लखीमपुर में भेजा गया 1200 हेक्टेयर फसल नुकसान का डाटा भेजा, मुआवजे की तैयारी तेज; डायरेक्ट खाते में आएगा पैसा
लखीमपुर में बाढ़ और चक्रवात से हुए फसल नुकसान के बाद किसानों को मुआवजा दिलाने की प्रक्रिया तेज हो गई ...और पढ़ें

इस फोटो को एआई टूल की मदद से बनाया गया है।
HighLights
बाढ़-चक्रवात से फसल नुकसान के बाद मुआवजा प्रक्रिया तेज हुई।
लखीमपुर में 1200 हेक्टेयर फसल नुकसान का डाटा भेजा गया।
पात्र किसानों के खातों में सीधे भेजी जाएगी राहत राशि।
संवाद सूत्र, निघासन (लखीमपुर)। बाढ़ और चक्रवात से फसलों को हुए नुकसान के बाद किसानों को मुआवजा दिलाने की प्रक्रिया तेज हो गई है। तहसील प्रशासन ने करीब 1200 हेक्टेयर फसल नुकसान का डाटा भेज दिया है। अब सर्वे के बाद किसानों के दस्तावेजों की फीडिंग का काम तेजी से कराया जा रहा है।
प्रशासन का लक्ष्य है कि पात्र किसानों को जल्द से जल्द फसल मुआवजे की राहत राशि उनके खातों में भेजी जा सके।तहसील प्रशासन के मुताबिक, लेखपाल और कानूनगो को क्षेत्र में पहुंचकर फसल नुकसान का आकलन करने के साथ ही हेक्टेयरवार डाटा की फीडिंग की जिम्मेदारी सौंपी गई है।
राजस्व कर्मी किसानों से संबंधित जरूरी दस्तावेजों को जुटाकर उनका सत्यापन और फीडिंग कर रहे हैं। इससे मुआवजा वितरण की प्रक्रिया में तेजी आने की उम्मीद है।
तहसीलदार देवेंद्र मणि त्रिपाठी ने बताया कि करीब 1200 हेक्टेयर फसल नुकसान का डाटा भेजा जा चुका है। सोमवार तक सर्वे से संबंधित डाटा की फीडिंग पूरी करने का लक्ष्य रखा गया है। इसके बाद पात्र किसानों को फसल मुआवजे की राहत दिलाने की प्रक्रिया आगे बढ़ाई जाएगी।
उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री के निर्देश के अनुसार प्रभावित किसानों को तीन दिन के भीतर राहत उपलब्ध कराने की तैयारी की जा रही है। इसके लिए राजस्व विभाग के कर्मचारियों को लगातार क्षेत्र में लगाकर फसल नुकसान का आकलन और अभिलेखों की फीडिंग कराई जा रही है।
