ये कैसी ममता! 45 दिन का नवजात 1.30 लाख रु में बेचा, कासगंज में झोलाछाप दंपती सहित तीन गिरफ्तार
Kasganj News: कासगंज में एक मां ने अपने 45 दिन के बच्चे को 1.30 लाख रुपये में बेच दिया, जिसके बाद उसने बच्चे के गायब होने की झूठी कहानी गढ़ी।

सांकेतिक तस्वीर।
HighLights
मां ने 45 दिन का बच्चा 1.30 लाख में बेचा
पुलिस ने बच्चे को सिकंदराराऊ से बरामद किया
मां और झोलाछाप दंपती गिरफ्तार, बच्चा गंभीर
जागरण संवाददाता, कासगंज। सोरों थाना क्षेत्र की एक महिला ने झोलाछाप दंपती के साथ मिलकर अपने 45 दिन के बेटे को 1.30 लाख रुपये में बेच दिया। इसके बाद महिला ने कासगंज रोडवेज बस स्टैंड से बच्चा गायब होने की कहानी गढ़ दी। पति की शिकायत पर पुलिस ने जांच शुरू की तो महिला के बैंक खाते में 1.30 लाख रुपये आने से मामला खुल गया। पुलिस ने सिकंदराराऊ से बच्चे को बरामद कर लिया है।
मामले में बच्चे की मां और झोलाछाप दंपती को गिरफ्तार किया गया है। बच्चे को गंभीर हालत में अस्पताल में भर्ती कराया गया है। उसे खरीदने वाला दंपती फरार है।
सिकंदराराऊ में दंपती के पास मिला नवजात
सोरों क्षेत्र के गांव बनूपुर पुख्ता निवासी अरविंद पुत्र रमेशचंद्र फरीदाबाद में सोनपापड़ी बनाने वाली कंपनी में काम करते हैं। उनकी पत्नी क्रांति तीन बच्चों के साथ गांव में रहती है। 16 अक्टूबर को क्रांति अपने 45 दिन के सबसे छोटे बेटे को दवा दिलाने के बहाने कासगंज आई थी। दोपहर करीब तीन बजे वह कासगंज रोडवेज बस स्टैंड पर लघुशंका जाने का बहाना बनाकर बच्चे को एक अज्ञात महिला के पास छोड़ गई। वापस लौटी तो महिला बच्चे को लेकर गायब थी। इसके बाद क्रांति ने 1076 पर फोन कर पुलिस को सूचना दी, लेकिन बच्चा नहीं मिला।
मां ने 1.30 लाख रुपये में बेचा 45 दिन का बेटा
क्रांति ने घर पहुंचकर स्वजन को भी यही कहानी बताई। परिवार ने फरीदाबाद में काम कर रहे अरविंद को सूचना दी। वह गांव पहुंचे और 17 अक्टूबर को पुलिस को तहरीर दी। पुलिस ने जांच शुरू की तो क्रांति के जवाब संतोषजनक नहीं मिले। उसके बैंक खाते की जांच की गई तो उसमें 1.30 लाख रुपये आने की जानकारी मिली। इसके बाद पुलिस ने उससे पूछताछ की तो उसने बच्चे को बेचने की बात स्वीकार कर ली।
झोलाछाप दंपती ने सिकंदराराऊ में सौंपा था बच्चा
पुलिस के अनुसार, क्रांति ने सोरों क्षेत्र के सलेमपुर उर्फ नगला भूतल निवासी झोलाछाप अरुण और उसकी पत्नी पिंकी के साथ मिलकर बच्चे को सिकंदराराऊ निवासी महीपाल और उसकी पत्नी संतोषी को बेचा था। बच्चे के बदले मिले 1.20 लाख रुपये क्रांति के बैंक खाते में ऑनलाइन भेजे गए थे, जबकि 10 हजार रुपये नकद दिए गए थे।
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खाते में रकम आने से खुला मामला
क्रांति से पूछताछ के बाद पुलिस ने शनिवार दोपहर अरुण और पिंकी को हिरासत में लेकर पूछताछ की। दोनों ने बच्चे को महीपाल और संतोषी को सौंपने की बात स्वीकार की। इसके बाद पुलिस ने सिकंदराराऊ पहुंचकर बच्चे को बरामद कर लिया। पुलिस के पहुंचने से पहले ही महीपाल और संतोषी फरार हो गए। पुलिस उनकी तलाश कर रही है।
गंभीर हालत में अस्पताल में भर्ती, पति की तहरीर पर पुलिस ने शुरू की जांच
बच्चे की हालत ठीक नहीं होने पर उसे कासगंज के अस्पताल में भर्ती कराया गया है। उसके पिता और परिवार के लोग देखभाल कर रहे हैं। सीओ आंचल चौहान ने बताया कि बच्चे को बरामद कर लिया गया है। उसकी मां ने ही उसे बेचा था। मामले में मां और झोलाछाप दंपती को गिरफ्तार किया गया है। अन्य आरोपितों की तलाश की जा रही है।
