विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

कुशीनगर के गांवों में तेंदुओं का आतंक, शावक दिखने से ग्रामीणों में भय; रातभर जागकर दे रहे पहरा

Published: Sat, 31 Oct 2026 03:44 PM (IST)

कुशीनगर के जड़हां और आसपास के गांवों में पिछले छह दिनों से तेंदुओं की चहलकदमी ने ग्रामीणों को भयभीत कर ...और पढ़ें

कांबिंग कर रही वन विभाग की टीम। जागरण

 कांबिंग कर रही वन विभाग की टीम। जागरण

HighLights

  1. जड़हां गांवों में छह दिन से तेंदुओं की चहलकदमी, ग्रामीण भयभीत।

  2. तेंदुए के शावक दिखने से ग्रामीणों की चिंता और बढ़ी।

  3. वन विभाग से पिंजरा लगाने की मांग, आंदोलन की चेतावनी।

संवाद सूत्र, नेबुआ नौरंगिया। विशुनपुरा ब्लाक के जड़हां और आसपास के गांवों में पिछले छह दिनों से तेंदुओं की चहलकदमी ने ग्रामीणों की नींद उड़ा दी है। गुरुवार रात तेंदुए का शावक दिखाई देने के बाद ग्रामीणों की चिंता और बढ़ गई है। लोगों का आरोप है कि दो तेंदुओं व एक शावक देखे जाने की जानकारी होने के बावजूद वन विभाग की ओर से अभी तक पिंजरा नहीं लगाया गया है।

नाराज ग्रामीणों ने शुक्रवार को वन क्षेत्राधिकारी को ज्ञापन सौंप तत्काल पिंजरा लगाकर तेंदुओं को पकड़ने की मांग की। चेतावनी दी कि शीघ्र पिंजरा नहीं लगाया गया तो आंदोलन का रास्ता अपनाएंगे।

बरवा पुर्दिल के ग्राम प्रधान/प्रशासक विनोद कुशवाहा के नेतृत्व में राजेश कुशवाहा, हीरा, सुनील, राम, रामश्री, मुन्ना, कामलेंदु, बालगोविंद आदि ने ज्ञापन के माध्यम से कहा कि विभाग की टीमें कई दिनों से कांबिंग कर रही हैं, लेकिन पिंजरा नहीं लगा रही है। बांड़ी नाला के आसपास घनी झाड़ियों में तीन से अधिक तेंदुए हो सकते हैं। पहली बार बीते शनिवार को ढोरही के सरेह में सरकारी फार्म के समीप एक तेंदुआ दिखाई दिया था।

मंगलवार रात जड़हां टोला के पास सच्चिदानंद के बगीचे में दो तेंदुए नजर आए। बुधवार रात गोमतीनगर में दुकान के सामने तेंदुआ दिखाई दिया था। गुरुवार रात शावक नजर आने से ग्रामीणों में और भय व्याप्त हो गया है। धान की फसल पक कर तैयार है, किसान खेतों में जाने से डर रहे हैं। बच्चों के स्कूल जाने, पशुओं के लिए चारा लाने और बाजार आने-जाने में भी डर बना रहता है।

यह भी पढ़ें- बीज से बाजार तक का सफर हुआ आसान, ‘प्राविधान’ ने बदली कुशीनगर के 1200 किसानों की तकदीर

शुक्रवार को उप प्रभागीय वनाधिकारी जितेंद्र कुमार सिंह और पडरौना रेंजर अशोक कुमार यादव के नेतृत्व में विभाग की टीम ने नहर की पटरियों, बगीचों और बांड़ी नाला के समीप घनी झाड़ियों में खोजबीन की। वन दारोगा संजय सिंह, राकेश कुमार, वनरक्षक संदीप पटेल के साथ शिवम नारायण पाठक, संतोष शंकर, मुंद्रिका समेत अन्य कर्मचारियों ने कई स्थानों पर कांबिंग की, लेकिन तेंदुओं का कोई सुराग नहीं मिला। रेंजर ने बताया कि टीमें लगातार कांबिंग कर रही हैं। पिंजरा लगाने की तैयारी की जा रही है।

यह भी पढ़ें- यूपी के दर्जनों गांव में आ सकती है बाढ़, कुशीनगर में नारायणी नदी की कटान से बांध टूटने का बढ़ा खतरा

देश और दुनिया की ताजा खबरों के लिए Hindi News देखें। Live Cricket Score , IPO Listings, Shiv Chalisa, राशिफल और दुर्गा चालीसा पर अन्य जानकारी पाएं।