आखिर खत्म हुआ ‘308 पहियों वाले’ ट्रक का सफर, बेल्जियम से भारत के पहले बायोप्लास्टिक प्लांट पहुंचा वेसल
लखीमपुर खीरी में भारत के पहले बायोप्लास्टिक प्लांट के लिए बेल्जियम से आया 200 टन वजनी विशाल वेसल 250 पहियों वाले विशेष ट्रक से पहुंच गया है।

HighLights
बेल्जियम से आया 200 टन वजनी विशाल वेसल।
भारत के पहले बायोप्लास्टिक प्लांट के लिए।
250 पहियों वाले विशेष ट्रक से लखीमपुर पहुंचा।
जागरण संवाददाता, लखीमपुर। पिछले कई माह से सोशल मीडिया पर छाया 308 पहियों वाला ट्रक जो 250 पहियों पर चलकर बुधवार को लखीमपुर पहुंच गया है। यह विशालकाय ट्रक करीब 200 टन वजनी वेसल लेकर कुंभी स्थित चीनी मिल जा रहा है। मंगलवार रात जिले में प्रवेश करते ही इसका वीडियो बनाने से लेकर फोटो खींचने के लिए लोग पीलीभीत-बस्ती हाईवे पर पहुंचने लगे।
भारत का पहला बायोप्लास्टिक प्लांट
कुंभी चीनी मिल के पास ही करीब 3080 करोड़ रुपये से देश का पहला बायोप्लास्टिक प्लांट बन रहा है। नींव पूजन होने के बाद से ही प्लांट लखीमपुर से लेकर देशभर में चर्चा का विषय बना हुआ है। इसमें इस्तेमाल होने वाली एक भारी-भरकम मशीन (वेसल) का आना लोगों में चर्चा का विषय बन गया है।
मुख्य बिंदु
- प्लांट: देश का पहला बायोप्लास्टिक प्लांट
- स्थान: कुंभी चीनी मिल के पास
- अनुमानित लागत: करीब 3080 करोड़ रुपये
- अनुमानित एरिया: करीब 150 एकड़
- मशीन: बेल्जियम से आयातित वेसल
- परिवहन: 250 टायरों वाला विशेष ट्रेलर (पहले 308 पहिए थे)
- सफर: बेल्जियम से समुद्री मार्ग होकर ओडिशा तट, फिर सड़क मार्ग से लखीमपुर
विशालकाय ट्रक पर आ रही बाहुबली मशीन को साक्षात देखने के लिए जिलेवासी पिछले करीब छह माह से व्याकुल थे। मंगलवार रात जिले में प्रवेश करते ही जगह जगह पर लोग इसे देखने के लिए इकठ्ठा होने लगे। बुधवार शाम मशीन फरधान थाना क्षेत्र के रूकुंदीपुर तक पहुंच गई। वहां से गुरुवार को कुंभी चीनी मिल पहुंचने की उम्मीद है।

40 सदस्यीय तकनीकी टीम चल रही साथ
यह मशीन करीब सौ मीटर लंबे ट्रेलर से लाई जा रही है। ट्रक सहित मशीन की ऊंचाई करीब 25 से 30 फीट बताई जा रही है। ऐसे में हाईवे से गुजरी बिजली लाइन एवं पीडब्ल्यूडी के लगे संकेतक आदि हटाने के लिए 40 लोगों की टीम साथ में है, जो बिजली लाइन, संकेतक आदि से सुरक्षित गुजारने का काम कर रही है।
सुरक्षित गुजारने लिए अलर्ट हुआ पुलिस प्रशासन
विशालकाय ट्रेलर को सुरक्षित गुजारने के लिए सदर कोतवाली पुलिस अलर्ट हो गई। यातायात पुलिस लेकर रामापुर, राजापुर चौकी पुलिस जहां अलर्ट रही तो वही सदर कोतवाल राजेश कुार सिंह ने भी पीलीभीत बस्ती हाईवे पर पहुंचकर सड़क खाली कराई। ट्रक गुजरने के दौरान पुलिसकर्मी जगह-जगह मुस्तैद रहे, ताकि आवागमन में बाधा न उत्पन्न हो।
बेल्जियम से आई है विशालकाय मशीन
बेल्जियम में तैयार की गई यह विशालकाय मशीन कुंभी स्थित बलरामपुर चीनी मिल परिसर में निर्माणाधीन बायो-पालिमर प्लांट की मशीनरी का एक हिस्सा है। करीब 200 टन वजन वाली यह मशीन एक विशेष हाइड्रोलिक मल्टी-एक्सल ट्रेलर पर लाद कर लायी जा रही है, जिसके गुरुवार को प्लांट पर पहुंचने की उम्मीद है।
मशीन गुरुवार को परिसर में पहुंचने की उम्मीद है। इसके बाद इसे प्लांट में स्थापित कराया जाएगा, जिससे जल्द से जल्द प्लांट शुरू हो सके।
-सुनील कुमार यादव, मुख्य महाप्रबंधक कुंभी चीनी मिल
समुद्री मार्ग से पारादीप पहुंची मशीन
ट्रक चालक रत्नागिरि ने बताया कि यह मशीन समुद्री मार्ग से ओडिशा के पारादीप बंदरगाह तक आई। इसके बाद विशेष ट्रेलर पर लादकर सड़क मार्ग से झारखंड और बिहार के रास्ते यूपी में आकर चंदौली, वाराणसी से बलरामपुर, श्रावस्ती के रास्ते मंगलवार को लखीमपुर आकर कुंभी लेकर जा रहे हैं।
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