लखीमपुर में गन्ने से बढ़ेगी किसानों की कमाई, गांवों की अर्थव्यवस्था को मिलेगी रफ्तार
लखीमपुर खीरी में गन्ने की खेती किसानों की आय बढ़ा रही है, जिससे ग्रामीण अर्थव्यवस्था को गति मिल रही है। ...और पढ़ें
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यह तस्वीर एआई द्वारा बनाई गई है।
HighLights
गन्ने के साथ अन्य फसलें उगाकर किसान बढ़ा रहे आय।
जिले की नौ चीनी मिलों से चार लाख किसान जुड़े।
वैज्ञानिक विधि से गन्ना उत्पादन में रिकॉर्ड वृद्धि हुई।
राकेश मिश्र, लखीमपुर। खीरी जिले में गन्ने की खेती अब चीनी उत्पादन तक सीमित नहीं है। किसान गन्ने के साथ दूसरी फसलें उगाकर एक ही खेत से अधिक आमदनी के रास्ते तलाश रहे हैं। पेराई सत्र शुरू होने के साथ खेतों से चीनी मिलों तक आर्थिक गतिविधियां तेज होंगी। जिले की नौ चीनी मिलों से जुड़े करीब चार लाख किसानों को उपज बेचने का अवसर मिलेगा। समय पर भुगतान मिलने से उन्हें अगली फसल की तैयारी में भी सहूलियत होगी।
इस बार जिले में गन्ने का रकबा बढ़कर 3,56,825 हेक्टेयर हो गया है, जो पिछले वर्ष से करीब 1,602 हेक्टेयर अधिक है। पेराई शुरू होने पर कटाई, ढुलाई, क्रय केंद्रों पर तौल और मिलों में प्रसंस्करण का काम गति पकड़ेगा। चीनी उत्पादन से बाजार में आपूर्ति मजबूत होगी और खाद्य प्रसंस्करण, मिठाई, बेकरी तथा पेय पदार्थ उद्योगों को कच्चा माल उपलब्ध कराने में मदद मिलेगी। परिवहन, पैकेजिंग और स्थानीय व्यापार को भी काम मिलेगा।
नियम के अनुसार, चीनी मिलों को गन्ना आपूर्ति के 14 दिनों के भीतर किसानों को भुगतान करना होता है। रकम सीधे बैंक खातों में पहुंचने से बिचौलियों की भूमिका नहीं रहती। ई-गन्ना मोबाइल एप के जरिए किसान सर्वे, सट्टे, गन्ना कैलेंडर और पर्चियों की जानकारी घर बैठे ले सकते हैं।
वैज्ञानिक खेती से धर्मपाल को पुरस्कार
रमियाबेहड़ विकासखंड के लखनपुरवा निवासी धर्मपाल मौर्य ने वैज्ञानिक और ट्रेंच विधि से वर्ष 2020-21 में प्रति हेक्टेयर 2,517 क्विंटल गन्ना पैदा किया। सामान्य उत्पादन प्रति हेक्टेयर करीब 1,000 से 1,200 क्विंटल रहता था। शुक्रवार को शाहजहांपुर में मिठास मेला-2026 में उनकी गन्ना किस्म को.शा. 18231 को प्रतियोगिता में प्रथम पुरस्कार मिला। उन्हें जिला स्तर पर भी कई बार सम्मानित किया जा चुका है। गन्ने के साथ केला, आलू, खीरा, मक्का, सरसों और गेंदे की खेती से उनकी अतिरिक्त आमदनी के रास्ते खुले हैं।