकार छीन लेगा।

'छीन लिया जाएगा सरकारी योजनाओं का लाभ'

शनिवार को पार्टी ओर से जारी बयान में सपा प्रमुख ने कहा कि इस हिसाब से जिन सीनियर सिटीजन बुजुर्गों की बहुत ज्यादा उम्र होने पर फिंगरप्रिंट या आंख की समस्या होने पर आइरिस से बायोमेट्रिक संभव नहीं होता, उनसे सरकारी योजनाओं का लाभ छीन लिया जाएगा।

हर पीडीए प्रहरी से अपील है कि केंद्रीय मंत्री का वीडियो दिखाकर जनता को बताएं कि कैसे भाजपा सरकारी योजनाओं का लाभ हड़पने की कोशिश कर रही है। इसीलिए वोट बनना कितना जरूरी है।

सपा प्रमुख ने कहा कि भाजपा फर्जी और दूसरे राज्यों के वोटरों को उप्र में मतदाता बनाने की साजिश कर रही है। चुनाव आयोग राशन कार्ड धारकों में से मतदाता ढूंढ रहा है। आयोग ने भाजपा के इशारे पर फार्म-6 से घोषणा पत्र को हटा दिया है।

यह भी पढ़ें- अखिलेश के अयोध्या दौरे की बात पर यूपी की सियासत गरमाई, पंकज चौधरी बोले- चुनाव आते ही क्यों आई रामलला की याद?

यह बहुत बड़ी साजिश है। चुनाव आयोग को इस पर जवाब देना चाहिए। उन्होंने आशंका जताते हुए कहा कि कहीं ऐसा न हो कि चुनाव से पहले पार्टियों को दूसरी मतदाता सूची दी जाए और चुनाव के दिन दूसरी सूची से मतदान हो। ये साजिश पहले भी होती रही है, इसलिए हमारी अपील है कि मतदाता सूची को आधार से जोड़ा जाए।

देश और दुनिया की ताजा खबरों के लिए Hindi News देखें। Live Cricket Score , IPO Listings, Shiv Chalisa, राशिफल और दुर्गा चालीसा पर अन्य जानकारी पाएं।