यूपी में लोहे की कीलों पर लेटकर मां दुर्गा की अनोखी पूजा, तपस्या देखने दूर-दूर से आ रहे लोगों का तांता
कौशांबी के अमहा गांव में शारदीय नवरात्र के दौरान एक महिला लोहे की कीलों की शैय्या पर लेटकर मां दुर्गा की अनोखी तपस्या कर रही हैं।
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कीलो की शैया पर लेटी सुदेश्वरी देवी। सौ जागरण
HighLights
महिला लोहे की कीलों की शैय्या पर कर रही तपस्या।
कौशांबी के अमहा गांव में चल रही अनोखी साधना।
मां दुर्गा के सपने के बाद शुरू की आराधना।
जागरण संवाददाता, कौशांबी। शारदीय नवरात्र में मां दुर्गा की भक्ति के रंग में हर कोई रंगा नजर आ रहा है। कहीं भजन-कीर्तन हो रहे हैं तो कहीं श्रद्धालु कठिन साधना में लीन हैं। इसी बीच नगर पालिका भरवारी के अमहा गांव में एक महिला की अनोखी तपस्या लोगों के बीच चर्चा का विषय बनी हुई है।
प्रतापगढ़ की रहने वाली सुदेश्वरी लोहे की कीलों से बनी शैय्या पर लेटकर मां दुर्गा की आराधना कर रही हैं। उनकी कठिन साधना को देखने के लिए दूर-दराज के गांवों से भी श्रद्धालु पहुंच रहे हैं।
चार वर्षों से कर रहीं तपस्या
प्रतापगढ़ जिले के पुन्नेमऊ गांव निवासी सुदेश्वरी दुर्गा पिछले चार वर्षों से तपस्या कर रही हैं। इस बार वह अपनी बहन शिमला देवी के घर अमहा गांव आई हैं, जहां उनकी साधना जारी है।
महिला को तपस्या करते देखने के लिए दिनभर लोगों का तांता लगा रहता है। शाम होते ही पूरा माहौल भक्तिमय हो उठता है और मां दुर्गा के जयकारों से गांव गूंजने लगता है।
सुदेश्वरी दुर्गा ने बताया कि चार वर्ष पहले वह गंभीर बीमारी से परेशान थीं। काफी इलाज के बाद भी राहत नहीं मिली। इसी दौरान मां दुर्गा उनके सपने में आईं और तपस्या करने को कहा।
महिला का दावा है कि आराधना शुरू करने के बाद उनकी परेशानियां दूर हो गईं। तभी से वह हर वर्ष मां की भक्ति में लीन होकर कठिन तपस्या कर रही हैं। उनकी इस साधना को लेकर ग्रामीणों में गहरी श्रद्धा देखने को मिल रही है।
