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दिवाली पर चतुग्रही योग का दुर्लभ संयोग, विशेष विधि से पूजा करने पर मां लक्ष्मी की बरसेगी कृपा

Published: Wed, 04 Nov 2026 02:21 PM (IST)

इस दीपावली पर चतुग्रही योग का शुभ संयोग बन रहा है, जो सुख-समृद्धि के लिए अत्यंत फलदायी है। धनतेरस से ...और पढ़ें

दिवाली 2026।

दिवाली 2026।

HighLights

  1. दीपावली पर चतुग्रही योग का शुभ संयोग बन रहा है।

  2. दीपोत्सव 6 नवंबर धनतेरस से 11 नवंबर भाई दूज तक।

  3. यह योग सुख-समृद्धि, ऐश्वर्य और सौभाग्य का कारक है।

जागरण संवाददाता, कौशांबी। दीपावली पर इस साल चतुग्रही योग का शुभ संयोग बन रहा है। इस दिन स्वाती नक्षत्र के साथ बुद्धादित्य, शुक्रादित्य, आयुष्मान व सौभाग्य योग का शुभ संयोग रहेगा। ज्योतिषीय मान्यताओं के अनुसार, ग्रहों का यह खास संयोग कई वर्षों बाद बन रहा है।

रोशनी, उल्लास और समृद्धि के महापर्व दीपावली इस बार आठ नवंबर को है। दीपों के इस महापर्व पर ग्रहों और नक्षत्रों का ऐसा दुर्लभ संयोग बन रहा है, जिसे बेहद शुभ और फलदायी माना जा रहा है। इस वर्ष तिथियों के विशेष संयोग के कारण दीपोत्सव पांच की जगह छह दिनों का होगा।

छह नवंबर धनतेरस से 11 नवंबर भाई दूज तक, जिसमें नौ नवंबर को सोमवती अमावस्या पर भी दीपदान किया जाएगा। मान्यता है कि ऐसे शुभ योगों में मां लक्ष्मी और भगवान गणेश की पूजा करने से सुख-समृद्धि, ऐश्वर्य और सौभाग्य की प्राप्ति होती है।

ज्योतिषविद आचार्य पं जयराम शुक्ल ने बताया कि दीपावली पर ग्रहों और नक्षत्रों का यह दुर्लभ संयोग ज्योतिषीय दृष्टि से बेहद शुभ माना जा रहा है। बुधादित्य और शुक्रादित्य योग बुद्धि, व्यापार, सुख-सुविधा और मान-सम्मान में वृद्धि के कारक हैं। वहीं आयुष्मान और सौभाग्य योग इस पर्व की शुभता को और बढ़ाएंगे।

तुला राशि में बनेगी सूर्य, बुध और शुक्र की युति

इस खास संयोग में तुला राशि में सूर्य, बुध और शुक्र की युति विशेष महत्व रखती है। तुला राशि में सूर्य और शुक्र की युति से शुक्रादित्य, सूर्य और बुध की तुला राशि में युति से बुधादित्य योग बनेगा, जो बुद्धि, कारोबार और मान-सम्मान के लिए अत्यंत शुभ माना जाता है। ज्योतिष शास्त्र में इस योग को सुख-सुविधा, वैभव, कला और भौतिक समृद्धि का कारक माना गया है।

  • 6 नवंबर शुक्रवार धन तेरस: धनतेरस के साथ दीपोत्सव की शुरुआत होगी। इस मौके पर बाजारों में जमकर खरीदारी होगी।
  • 7 नवंबर शनिवार नरक चतुर्दशी : दीपोत्सव के दूसरे दिन रूप चौदस का पर्व मनाया जाएगा। इसे नरक चतुर्दशी भी कहा जाता है।
  • 8 नवंबर रविवार दीपावली : दीपावली पर्व पर घर में सुख समृद्धि की कामना के साथ माता महालक्ष्मी की पूजा अर्चना होगी।
  • 9 नवंबर सोमवार सोमवती अमावस्या: इस बार अमावस्या तिथि दो दिन रहेगी, जो अगले दिन सोमवार को भी विद्यमान रहेगी।
  • 10 नवंबर मंगलवार गोवर्धन पूजा: दीपावली के बाद गोवर्धन पूजा और अन्नकूट का आयोजन किया जाएगा।
  • 11 नवंबर बुधवार भाईदूज: दीपावली उत्सव का समापन भाईदूज के साथ होगा।

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