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Ganga Expressway के बाद उत्तर प्रदेश में बनेंगे 11 और नए एक्सप्रेसवे, भूमि अधिग्रहण का काम शुरू

Published: Tue, 28 Apr 2026 12:30 PM (IST)

Ganga Expressway | प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी हरदोई में 594 किलोमीटर लंबे गंगा एक्सप्रेसवे का लोकार्पण करेंगे, जिससे उत्तर प्रदेश का एक्सप्रेसवे नेटवर्क 1910 किलोमीटर हो जाएगा।

HighLights

  1. प्रधानमंत्री मोदी हरदोई में गंगा एक्सप्रेसवे का लोकार्पण करेंगे।

  2. उत्तर प्रदेश का एक्सप्रेसवे नेटवर्क 60% से अधिक होगा।

  3. राज्य में 2029 तक 3200 किलोमीटर एक्सप्रेसवे का लक्ष्य।

मनोज त्रिपाठी, लखनऊ। Ganga Expressway | प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी 594 किलोमीटर लंबे नवनिर्मित गंगा एक्सप्रेसवे का हरदोई में बुधवार को जब लोकार्पण करेंगे तो प्रदेश में संचालित एक्सप्रेसवे परियोजनाओं की कुल लंबाई 1910 किलोमीटर हो जाएगी।

इसके साथ ही देश के एक्सप्रेसवे नेटवर्क में उत्तर प्रदेश की हिस्सेदारी 60 प्रतिशत से अधिक हो जाएगी। एक्सप्रेसवे परियोजनाओं की शृंखला में 29 अप्रैल से मेरठ से प्रयागराज तक बने प्रदेश के सबसे बड़े गंगा एक्सप्रेसवे के जुड़ने के साथ ही निर्माणाधीन लखनऊ-कानपुर एक्सप्रेसवे का भी मई में लोकार्पण होना है।

इसका संचालन शुरू होने के बाद राज्य में संचालित एक्सप्रेसवे की कुल लंबाई 1973 किलोमीटर हो जाएगी। लखनऊ-कानपुर एक्सप्रेसवे का निर्माण भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण करा रहा है। बाकी एक्सप्रेसवे का निर्माण उत्तर प्रदेश एक्सप्रेसवे औद्योगिक विकास प्राधिकरण (यूपीडा) ने कराया है।

गंगा एक्सप्रेसवे राज्य सरकार की महत्वपूर्ण परियोजना है। इसका शिलान्यास प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने 18 दिसंबर 2021 को किया था। इसके एक वर्ष बाद भूमि अधिग्रहण का कार्य पूरा करने और डिजाइन फाइनल होने के बाद नवंबर 2022 में इस परियोजना पर यूपीडा ने काम शुरू किया था।

छह लेन के इस प्रवेश नियंत्रित ग्रीन फील्ड एक्सप्रेसवे का निर्माण यूपीडा ने भविष्य में आठ लेन में विस्तारित करने के हिसाब से कराया है।

राज्य के 12 जिलों मेरठ, हापुड़, बुलंदशहर, अमरोहा, संभल, बदायूं, शाहजहांपुर, हरदोई, उन्नाव, रायबरेली, प्रतापगढ़ और प्रयागराज के 519 गांवों से होकर गुजरने वाले इस एक्सप्रेसवे के निर्माण पर सरकार ने 36,230 करोड़ रुपये खर्च किए हैं। यह एक्सप्रेसवे पश्चिम उप्र को प्रदेश के पूर्वी हिस्से से सीधी कनेक्टिविटी प्रदान करेगा। इससे राज्य के औद्योगिक विकास सहित व्यापार व लोगों का आवागमन सुगम होगा।

वर्ष 2029 तक हो जाएगी 3200 किलोमीटर की कनेक्टिविटी

सरकार के निर्देश पर यूपीडा ने 11 नए एक्सप्रेसवे व लिंक एक्सप्रेसवे परियोजनाओं पर भी काम शुरू कर दिया है। इनके लिए भूमि अधिग्रहण का कार्य किया जा रहा है।

भूमि अधिग्रहण का कार्य भी इस वर्ष तक पूरा किए जाने का लक्ष्य यूपीडा ने रखा है। वर्ष 2029 तक इन 11 एक्सप्रेसवे परियोजनाओं के पूरा होने के बाद राज्य में एक्सप्रेसवे की कुल लंबाई 1910 किलोमीटर से बढ़कर 3200 किलोमीटर हो जाएगी।

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वर्तमान में यूपी में संचालित एक्सप्रेसवे

  • यमुना एक्सप्रेसवे : 165 किलोमीटर
  • आगरा-लखनऊ एक्सप्रेसवे : 302 किलोमीटर
  • पूर्वांचल एक्सप्रेसवे : 341 किलोमीटर
  • बुंदेलखंड एक्सप्रेसवे : 296 किलोमीटर
  • गोरखपुर लिंक एक्सप्रेसवे : 91 किलोमीटर
  • नोएडा-ग्रेटर नोएडा एक्सप्रेसवे: (25 किमी)
  • दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेसवे: (96 किमी)

(इन सभी एक्सप्रेसवे की कुल लंबाई 1316 किलोमीटर है।)

मेरठ से प्रयागराज तक हैं 453 अंडर पास और 795 पुलिया मेरठ से प्रयागराज तक बन रहा गंगा एक्सप्रेसवे पर वाहनों की रफ्तार निर्बाध रखने के लिए बड़े पैमाने पर पुलों और अंडरपास का निर्माण किया गया है।

एक्सप्रेसवे की मुख्य संरचनाएं इस प्रकार हैं-

  • बड़े पुल: 14
  • छोटे पुल: 165
  • फ्लाईओवर: 32
  • रेलवे ओवरब्रिज (आरओबी): 07
  • वाहन अंडरपास: 453
  • पुलिया: 795
  • इंटरचेंज: 17
  • हवाई पट्टी : 3.5 किलोमीटर लंबीजन सुविधा सेंटर : 09
  • रैंप टोल प्लाजा : 19
  • मुख्य टोल प्लाजाः 02 (मेरठ व प्रयागराज)

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