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पशुपालन विभाग के भर्ती घोटाले में पूर्व IAS अफसर की गिरफ्तारी के बाद अब अन्य की बारी, राज किशोर की फाइल शासन में लंबित

Published: Wed, 14 Oct 2026 12:59 PM (IST)

Scam in UP: राजकिशोर सिंह के खिलाफ अभियोजन स्वीकृति की फाइल अभी शासन में लंबित बताई जा रही है। अब उनकी भी मुश्किलें बढ़ेंगी।

भर्ती के समय राज किशोर सिंह थे पशुधन मंत्री

भर्ती के समय राज किशोर सिंह थे पशुधन मंत्री

HighLights

  1. अखिलेश यादव की सरकार में हुई थी भर्ती, राजकिशोर सिंह थे मंत्री

  2. वर्ष 2014 में हुआ था फर्जीवाड़ा, 12 वर्ष बाद पहली गिरफ्तारी

  3. ईओडब्ल्यू ने की है पशुपालन विभाग के भर्ती घोटाले की जांच

  4. पशुधन प्रसार अधिकारियों की भर्ती में किया गया था घोटाला

डिजिटल डेस्क, लखनऊ : अखिलेश यादव सरकार के कार्यकाल में पशु पालन विभाग में भर्ती घोटाले में 12 वर्ष बाद एक्शन शुरु हो गया है। उत्तर प्रदेश आर्थिक अपराध शाखा (ईओडब्ल्यू) इस घोटाले की जांच के बाद अब जिम्मेदारों के खिलाफ एक्शन में हैं।

पूर्व IAS अफसर योगेश कुमार की गिरफ्तारी के बाद ईओडब्ल्यू को शासन से अनुमति का इंतजार है, जिससे कि जांच एजेंसी तत्कालीन मंत्री राज किशोर सिंह के खिलाफ भी कार्रवाई करे। ईओडब्ल्यू के महानिदेशक जेएन सिंह ने बताया कि आरोपी पूर्व अधिकारी योगेश कुमार के खिलाफ आगे की कानूनी कार्रवाई जारी है।

उत्तर प्रदेश में अखिलेश यादव की सरकार के कार्यकाल के दौरान वर्ष 2014 में पशुपालन विभाग ने 17 मंडलों में 1198 पदों पर पशुधन प्रसार अधिकारियों की भर्ती की थी। इसके बाद इस भर्ती को लेकर तमाम सवाल उठे और 2 फरवरी 2014 को आयोजित भर्ती प्रक्रिया की जांच उत्तर प्रदेश आर्थिक अपराध शाखा (ईओडब्ल्यू) को सौंपी गई। भर्ती के समय, 1980 बैच के अधिकारी योगेश कुमार विभाग के प्रमुख सचिव थे।

पशुधन प्रसार अधिकारियों की भर्ती में घोटाला

समाजवादी पार्टी की तत्कालीन सरकार में हुई इस भर्ती के समय राजकिशोर सिंह पशुधन मंत्री थे, भर्ती के बाद तत्कालीन प्रमुख सचिव योगेश कुमार सेवानिवृत्त हो गए थे। राजकिशोर सिंह के खिलाफ अभियोजन स्वीकृति की फाइल अभी शासन में लंबित बताई जा रही है। अब उनकी भी मुश्किलें बढ़ेंगी। 12 वर्ष बाद पशुपालन विभाग भर्ती घोटाले में EOW की बड़ी कार्रवाई से मामले ने फिर तूल पकड़ा है। इस घोटाले में अब और गिरफ्तारियां भी होंगी।

जांच में तमाम अनियमितता 

ईओडब्ल्यू की जांच में पता चला कि भर्ती में कई नियमों को नजरअंदाज किया गया था। लिखित परीक्षा के बाद इसकी OMR आंसर शीट का मूल्यांकन एक ही जगह पर किया गया था, जिससे जांचकर्ताओं को शक हुआ कि अंकों में हेरफेर के मामले सामने आ गये। जिला और मंडल स्तर पर चयन के लिए जिम्मेदार कमेटियों को भी भंग कर दिया गया था।

राज किशोर सिंह थे पशुपालन मंत्री 

पशुपालन विभाग ने 17 मंडलों में 1198 पदों पर पशुधन प्रसार अधिकारियों की भर्ती की थी। उस भर्ती प्रक्रिया के समय राज किशोर सिंह पशुपालन मंत्री थे। उन्हें 2016 में मंत्री पद से हटा दिया गया था। राज किशोर सिंह में 2024 भारतीय जनता पार्टी (BJP) में शामिल हो गए।

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