लखीमपुर खीरी के कोलवा फार्म में तीन शावकों संग बाघिन ने डाला डेरा, सुरक्षा को लेकर विभाग सतर्क
लखीमपुर खीरी के कोलवा फार्म में एक बाघिन अपने तीन शावकों के साथ डेरा डाले हुए है, जिस पर वन ...और पढ़ें
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निगरानी को लगाए गए पांच कैमरे। जागरण
HighLights
कोलवा फार्म में बाघिन और तीन शावकों ने डाला डेरा।
वन विभाग ने निगरानी के लिए पांच कैमरे लगाए।
ग्रामीणों को सतर्क रहने और समूह में चलने की सलाह।
संवादसूत्र, जागरण, पलियाकलां (लखीमपुर)। मझगईं रेंज के कोलवा फार्म धर्मापुर क्षेत्र में करीब 15 दिनों से एक बाघिन अपने तीन शावकों के साथ डेरा डाले हुए है। बाघिन और उसके शावकों की लगातार मौजूदगी को देखते हुए वन विभाग ने निगरानी बढ़ा दी है। क्षेत्र में पांच कैमरा ट्रैप लगाए गए हैं। वनकर्मियों की टीमें लगातार गश्त कर बाघिन और शावकों की गतिविधियों पर नजर रख रही हैं।
वन विभाग की ओर से आसपास के ग्रामीणों को भी सतर्क रहने की सलाह दी गई है। खासकर शाम के समय खेतों और जंगल की ओर जाने से लोगों को मना किया जा रहा है। ग्रामीणों से समूह में आने-जाने तथा किसी भी वन्यजीव की मौजूदगी की सूचना तत्काल वन विभाग को देने को कहा गया है।
वन विभाग के अनुसार बाघिन के साथ मौजूद तीनों शावक अब काफी बड़े हो गए हैं। ऐसे में उनके धीरे-धीरे मां से अलग होने का समय भी माना जा रहा है। इस दौरान उनकी गतिविधियों पर विशेष नजर रखी जा रही है, ताकि किसी तरह की मानव-वन्यजीव संघर्ष की स्थिति न बने।
छब्बापुरवा में तेंदुए की तलाश जारी
वहीं मझगईं क्षेत्र के छब्बापुरवा गांव में तीन दिन पहले लाले पर तेंदुए के हमले के बाद वन विभाग की निगरानी जारी है। घटना के बाद से तेंदुआ दोबारा किसी को दिखाई नहीं दिया है। वनकर्मी क्षेत्र में गश्त कर रहे हैं और ग्रामीणों को सावधानी बरतने की सलाह दी जा रही है।
क्या कहते हैं जिम्मेदार
मझगईं रेंज के रेंजर अंकित सिंह ने बताया कि कोलवा फार्म धर्मापुर में बाघिन और उसके तीन शावकों की सुरक्षा को लेकर विशेष सतर्कता बरती जा रही है। पांच कैमरे लगाए गए हैं और लगातार गश्त की जा रही है। शावक अब बड़े हो गए हैं और मां से अलग होने की स्थिति में पहुंच रहे हैं। छब्बापुरवा में भी तेंदुए की तलाश और निगरानी लगातार जारी है।
बाघ के आक्रमण से हुई एक युवक की मौत के बाद वन क्षेत्र में बाघ की लोकेशन पता करने के लिए दो दिनों से डिवीज़न वन कार्यालय कैलाली व राष्ट्रीय प्रकृति संरक्षण कोष (एनटीएनसी) की टीम जंगल में बाघ की खोज बीन में लगी हुई है।
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कैलाली के वन अधिकृत अधिकारी राम अवतार चौधरी के मुताबिक बाघ की गतिविधि पता लगाने के लिए गौरीगंगा वनक्षेत्र के जंगल में कैमो लगाएं गए है। एनटीसी की टीम खोजबीन में लगी है। इस क्रम में दमौलिया क्षेत्र में बाघ के पदचिन्ह देखे जाने की पुष्टि हुई है।
