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लखीमपुर में 342 MM बारिश से हाहाकार: जिले के कई इलाके डूबे, अगले 24 घंटों के लिए विभाग ने जारी किया अलर्ट

Published: Sat, 26 Sep 2026 10:41 PM (IST)

लखीमपुर खीरी में भारी बारिश से जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया है, मोहम्मदी में सर्वाधिक 342 मिमी वर्षा दर्ज की गई। ...और पढ़ें

इस फोटो को AI के माध्यम से तैयार किया गया है।

इस फोटो को AI के माध्यम से तैयार किया गया है।

HighLights

  1. मोहम्मदी में 342 मिमी बारिश दर्ज, जिले में औसत 191.1 मिमी।

  2. जलभराव, मकान गिरे, फसलें और बिजली आपूर्ति बाधित, जनजीवन प्रभावित।

  3. डीएम ने स्थिति का जायजा लिया, अगले 24 घंटों का अलर्ट जारी।

जागरण टीम, लखीमपुर। जिले में लगातार हो रही बारिश से जनजीवन प्रभावित होने लगा है। शनिवार को प्राप्त वर्षा रिपोर्ट के अनुसार मोहम्मदी तहसील में सर्वाधिक 342 मिमी बारिश दर्ज की गई। निघासन में 182.4 मिमी, सदर में 135 मिमी और धौरहरा में 105 मिमी वर्षा हुई। जिले में औसत वर्षा 191.1 मिमी दर्ज की गई। भारी बारिश के कारण निचले इलाकों में जलभराव की स्थिति बन सकती है।

खेतों में खड़ी फसलों पर भी बारिश का असर पड़ने की आशंका है। लगातार पानी गिरने से ग्रामीण क्षेत्रों में कच्चे मकानों और रास्तों पर भी खतरा बढ़ सकता है। प्रशासन और संबंधित विभागों को जलभराव वाले क्षेत्रों पर नजर रखने की जरूरत है। सड़कों पर सन्नाटा पसरा है और दवाओं को छोड़ बाकी किसी भी चीज की दुकानों के शटर तक नहीं उठे।

शहर के लगभग हर रास्ते पर जलभराव है और लगभग आधा दर्जन से अधिक वार्डों में बारिश का पानी लोगों के घरों में घुस गया। शहर के ईदगाह, बलदेवनगर, शिवकालोनी, गोकुलपुरी, शांतिनगर, गंगोत्रीनगर, राजगढ़, ईदगाह, शिवपुरी, प्यारेपुर, हिदासयतनगर, महाराजगर में पानी घरों में घुस गया और लोग बुरी तरह से परेशान रहे। संतोष नगर में घरों के अंदर तक करीब एक फीट पानी पहुंच गया।

पीके इंटर कॉलेज, पुलिस लाइन और राजकीय इंटर कॉलेज के मैदान तालाब में तब्दील हो गए। जिला क्षय रोग अस्पताल के लगभग सभी कमरों में पानी भर गया और जर्जर छतें टपकती रहीं। दवा, अभिलेख और एक्सरे मशीन बचाना चुनौती बन गया।हालांकि डीएम अंजनी कुमार सिंह, ईओ संजय कुमार सहित भारी अमला हालात का जायजा लेताे रहे लेकिन अपेक्षित राहत नहीं मिल पाई।

पक्का मकान भरभराकर गिरा, मलबे में दब गई गृहस्थी

रेहरिया : मूड़ा निजाम निवासी शाहिद खान का पक्का मकान शनिवार सुबह तेज बारिश के दौरान ढह गया। कुछ देर पहले ही शाहिद बच्चों के साथ घर से बाहर निकल गए थे, जिससे परिवार बच गया। मकान गिरने से पूरी गृहस्थी मलबे में दब गई। लेखपाल को सूचना देकर नुकसान के आकलन की मांग की गई है।

छप्पर पर बरगद गिरा, परिवार बाल-बाल बचा

निघासन : सिंगाही मार्ग पर नहर के पास शनिवार तड़के बरगद का पेड़ राजेश के छप्परनुमा मकान पर गिर गया। पेड़ गिरने की आवाज सुनकर परिवार जाग गया और समय रहते बाहर निकल आया। छप्पर क्षतिग्रस्त होने से परिवार के सामने रहने का संकट खड़ा हो गया। एसडीएम यदुवीर सिंह ने राजस्व टीम को क्षति का आकलन करने के निर्देश दिए हैं।

चंदीपुर : लगातार बारिश और पेड़ गिरने से सौ से अधिक गांवों की बिजली करीब 36 घंटे से बाधित है। फत्तेपुर में लखीमपुर-मैंगलगंज मार्ग पर पेड़ गिरने से आवागमन करीब एक घंटे बाधित रहा। बिछिया-कल्लुआमोती मार्ग पर आधा दर्जन पेड़ गिरे हैं।

गोला गोकर्णनाथ : अर्जुन नगर, भारत भूषण, मथुरा नगर, वीरेंद्र नगर, नीची भूड़, गढ़ी, मुन्नूगंज, हमीद मार्केट और मेला मैदान में पानी भर गया। ग्रामीण क्षेत्र में तेज हवा से तैयार धान और गन्ने की फसल गिर गई है।

ममरी : प्राकृतिक जलनिकासी के रास्ते बंद होने से सत्यवती पटेल पीजी कालेज, सरस्वती विद्या मंदिर इंटर कालेज, गोविंदापुर एजुकेशनल एकेडमी, प्राथमिक व जूनियर स्कूल और दुर्गा मैरिज लान परिसर में पानी भर गया। निचले खेतों में धान पानी में डूब गया और कच्चे मार्ग अवरुद्ध हो गए।

खमरिया : बसढ़िया, खमरिया, नयागांव और नरगड़ा सहित कई गांवों में पेड़ विद्युत लाइनों पर गिरने से पोल टूट गए। बिजली आपूर्ति ठप होने से दर्जनों गांव अंधेरे में हैं। वहीं सिसैया-ढखेरवा मार्ग पर विधायक निधि से लगाया गया लोहे का बोर्ड तेज हवा में गिर गया। बोर्ड हटाने तक करीब एक घंटे यातायात प्रभावित रहा।

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बिलहरी : बिलहरी, सिकंदराबाद, कैमहरा, जड़ौरा, कपरहा, बेलाबौझी और हयातपुर क्षेत्र में बारिश और आंधी से तैयार धान और गन्ने की फसल खेत में बिछ गई। खेतों में पानी भरने से धान में सड़न और अंकुर आने का खतरा है। किसानों ने राजस्व और कृषि विभाग से सर्वे कराकर मुआवजा दिलाने की मांग की है।

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पलियाकलां : लगातार बारिश से छोटी पलिया के पास पतवारा मार्ग पुलिया के निकट क्षतिग्रस्त हो गया। सड़क का हिस्सा टूटने से हादसे का खतरा बढ़ गया है। ग्रामीणों ने बोरियां लगाकर घेराबंदी की है। छोटे वाहन निकल रहे हैं, जबकि बड़े वाहनों का आवागमन बाधित है।