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कुशीनगर में गंडक नदी की बाढ़ का खतरा, नेपाल में भारी बारिश से हाई अलर्ट

Published: Fri, 25 Sep 2026 03:18 PM (IST)

नेपाल में 26 से 30 सितंबर तक भारी वर्षा की संभावना के चलते गंडक नदी में 3.50 लाख क्यूसेक पानी ...और पढ़ें

नेपाल में भारी वर्षा के बाद बढ़ा बाढ़ का खतरा। जागरण

नेपाल में भारी वर्षा के बाद बढ़ा बाढ़ का खतरा। जागरण

HighLights

  1. नेपाल में भारी वर्षा से गंडक नदी में पानी बढ़ने की आशंका।

  2. कुशीनगर के खड्डा तहसील के गांवों में बाढ़ का खतरा।

  3. जल संसाधन विभाग ने हाई अलर्ट जारी कर निगरानी बढ़ाई।

संवाद सूत्र, पनियहवा। नेपाल में 26 से 30 सितंबर तक भारी वर्षा की संभावना को देखते हुए गंडक नदी में करीब 3.50 लाख क्यूसेक पानी आने की संभावना जताई गई है। नेपाल से मिली सूचना के बाद जल संसाधन विभाग ने हाई अलर्ट जारी किया है। जिसका असर यूपी के कुशीनगर के खड्डा तहसील स्थित नदी किनारे के मदनपुर सुकरौली,भैंसहा, लक्ष्मीपुर, पडरहवा,भगवानपुर और दियारा के गांव शिवपुर, हरिहरपुर,नरायनपुर, मरिचहवा,बसंतपुर पर पड़ सकता है।

गुरुवार शाम चार बजे 73600 क्यूसेक पानी डिस्चार्ज किया गया। पिछले कुछ दिनों से गंडक के जलस्तर में गिरावट आने के बाद विभागीय अधिकारी राहत महसूस कर रहे थे, लेकिन नेपाल में भारी वर्षा की संभावना और नदी जलप्रवाह की आशंका ने एक बार फिर चिंता बढ़ा दी है। नेपाल से पानी आने की सूचना के बाद विभाग की ओर से संवेदनशील स्थानों पर विशेष नजर रखने के निर्देश दिए गए हैं।

बिहार बाढ़ नियंत्रण प्रमंडल-दो के कार्यपालक अभियंता रजत कुमार ने बताया कि नेपाल प्रशासन की ओर से 26 से 30 सितंबर तक भारी वर्षा की सूचना दी गई है। इसके आधार पर विभाग को अलर्ट किया गया है। मौसम विभाग ने भी इस अवधि में भारी बारिश की संभावना जताई है।

बाढ़ खंड के एसडीओ संजय कुमार ने बताया कि गंडक के पानी में वृद्धि की स्थिति को देखते हुए नदी किनारे तटबंधों और संवेदनशील स्थलों पर निगरानी बढ़ाई जा रही है। ग्रामीणों को नदी के आसपास जाने में सावधानी बरतने और प्रशासन की ओर से जारी निर्देशों का पालन करने की सलाह दी गई है। टीमें जलस्तर और तटबंधों की स्थिति पर लगातार निगरानी रख रही हैं।

एपी बांध के किनारों के जर्जर स्थानों पर बढ़ा कटान का खतरा
बुधवार की रात से नारायणी नदी के डिस्चार्ज में लगातार वृद्धि हो रही है। बढ़ते जलस्तर के साथ नदी बांध के किनारे बनाए गए स्पर, स्टड, नोज, रिवेटमेंट व एप्रन से टकराते हुए बह रही है। इससे कई स्थानों पर कटान का दबाव बढ़ गया है। डिस्चार्ज में धीरे-धीरे हो रही वृद्धि से जल स्तर का दबाव बढ़ने से एपी बांध के किमी 3.00 से 4.00 के बीच नवनिर्मित स्पर के नोज के एप्रन का अगला हिस्सा धंस गया है।

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अहिरौलीदान के कचहरी टोला, नोनिया टोला व खैरखूंटा के अलावा बाघाचौर, जवही दयाल की चैनपट्टी, बीरवट कोन्हवलिया और नरवाजोत के किमी 1.700 के आसपास भी नदी का दबाव बढ़ा है। ग्रामीणों का कहना है कि नारायणी के जल स्तर में उतार-चढ़ाव से कई स्थानों पर कटान तेज हो रहा है।

एसडीओ दीप रतन सिंह ने बताया कि गुरुवार दोपहर बाद नदी के डिस्चार्ज में वृद्धि हुई है। पानी का दबाव बढ़ा है। स्पर के नोज के प्रभावित हिस्से की मरम्मत करा दी गई है।

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