भारत-नेपाल सीमा पर सुरक्षा सख्त, घुसपैठियों और अपराधियों के खिलाफ SSB ने बनाया मास्टर प्लान
भारत-नेपाल अंतरराष्ट्रीय सीमा पर सुरक्षा मजबूत करने और अवांछित गतिविधियों पर अंकुश लगाने के लिए 70वीं वाहिनी सशस्त्र सीमा बल मुख्यालय में समन्वय बैठक हुई।

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HighLights
भारत-नेपाल सीमा पर सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने पर जोर दिया गया।
अवांछित गतिविधियों पर प्रभावी अंकुश लगाने के लिए समन्वय बैठक हुई।
खुफिया सूचनाओं के त्वरित आदान-प्रदान और संयुक्त कार्रवाई पर सहमति बनी।
संवाद सूत्र , लखीमपुर। भारत-नेपाल अंतरराष्ट्रीय सीमा पर सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने और अवांछित गतिविधियों पर प्रभावी अंकुश लगाने के लिए शनिवार को 70वीं वाहिनी सशस्त्र सीमा बल मुख्यालय द्वितीय में भारत-नेपाल प्रतिपक्ष समन्वय बैठक हुई। दोनों देशों के सुरक्षा अधिकारियों ने सीमा की मौजूदा स्थिति और संवेदनशील क्षेत्रों को लेकर विस्तार से चर्चा की। साथ ही आपसी समन्वय और सूचनाओं के त्वरित आदान-प्रदान को और मजबूत करने पर सहमति बनी।
बैठक की अध्यक्षता 70वीं वाहिनी के कमांडेंट राजन कुमार श्रीवास्तव ने की। भारत की ओर से 59वीं वाहिनी सशस्त्र सीमा बल नानपारा के कमांडेंट कैलाश चंद्र रमौला शामिल हुए। नेपाल की ओर से सशस्त्र प्रहरी बल नेपाल की 31वीं बटालियन बर्दिया के बटालियन कमांडर दिनेश कुमार महत और डीएसपी संगीत भट्ट ने वरिष्ठ प्रतिनिधिमंडल के साथ प्रतिभाग किया।
बैठक में सीमा पार होने वाली अवैध और अवांछित गतिविधियों की रोकथाम के लिए दोनों देशों के सुरक्षा बलों के बीच बेहतर तालमेल पर जोर दिया गया। वास्तविक समय में खुफिया एवं परिचालन संबंधी सूचनाओं के त्वरित आदान-प्रदान की व्यवस्था को प्रभावी बनाने पर चर्चा हुई।
सीमा स्तंभों के नियमित रखरखाव, नो-मैन्स लैंड के संरक्षण तथा आपातकालीन और आपदा की स्थिति में संयुक्त कार्रवाई की कार्ययोजना पर भी सहमति बनी।
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दोनों पक्षों ने सीमा पर शांति, सुरक्षा और कानून व्यवस्था बनाए रखने के साथ आपसी समन्वय को और मजबूत करने की प्रतिबद्धता दोहराई। अधिकारियों ने सीमांत सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता बताते हुए दोनों देशों के बीच मैत्रीपूर्ण संबंधों को और प्रगाढ़ बनाने पर जोर दिया।
