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बलरामपुर चीनी मिल्स, कुंभी यूनिट से होगा पॉलीलैक्टिक एसिड का होगा उत्पादन, मिली है 75 करोड़ रुपये की सब्सिडी

Published: Sat, 26 Sep 2026 06:20 PM (IST)

Balrampur Chini Mills:  कंपनी चीनी के उत्पादन के साथ-साथ डिस्टिलरी (एथेनॉल) और को-जनरेशन (बिजली उत्पादन) के क्षेत्र में भी सक्रिय है।

बलरामपुर चीनी मिल्स की कुंभी यूनिट

बलरामपुर चीनी मिल्स की कुंभी यूनिट 

HighLights

  1. मिल्स को PLA को-पॉलिमर R&D सुविधा के लिए 75 करोड़ रुपये का BioE3 अनुदान

  2. लगाया जाएगा बेल्जियम से आयातित 180 टन वजनी विशाल औद्योगिक बॉयलर

डिजिटल डेस्क, लखनऊ। बलरामपुर चीनी मिल्स की कुंभी यूनिट से इस वर्ष के अंत तक पॉलीलैक्टिक एसिड (PLA) का उत्पादन होगा। बायोप्लास्टिक प्लांट के लिए केंद्र सरकार से 75 करोड़ रुपये की सब्सिडी मिली है। बेल्जियम से आया 180 टन वजनी भारी भरकम वेसल (बॉयलर) 308 पहियों वाले विशेष ट्रेलर से लखीमपुर खीरी की कुंभी यूनिट के लिए पहुंच रहा है।

बलरामपुर चीनी मिल्स की कार्यकारी निदेशक अवंतिका सराओगी ने बताया कि पॉलिमर के रिसर्च एंड डिजाइन सुविधा के लिए 75 करोड़ रुपये का BioE3 अनुदान मिला है। कुंभी इकाई में लगभग ₹3,080 करोड़ के निवेश से पॉलीलैक्टिक एसिड (PLA) बायोप्लास्टिक प्लांट स्थापित किया जा रहा है।

इसके लिए बेल्जियम से आयातित 180 टन वजनी औद्योगिक बॉयलर/वेसल कुंभी इकाई पहुंच रहा है, जो क्षेत्र में चर्चा का विषय बना हुआ है। कुंभी चीनी मिल से किसानों को उन्नतशील गन्ना प्रजाति (जैसे Co 20016) का बीज सीमित मात्रा में उपलब्ध कराया जा रहा है ताकि पैदावार बेहतर हो सके।

बलरामपुर चीनी मिल्स लिमिटेड (BCML) को केंद्र सरकार के जैव प्रौद्योगिकी विभाग (DBT) के तहत बायोटेक्नोलॉजी इंडस्ट्री रिसर्च असिस्टेंस काउंसिल (BIRAC) से 75 करोड़ रुपये का अनुदान मिला है। कंपनी ने गुरुवार को बीएसई को दी गई नियामकीय सूचना में बताया कि इस राशि का उपयोग 100 टन प्रति वर्ष (TPA) क्षमता वाली पॉली लैक्टिक एसिड (PLA) को-पॉलिमर अनुसंधान एवं विकास (R&D) सुविधा स्थापित करने में किया जाएगा।

कंपनी के अनुसार, यह अनुदान सरकार की BioE3 (Biotechnology for Economy, Environment & Employment) पहल के तहत दिया गया है। इसका उद्देश्य उन्नत जैव-आधारित सामग्रियों के विकास को बढ़ावा देना और भारत की घरेलू बायोमैन्युफैक्चरिंग क्षमता को मजबूत करना है।

उत्तर प्रदेश में स्थापित होगी R&D सुविधा

पायलट प्रोजेक्ट के रूप में अनुसंधान एवं विकास सुविधा उत्तर प्रदेश के कुंभी में बलरामपुर चीनी मिल्स लिमिटेड के एकीकृत विनिर्माण परिसर में स्थापित की जाएगी। इसी परिसर में कंपनी 80,000 TPA क्षमता का वाणिज्यिक PLA विनिर्माण संयंत्र भी स्थापित कर रही है। कंपनी के अनुसार, नया R&D केंद्र नई पीढ़ी के PLA ग्रेड और को-पॉलिमर विकसित करने पर केंद्रित होगा। इसके साथ ही उत्पाद विकास, तकनीक का स्वदेशीकरण, ग्राहकों के स्तर पर उत्पाद का सत्यापन और तकनीकों को व्यावसायिक उत्पादन के लिए बड़े स्तर पर लागू करने की दिशा में काम किया जाएगा।

स्वदेशी तकनीक विकसित करने में मिलेगी मदद

बलरामपुर चीनी मिल्स की कार्यकारी निदेशक अवंतिका सराओगी ने कहा कि सरकार के समर्थन से यहां पर एक उन्नत बायोमैन्युफैक्चरिंग की स्थापना की गई है। इससे देश में स्वदेशी तकनीक और अगली पीढ़ी की जैव-आधारित सामग्रियों के विकास में मदद करेगी। इसके साथ ही इससे भारत में वैज्ञानिक और तकनीकी क्षमताओं को मजबूत करने में भी सहायता मिलेगी।

यह कंपनी चीनी के उत्पादन के साथ-साथ डिस्टिलरी (एथेनॉल) और को-जनरेशन (बिजली उत्पादन) के क्षेत्र में भी सक्रिय है। उत्तर प्रदेश में कंपनी की दस शुगर मिल्स हैं। यह लखीमपुर खीरी (कुंभी) व बलरामपुर और अन्य क्षेत्रों में हैं।