कालपी अधिवक्ता हत्याकांड: 25 हजार के इनामी मोनू यादव और पिता की तलाश में कानपुर में उरई पुलिस की छापेमारी
कालपी अधिवक्ता गयादीन अहिरवार हत्याकांड में 10 लाख की सुपारी लेने वाले 25 हजार के इनामी मोनू यादव और उसके ...और पढ़ें
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HighLights
मोबाइल बंद होने से नहीं मिली 25 हजार के इनामी की लोकेशन, 10 लाख की ली थी सुपारी
कालपी तहसील अधिवक्ता एसोसिएशन के अध्यक्ष को अगवा कर हत्या करने का मामला
जागरण संवाददाता, कानपुर। कालपी तहसील अधिवक्ता एसोसिएशन के अध्यक्ष अधिवक्ता गयादीन अहिरवार को कार से अगवा कर हत्या करने के मामले में 10 लाख की सुपारी लेने के दो आरोपित अभी फरार हैं, जिनकी तलाश में उरई पुलिस ने मंगलवार को भी शहर के गुजैनी, बर्रा के संभावित स्थानों पर छापेमारी की। आरोपित 25 हजार के इनामी मोनू यादव और उसके पिता अजय यादव के घर पर टीम पहुंची, लेकिन परिवार कुछ बता नहीं सका।
बताया गया कि मोनू पहले भी हत्या और गांजा तस्करी में जेल जा चुका है। वह वारदात के बाद से फोन बंद कर देता है या पुलिस को भ्रमित करने के लिए चालू फोन नहीं छोड़ देता है, जिससे उसकी पुलिस को लोकेशन न पता चले। फिलहाल पुलिस उसकी तलाश में जुटी है।
मुख्य आरोपित 25 हजार के इनामी मूलरूप से गुजरात व वर्तमान में गुजैनी के वरुण विहार निवासी माेनू यादव व उसके पिता अजय की तलाश में मंगलवार को उरई पुलिस की टीम सादे कपड़ों में उसके घर पहुंची, जहां मोनू की पत्नी राधिका मिली। उसने बताया कि काफी दिनों से मोनू घर नहीं आया और न फोन किया।
पुलिस ने मोनू के क्षेत्र में रहने वाले कुछ लोगों से भी पूछताछ की, लेकिन कोई सुराग नहीं लगा। सूत्रों के अनुसार, मोनू वारदात करने की साजिश रचने से पहले ही अपना फोन बंद कर देता है। घरवालों से बात करने के लिए परिचित या राहगीर का फोन इस्तेमाल करता है। हालांकि अधिवक्ता को फोन करने के लिए उसका उस समय फोन चालू बताया गया।
मोनू गांजा तस्करी का आरोपित भी है। वह छत्तीसगढ़, हरियाणा, बिहार, समेत जगहों से गांजा लाकर कानपुर और मथुरा में सप्लाई करता है। वह पूर्व में छत्तीसगढ़ के रायपुर के तेलीबांधा में गांजे के साथ करीब 15 किलो गांजे के साथ पकड़ा गया था। कुछ माह पहले वह जमानत पर छूटकर आया तो उसके पिता ने हत्या की सुपारी इंद्रजीत से दिलाई।
गांजा बेचने को लेकर मोनू का कुछ दिन पहले हिस्ट्रीशीटर से हुआ था विवाद
सूत्रों के अनुसार, मोनू यादव और बर्रा के एक हिस्ट्रीशीटर दोनों एक साथ गांजा सप्लाई का काम करते थे, लेकिन वर्चस्व और हिस्ट्रीशीटर के ज्यादा कमीशन लेने के चलते मोनू ने गांजे का काम अलग कर लिया था। इसको लेकर दोनों में रंजिश थी। हत्याकांड से कुछ दिन पहले मोनू का हिस्ट्रीशीटर से गांजा बेचने को लेकर विवाद होना भी बताया गया था, जिस पर मोनू ने उसे देख लेने की धमकी दी थी।
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