कौन हैं प्रकाश पाल? जिन्हें BJP ने बनाया राज्यसभा उम्मीदवार, तीन दशक का लंबा है राजनीतिक सफर
प्रकाश पाल ने राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ से सार्वजनिक जीवन शुरू किया, अब भाजपा के राज्यसभा प्रत्याशी हैं। उनका नामांकन कानपुर-बुंदेलखंड ...और पढ़ें

भाजपा से राज्यसभा प्रत्याशी प्रकाश पाल। फाइल फोटो
HighLights
प्रकाश पाल भाजपा के राज्यसभा प्रत्याशी घोषित।
तीन दशकों से अधिक समय से संगठन में सक्रिय।
कानपुर-बुंदेलखंड में 2027 चुनाव के लिए अहम संकेत।
जागरण संवाददाता, कानपुर। प्रकाश पाल ने राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) के प्रचारक के रूप में सार्वजनिक जीवन की शुरुआत की और तीन दशक से अधिक समय से भाजपा संगठन में सक्रिय हैं। करीब तीन वर्ष तहसील प्रचारक रहने के बाद 1994 में फतेहपुर के जिला संगठन मंत्री बने।
1997 में हमीरपुर-महोबा और फिर अयोध्या, बांदा तथा कानपुर-इटावा में विभाग संगठन मंत्री की जिम्मेदारी संभाली। 2007 से 2013 तक पश्चिमी उत्तर प्रदेश के क्षेत्रीय संगठन मंत्री रहे। 2013-14 में प्रदेश संगठन मंत्री (चुनाव एवं पिछड़ा वर्ग मोर्चा) की जिम्मेदारी निभाई।
2018 से 2020 तक प्रदेश मंत्री और 2020 से मार्च 2023 तक प्रदेश उपाध्यक्ष रहे। मार्च 2023 में उन्हें कानपुर-बुंदेलखंड क्षेत्र का क्षेत्रीय अध्यक्ष बनाया गया।
2017 में कानपुर-उन्नाव विधान परिषद चुनाव के संयोजक तथा 2022 में हरदोई के जिला प्रभारी रहे। 2022 गुजरात विधानसभा चुनाव में यूपी से गए प्रवासी कार्यकर्ताओं की टीम का नेतृत्व भी किया।
2027 की तैयारी से भी जुड़ा संदेश
कानपुर-बुंदेलखंड में विधानसभा चुनाव से पहले भाजपा के लिए संगठन, सामाजिक समीकरण और क्षेत्रीय प्रतिनिधित्व तीनों अहम हैं। ऐसे में प्रकाश पाल का राज्यसभा जाना क्षेत्र के कार्यकर्ताओं के लिए भी राजनीतिक संकेत है कि क्षेत्र से निकले संगठनात्मक नेताओं को प्रदेश और केंद्रीय राजनीति में आगे बढ़ाने की दिशा में पार्टी काम कर रही है।
हालांकि, इससे क्षेत्रीय स्तर पर नए नेतृत्व के लिए जगह भी बनेगी। रामकिशोर साहू के नेतृत्व में संगठन पहले ही नई व्यवस्था में काम कर रहा है। अब प्रकाश पाल के राज्यसभा जाने के बाद क्षेत्रीय भाजपा में संगठन और जनप्रतिनिधियों के बीच समन्वय की नई भूमिका तय होगी। राज्यसभा चुनाव के लिए नामांकन की अंतिम तारीख छह अक्टूबर है और मतदान 16 अक्टूबर को प्रस्तावित है।
