यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Aug 10, 2017 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
उत्तर प्रदेश में 1100 नई पारिवारिक अदालतें खुलेंंगी
न्याय मंत्री ब्रजेश पाठक ने कहा कि लंबित मुकदमों का निस्तारण कर त्वरित न्याय दिलाने के लिए सूबे में 1100 नई पारिवारिक अदालतें खोली जाएंगी।

बदायूं (जेएनएन)। प्रदेश के विधि एवं न्याय मंत्री ब्रजेश पाठक ने कहा कि लंबित मुकदमों का निस्तारण कर त्वरित न्याय दिलाने के लिए सूबे में 1100 नई पारिवारिक अदालतें खोली जाएंगी। साथ ही हर जिले में स्थायी लोक अदालत भी स्थापित की जाएगी। 300 न्यायिक अधिकारियों के पद भी सृजित किए जा रहे हैं। दंड का कठोर प्रावधान किया जा रहा है, जल्द ही इसका प्रभाव दिखेगा। अपराधियों में कानून का खौफ हो, यह जरूरी है। अपराधियों पर शिकंजा कसा जा रहा है। किसी अपराधी को राजनीतिक संरक्षण नहीं मिल रहा है।
यह भी पढ़ें: योगी ने शिकायत निस्तारण में लापरवाह 11 अफसर निलंबित किए, सात को हटाया
नई खनन नीति होगा सुधार
गुरुवार को पीडब्ल्यूडी गेस्ट हाउस में मीडिया से बातचीत में कानून व्यवस्था के सवाल पर उन्होंने कहा कि अवैध खनन से जुड़े सवाल पर कहा कि नई खनन नीति बनाई जा रही है। आम आदमी को होने वाली दिक्कतों को देखते हुए छह महीने के लिए अस्थायी व्यवस्था के अंतर्गत टेंडर निकाले गए थे, नई नीति लागू होते ही व्यवस्था सुधर जाएगी। जिले के प्रभारी मंत्री स्वामी प्रसाद मौर्या के आदेश के बाद भी जिला अस्पताल की सीएमएस न हटने के संबंध में उन्होंने कहा कि जब प्रभारी मंत्री ने आदेश कर दिया है तो उनका हटना तय है। मंत्री ने कहा कि पिछली सरकार की गलत नीतियों के कारण शिक्षामित्रों को यह दिन देखना पड़ रहा है। अगर सरकार समायोजित करने से पहले उन्हें प्रशिक्षण दिला देती तो यह नौबत ही नहीं आती। शिक्षामित्रों के लिए भाजपा सरकार गंभीरता से प्रयास कर रही है।
