लखीमपुर खीरी जिले में पहुंचा 308 पहियों वाला बाहुबली ट्रक, 25 तक बलरामपुर चीनी मिल कुंभी पहुंचने की संभावना
Bahubali Truck With 308 Wheels: एक दिन यानी 24 घंटे में चार से पांच किलोमीटर की दूरी तय करने वाला ...और पढ़ें

308 पहियों वाला बाहुबली ट्रक बुधवार को लखीमपुर खीरी जिले की सीमा में प्रवेश कर गया
HighLights
विशेष हाइड्रोलिक मल्टी-एक्सल ट्रेलर पर लादा गया है 200 टन का वैक्यूम वेसल बॉयलर
जटिल रास्तों वाले राज्य ओडिशा, झारखंड और बिहार होते हुए चंदौली से उत्तर प्रदेश पहुंचा
बेल्जियम से आई विशालकाय मशीन लेकर लखीमपुर जा रहा ट्रक बना आकर्षण का केंद्र
जागरण संवाददाता, लखीमपुर खीरी : देश के लोगों के लिए कौतुहल बना 308 पहियों वाला बाहुबली ट्रक बुधवार को उस जिले की सीमा में प्रवेश कर गया, जो इसका गंतव्य है। वोल्वो कंपनी का विशेष हाइड्रोलिक ट्रक जहां से गुजरता है, वहां इसको आगे बढ़ाने के लिए मशक्कत करनी पड़ती है। सड़कों के किनारे पेड़ छांटे जाते हैं तो कहीं-कहीं सड़क की चौड़ाई कम होने पर लोहे की प्लेट बिछाकर आगे बढ़ाया जा रहा है।
एक दिन यानी 24 घंटे में चार से पांच किलोमीटर की दूरी तय करने वाला जंबो ट्रक पर अब तक करोड़ों रुपये के डीजल की खपत हो चुकी है। यह ट्रक लगभग 100 फीट लंबा और सात मीटर चौड़ा है। विशेष हाइड्रोलिक मल्टी-एक्सल ट्रेलर पर लादे गये 200 टन का वैक्यूम वेसल बॉयलर को लखीमपुर खीरी जिले के गोला विधानसभा क्षेत्र के कुंभी में बलरामपुर चीनी मिल में स्थापित किया जाएगा।
बेल्जियम से वैक्यूम वेसल मशीन को समुद्री मार्ग से ओडिशा के पारादीप बंदरगाह लाया गया। यहां से रास्ते की चौड़ाई, ऊंचाई और यातायात के मद्देनजर तकनीकी टीम मौजूद रही। मशीन 25 अक्टूबर तक बलरामपुर चीनी मिल, कुंभी पहुंचेगी। इसे यहां बन रहे 3080 करोड़ रुपये के औद्योगिक बायोपालिमर प्लांट में लगाया जाएगा।
महाट्रक का बुधवार को लखीमपुर खीरी जिले की सीमा में प्रवेश
बाहुबली ट्रक लखीमपुर खीरी जिले में दाखिल हो गया है, जो 308 पहियों वाले ट्रक का अंतिम पड़ाव है। बलरामपुर चीनी मिल में स्थापित करने के लिए बेल्जियम से लाई गई भारी-भरकम मशीन को लेकर आ रहा महाट्रक बुधवार को लखीमपुर खीरी जिले की सीमा में प्रवेश कर चुका है। इस पर लदे 200 टन वजन के वैक्यूम वेसल बॉयलर को बलरामपुर चीनी मिल, कुंभी के बायो-पॉलिमर प्लांट में स्थापित किया जाना है। इस विशाल ट्रक को चीनी मिल तक पहुंचने में अभी चार दिन लग सकते हैं। जिले में प्रवेश कर चुके विशालकाय ट्रक को देखने के लिए लोगों में उत्सुकता बनी हुई है।
308 पहियों वाले विशेष हाइड्रोलिक ट्रक
308 पहियों वाले इस विशेष हाइड्रोलिक ट्रक के खीरी पहुंचने पर ग्रामीणों में भारी उत्सुकता और चर्चा का माहौल है। भारी-भरकम मशीन की गंतव्य तक राह आसान करने के लिए लखीमपुर-मोहम्मदी मार्ग पर पड़ने वाले स्मृति द्वारों और साइनेज बोर्डों को क्रेन की मदद से हटाने का कार्य युद्धस्तर पर शुरू हो गया है। मार्ग में पड़ने वाले गांव आंवल में स्वतंत्रता संग्राम सेनानी मनीराम मिश्र स्मृति द्वार, भीखमपुर कस्बे में अमर शहीद पंडित राजनारायण मिश्रा स्मृति द्वार और पूर्व मंत्री स्वर्गीय रामकुमार वर्मा स्मृति द्वार सहित सड़क किनारे लगे बोर्ड हटाए जा रहे हैं, ताकि वाहन बिना किसी बाधा के कुंभी पहुंच सके।
प्रशासन और मिल प्रबंधन ने किया विशेष प्रबंध
बलरामपुर चीनी मिल, कुंभी में एशिया के पहले बायो-पॉलिमर प्लांट की स्थापना के लिए 200 टन वजनी विशालकाय वैक्यूम वेसल मशीन लाई जा रही है। करीब 200 टन वजनी, 100 फीट लंबी और 20 फीट से अधिक ऊंची इस वैक्यूम वेसल बॉयलर मशीन को 20 विशेष ट्रॉलियों से जुड़े 308 पहियों वाले हाइड्रोलिक मल्टी-एक्सल ट्रक के जरिए लाया जा रहा है। विशाल आकार के इस वाहन की आवाजाही को लेकर प्रशासन और मिल प्रबंधन ने मार्ग पर विशेष प्रबंध किया है।
