गंगा एक्सप्रेसवे: मेरठ से प्रयागराज तक विकास की नई 'लाइफलाइन', यूपी बनेगा ग्लोबल मैन्युफैक्चरिंग हब
योगी सरकार गंगा एक्सप्रेसवे को उत्तर प्रदेश का सबसे बड़ा इंटीग्रेटेड मैन्युफैक्चरिंग और लॉजिस्टिक्स कॉरिडोर बना रही है। यह 594 ...और पढ़ें

HighLights
गंगा एक्सप्रेसवे बनेगा यूपी का सबसे बड़ा लॉजिस्टिक्स कॉरिडोर।
12 जिलों के स्थानीय उत्पादों को मिलेगा वैश्विक बाजार।
कृषि आधारित उद्योगों और युवाओं को मिलेगा रोजगार।
डिजिटल टीम, लखनऊ। उत्तर प्रदेश की योगी सरकार ने प्रदेश के बुनियादी ढांचे को आर्थिक महाशक्ति बनाने का मास्टर प्लान तैयार कर लिया है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के विजन के अनुरूप गंगा एक्सप्रेसवे अब महज एक सड़क नहीं, बल्कि उत्तर प्रदेश का सबसे बड़ा इंटीग्रेटेड मैन्युफैक्चरिंग और लॉजिस्टिक्स कॉरिडोर (IMLC) बनने जा रहा है। 594 किलोमीटर लंबा यह एक्सप्रेसवे मेरठ से प्रयागराज के बीच पड़ने वाले हर जिले की स्थानीय ताकत को वैश्विक बाजार से जोड़ने का माध्यम बनेगा। सरकार का मुख्य फोकस क्षेत्रीय संसाधनों के अधिकतम उपयोग पर है, ताकि पश्चिमी यूपी से लेकर संगम नगरी तक समृद्धि का एक नया गलियारा तैयार हो सके।
12 जिलों की 12 ताकतें: स्थानीय उत्पादों को मिलेगा वैश्विक मंच
उत्तर प्रदेश एक्सप्रेसवे औद्योगिक विकास प्राधिकरण (UPEIDA) इस कॉरिडोर पर 12 विशिष्ट इंडस्ट्रियल नोड्स विकसित कर रहा है। एक्सप्रेसवे की सबसे बड़ी खूबी यह है कि यह हर जिले की खास पहचान (ODOP) को उद्योगों से जोड़ रहा है।
मेरठ और बुलंदशहर: दिल्ली और जेवर एयरपोर्ट की निकटता के कारण ये जिले डेटा सेंटर, स्पोर्ट्स गुड्स और लॉजिस्टिक्स के बड़े केंद्र के रूप में उभर रहे हैं।
अमरोहा और संभल: यहाँ के पारंपरिक हस्तशिल्प (ढोलक और हॉर्न-बोन क्राफ्ट) को अब एक्सप्रेसवे के जरिए सीधे अंतर्राष्ट्रीय निर्यात चैनलों तक पहुँचाया जाएगा।
शाहजहांपुर और बदायूं: शाहजहांपुर में निर्मित 3.5 किमी लंबी हवाई पट्टी सामरिक सुरक्षा के साथ-साथ औद्योगिक निवेश के द्वार खोल रही है, वहीं बदायूं में विशाल इंडस्ट्रियल टाउनशिप आकार ले रही है।
प्रतापगढ़ और प्रयागराज: प्रतापगढ़ के आंवले को अब ग्लोबल ब्रांडिंग मिलेगी, जबकि एक्सप्रेसवे का अंतिम छोर प्रयागराज को आस्था के साथ-साथ कमर्शियल हब के रूप में स्थापित करेगा।
किसानों और युवाओं के लिए समृद्धि का द्वार
यह एक्सप्रेसवे ग्रामीण अर्थव्यवस्था में क्रांतिकारी बदलाव लाने वाला है। हापुड़, हरदोई और उन्नाव जैसे जिलों में कृषि आधारित उद्योगों (Agro-Processing) को बढ़ावा दिया जा रहा है।
हरदोई में प्रस्तावित नॉलेज और टेक्सटाइल पार्क युवाओं को स्थानीय स्तर पर रोजगार देंगे।
उन्नाव अब लखनऊ और कानपुर के साथ मिलकर एक "ट्राई-सिटी इकोनॉमिक मॉडल" का हिस्सा बन गया है, जिससे लेदर एक्सपोर्ट को नई गति मिलेगी।
कनेक्टिविटी और सुरक्षा का बेजोड़ संगम
गंगा एक्सप्रेसवे न केवल यात्रा के समय को आधा कर देगा, बल्कि यह रणनीतिक रूप से भी अत्यंत महत्वपूर्ण है। मेरठ के बिजौली से शुरू होकर प्रयागराज के जुदापुर डांडू तक फैला यह मार्ग उत्तर प्रदेश को देश का 'एक्सप्रेसवे प्रदेश' बनाने की दिशा में सबसे बड़ा कदम है। गंगा एक्सप्रेसवे उत्तर प्रदेश के आर्थिक भूगोल को बदलने जा रहा है। यह केवल कंक्रीट की सड़क नहीं, बल्कि करोड़ों प्रदेशवासियों की आकांक्षाओं का मार्ग है, जो हर जिले को आत्मनिर्भर बनाने की क्षमता रखता है।
