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दुधवा टाइगर रिजर्व में नहीं बढ़ेगा सफारी का खर्च, कम बजट में उठाइए वाइल्डलाइफ का लुत्फ

Published: Fri, 23 Oct 2026 01:54 PM (IST)

दुधवा टाइगर रिजर्व में पर्यटकों के लिए अच्छी खबर है, सफारी और प्रवेश शुल्क में कोई बढ़ोतरी नहीं की जाएगी। ...और पढ़ें

यह तस्वीर AI द्वारा बनाई गई है।

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HighLights

  1. दुधवा टाइगर रिजर्व में सफारी शुल्क नहीं बढ़ाया जाएगा।

  2. पर्यटन सुविधाओं के विस्तार और ऑनलाइन बुकिंग पर जोर।

  3. स्थानीय लोगों को रोजगार देने के लिए 'बफर में सफर' योजना।

संवादसूत्र, जागरण, पलियाकलां (लखीमपुर)। दुधवा टाइगर रिजर्व में घूमने के शौकीन पर्यटकों के लिए राहत भरी खबर है। यहां सफारी और प्रवेश शुल्क में कोई बढ़ोतरी नहीं की जाएगी। लखनऊ स्थित पारिजात कक्ष में प्रदेश के पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) डॉ. अरुण कुमार सक्सेना की अध्यक्षता में दुधवा बाघ संरक्षण फाउंडेशन की शासी निकाय की छठी बैठक में यह निर्णय लिया गया। बैठक में दुधवा समेत प्रदेश के अन्य वन्यजीव क्षेत्रों में पर्यटन सुविधाओं के विस्तार, ऑनलाइन बुकिंग और स्थानीय लोगों को रोजगार से जोड़ने पर भी जोर दिया गया।

बैठक में दुधवा टाइगर रिजर्व के फील्ड निदेशक ने बताया कि यहां पर्यटन गतिविधियों में लगातार वृद्धि हो रही है। इसका असर राजस्व पर भी दिखाई दिया है। वित्तीय वर्ष 2024-25 में पर्यटन से 2.15 करोड़ रुपये की आय हुई थी, जो 2025-26 में 49 प्रतिशत बढ़कर 3.20 करोड़ रुपये पहुंच गई। शुल्क में वृद्धि किए बिना पर्यटन को बढ़ावा देने और सुविधाओं को बेहतर बनाने की दिशा में इसे महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

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एकीकृत पोर्टल से होगी ऑनलाइन बुकिंग
पर्यटकों की सुविधा के लिए प्रदेश के सभी टाइगर रिजर्व, वन्यजीव अभयारण्यों और प्राणि उद्यानों में सफारी के साथ आवासीय कमरों की ऑनलाइन बुकिंग के लिए एकीकृत पोर्टल विकसित किया जा रहा है। इससे पर्यटकों को बुकिंग की सुविधा मिलेगी और व्यवस्था अधिक पारदर्शी होगी। वहीं, मुख्य वन क्षेत्रों पर पर्यटन का दबाव कम करने और स्थानीय लोगों को स्वरोजगार के अवसर देने के लिए ''बफर में सफर'' योजना शुरू की जा रही है। इसके तहत बफर क्षेत्र में संचालन करने वाले पंजीकृत वाहनों को विशेष वित्तीय प्रोत्साहन दिया जाएगा।

गैंडों की निगरानी की पुस्तिका का विमोचन
बैठक में दुधवा नेशनल पार्क में एक सींग वाले गैंडों की स्थिति और निगरानी पर आधारित ''स्टेटस एंड मॉनिटरिंग ऑफ द ग्रेटर वन-हॉर्न्ड राइनोसोरस इन दुधवा नेशनल पार्क'' पुस्तिका का विमोचन किया गया। भरथपुर गांव के विस्थापन एवं पुनर्वास पर बनी लघु फिल्म के ट्रेलर का भी लोकार्पण हुआ।

पलिया विधायक रोमी साहनी ने बैठक में सुहेली नदी में जमा गाद का मुद्दा उठाया। इस पर अध्ययन एवं प्राक्कलन के लिए शीघ्र बजट स्वीकृत कर जारी करने तथा नदी की सफाई शुरू कराने का आश्वासन दिया गया। वन मंत्री ने मानव-वन्यजीव संघर्ष कम करने के लिए आवश्यक संसाधन और तकनीक प्राथमिकता से उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। संघर्ष से प्रभावित परिवारों को शिक्षा, स्वास्थ्य और आजीविका के लिए सहायता देने पर भी सहमति बनी।

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बैठक में राज्यमंत्री केपी मलिक, प्रधान मुख्य वन संरक्षक सुनील चौधरी, प्रधान मुख्य वन संरक्षक (वन्यजीव) अनुराधा वैमुरी, विभागीय सचिव बी. चंद्रकला और उत्तर प्रदेश वन निगम के महाप्रबंधक सुजॉय बनर्जी समेत अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।

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