गोरखपुर में हुई मारपीट पर अखिलेश यादव का कड़ा एक्शन, सपा की जिला व महानगर कार्यकारिणी भंग
गोरखपुर में समाजवादी पार्टी के नेताओं के बीच हुई मारपीट की घटना को अखिलेश यादव ने गंभीरता से लिया है। ...और पढ़ें

HighLights
गोरखपुर में सपा नेताओं के बीच हुई मारपीट की घटना।
अखिलेश यादव ने सभी जिला व महानगर इकाइयां भंग कीं।
मारपीट मामले में 12 सपा नेताओं पर मुकदमा दर्ज।
राज्य ब्यूरो, लखनऊ। गोरखपुर में शनिवार को समाजवादी पार्टी के नेताओं के बीच हुई मारपीट व एक दूसरे को थप्पड़ मारने की घटना को सपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने गंभीरता से लिया है। उन्होंने गोरखपुर की पार्टी की सभी जिला और महानगर इकाइयों को तत्काल प्रभाव से भंग कर दिया है। सपा कार्यालय द्वारा इस संबंध में जारी पत्र के अनुसार गोरखपुर के जिलाध्यक्ष सहित जिला कार्यकारिणी, महानगर अध्यक्ष एवं महानगर कार्यकारिणी के साथ-साथ सभी प्रकोष्ठों के जिला और महानगर अध्यक्षों तथा उनकी कार्यकारिणी को भंग किया गया है।
इसके अलावा समाजवादी पार्टी की प्रदेश कार्यकारिणी में शामिल गोरखपुर के सभी पदाधिकारियों और सदस्यों को भी उससे बाहर कर दिया गया है। गौरतलब है कि शनिवार को ‘लोकतंत्र बचाओ सप्ताह’ के कार्यक्रमों की जानकारी देने के लिए गोरखपुर प्रेस क्लब में सपा की प्रेस कान्फ्रेंस थी, जहां कुर्सी पर बैठने को लेकर शुरू हुआ विवाद हाथापाई तक पहुंच गया। गोरखपुर ग्रामीण विधान सभा क्षेत्र से टिकट की दावेदारी कर रहे अंशुमान सिंह के बेटे कमलेश सिंह ने पार्टी के पूर्व जिलाध्यक्ष नगीना साहनी को थप्पड़ जड़ दिया।
इसके बाद दोनों पक्षों में भिड़ंत हुई। हाल में ही जेल में बंद रहे सपा नेता जफर अमीन डक्कू और स्थानीय नेताओं के बीच भी खींचतान सामने आई थी। हालांकि प्रेस क्लब की घटना के बाद सपा ने बांसगांव के पूर्व अध्यक्ष अंशुमान सिंह को पार्टी से निष्कासित कर दिया था। नई कार्यकारिणी के गठन और आगे की संगठनात्मक प्रक्रिया को लेकर अभी जानकारी नहीं दी गई है।
सपा जिलाध्यक्ष, पूर्व मंत्री-विधायक समेत 12 पर मारपीट, बलवा का केस
सपा की प्रेसवार्ता में मारपीट के मामले में पुलिस ने सपा नेताओं विरुद्ध मुकदमा दर्ज किया है। गोरखपुर जर्नलिस्ट प्रेस क्लब के अध्यक्ष ओंकारधर द्विवेदी की तहरीर पर दर्ज मुकदमे में सपा के निवर्तमान जिलाध्यक्ष बृजेश गौतम, महानगर अध्यक्ष शब्बीर कुरैशी, पूर्व जिलाध्यक्ष प्रहलाद यादव, पूर्व मंत्री मोहसिन खान, पूर्व विधायक विजय बहादुर यादव, अभिनेत्री व सपा नेता काजल निषाद समेत 12 लोगों को आरोपित बनाया गया है।
इन पर मारपीट, बलवा, गाली-गलौज और धमकी देने का आरोप है। तहरीर में ओंकारधर द्विवेदी ने बताया कि प्रेसवार्ता के दौरान विवाद और मारपीट शुरू होने से पत्रकारों को अपनी सुरक्षा के लिए वहां से हटना पड़ा। तहरीर में कुछ लोगों पर असलहा लेकर प्रेस क्लब पहुंचने का भी आरोप है। इसी मामले में शनिवार को पूर्व जिलाध्यक्ष रामनगीना साहनी ने सपा से निष्कासित किए गए अंशुमान सिंह, उनके बेटे कमलेश, विमलेश समेत 12 अज्ञात लोगों के विरुद्ध भी कैंट थाने में हत्या के प्रयास, मारपीट और बलवा की धाराओं में मुकदमा दर्ज कराया है।
