उत्तर प्रदेश में महंगाई भत्ते के साथ बढ़ी मजदूरी, इसी माह से मिलेगा लाभ
उत्तर प्रदेश में औद्योगिक शांति बनाए रखने के लिए न्यूनतम मजदूरी दरें निर्धारित की गई हैं, जिनमें महंगाई भत्ता भी ...और पढ़ें

HighLights
न्यूनतम मजदूरी दरें महंगाई भत्ते के साथ बढ़ाई गईं।
नई दरें मार्च 2027 तक प्रभावी, लाभ इसी माह से।
कानपुर में नगर निगम क्षेत्रों के लिए अलग दरें लागू।
जागरण संवाददाता, कानपुर। उत्तर प्रदेश में औद्योगिक शांति स्थापित रखने और औद्योगिक उत्पादन को सुचारू रूप से संचालित रखने के लिए न्यूनतम मजदूरी दरें निर्धारित की गई है। अब महंगाई भत्ता बढ़ाते हुए मार्च 2027 तक मजदूरी की नई दरें प्रभावी होंगी। इसी माह से बढ़ा पारिश्रमिक दिया जाएगा।
उपभोक्ता मूल्य सूचकांक में वृद्धि होने पर महंगाई को शत-प्रतिशत निष्प्रभावी करते हुए हर वर्ष अप्रैल व अक्टूबर में क्रमश: पिछले वर्ष के जुलाई से दिसंबर और वर्तमान वर्ष जनवरी से जून माह के औसत सूचकांक के आधार पर महंगाई भत्ते का भुगतान किया जाता है।
मजदूरी की दैनिक दर न्यूनतम मूल मजदूरी और परिवर्तनीय महंगाई भत्ते के 1/26 (एक माह में 26 दिन) से कम नहीं होगी। ऐसे कर्मचारियों को जिनके कार्य के घंटे (विश्राम के घंटों को शामिल करते हुए) एक दिन में छह घंटे या एक सप्ताह में 36 घंटे से कम है तो उसे अंशकालिक कर्मचारी माना जाएगा।
उनकी घंटेवार मजदूरी की दर दैनिक दर के आठवें भाग से कम नहीं होगी। अपर श्रमायुक्त शमीम अख्तर ने बताया कि कानपुर जिले में नगर निगम क्षेत्र और नगर निगम दायरे से बाहर क्षेत्र में मजदूरी की दरें अलग-अलग होंगी। मजदूरी की नई दरें इसी माह से लागू होंगी, इसलिए इस माह का पारिश्रमिक नई दरों के अनुसार होगा। मजदूरी की नई दरें मार्च 2027 तक प्रभावी होंगी।
