कानपुर देहात में 5368 शिक्षकों के दस्तावेजों की एसटीएफ जांच, फर्जीवाड़े पर शिकंजा
कानपुर देहात में 5368 परिषदीय शिक्षकों के शैक्षिक दस्तावेजों की एसटीएफ जांच करेगी। फर्जीवाड़े की आशंका के चलते शिक्षकों को ...और पढ़ें
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HighLights
एसटीएफ करेगी कानपुर देहात के 5368 शिक्षकों के दस्तावेजों की जांच।
शिक्षकों को एक सप्ताह में सभी मूल दस्तावेज जमा करने का आदेश।
फर्जी शैक्षिक प्रमाण पत्रों और नियुक्तियों पर होगी सख्त कार्रवाई।
जागरण संवाददाता, कानपुर देहात। फर्जी शैक्षिक दस्तावेजों के सहारे बेसिक शिक्षा विभाग में नौकरी हासिल करने वालों के लिए खतरे की घंटी बज चुकी है। जिले में 5368 शिक्षकों के दस्तावेजों की जांच एसटीएफ करेगी।बीएसए ने आदेश जारी किया है कि एक सप्ताह के भीतर शिक्षक अपने दस्तावेज उपलब्ध करा दें।
जिले के 10 विकासखंडों के अंतर्गत आने वाले कुल 1922 परिषदीय विद्यालयों में तैनात 5368 शिक्षकों के दस्तावेजों का संकलन किया जाना है। इस प्रक्रिया के तहत प्रत्येक शिक्षक को अपने सभी मूल व आवश्यक दस्तावेज संबंधित खंड शिक्षा अधिकारी के माध्यम से बीएसए कार्यालय में दो प्रतियों में जमा कराने होंगे।
इनमें नियुक्ति पत्र एवं शैक्षिक योग्यता से जुड़े सभी प्रमाण पत्र (हाईस्कूल, इंटरमीडिएट, स्नातक), व्यावसायिक योग्यता प्रमाण पत्र जैसे बीएड, बीटीसी, डीएलएड और टीईटी,सीटेट तथा आरक्षण एवं अन्य श्रेणी के सभी प्रमाण पत्र शामिल हैं जो नियुक्ति के समय लगाए गए थे और स्पष्ट व पठनीय होने चाहिए।
इन सभी शिक्षकों की कंपाइल रिपोर्ट तैयार कर एसटीएफ को भेजी जाएगी। इससे पहले भी प्रदेश के विभिन्न जनपदों में सैकड़ों फर्जी शिक्षक पकड़े जा चुके हैं। शासन के इस नए और सख्त फरमान से विभाग में जबरदस्त खलबली मच गई है।बहुत से शिक्षकों पर फर्जी विकलांगता सर्टिफिकेट का अनुचित लाभ लेकर नौकरी हथियाने का आरोप है।
कई शिक्षकों के हाईस्कूल, इंटरमीडिएट और स्नातक के प्रमाण पत्रों में उनके नाम अलग-अलग दर्ज हैं। कई शिक्षकों ने आर्ट (कला वर्ग) से स्नातक की पढ़ाई करने के बावजूद विज्ञान वर्ग की रिक्तियों में नौकरी प्राप्त की है। कई शिक्षकों ने फर्जी जाति प्रमाणपत्र या कूटरचित स्वतंत्रता संग्राम सेनानी प्रमाणपत्र का सहारा लेकर आरक्षण का लाभ लिया है।
कई शिक्षकों के टीईटी प्रमाण पत्र तथा बीएड की डिग्रियां भी फर्जी अथवा कूटरचित हैं। पूर्व के समय में भर्तियां मैनुअल तरीके से होती थीं ऐसे में कई शिक्षकों पर बीएसए कार्यालय के बाबुओं से साठगांठ कर अंकपत्रों में कम अंकों को अधिक दिखाकर नौकरी पाने के गंभीर आरोप भी हैं हालांकि इन तथ्यों की गहराई तक जांच होने के बाद ही आने वाले समय में स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।
इस पूरी प्रक्रिया को पारदर्शी बनाने के लिए प्रत्येक शिक्षक को 100 रुपये के नोटरी द्वारा सत्यापित शपथ पत्र देना होगा। इस शपथ पत्र में उन्हें यह घोषणा करनी होगी कि शिक्षा विभाग में बीएसए या उससे उच्च पद पर उनका कोई निकट संबंधी सेवारत अथवा सेवानिवृत्त है या नहीं। यदि कोई संबंधी कार्यरत नहीं है, तो उन्हें इस आशय की अंडरटेकिंग देनी होगी।
इस संबंध में बेसिक शिक्षा अधिकारी आशीष कुमार पांडेय ने बताया कि शासन स्तर से बेसिक शिक्षा के प्रत्येक शिक्षक के शैक्षिक दस्तावेज जुटाए जाने के निर्देश मिले हैं। इन सभी विवरणों को एक विशेष एक्सेल शीट में तैयार करके एसटीएफ को भेजा जाएगा जो अपने स्तर से इनकी जांच करेगी।
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