कानपुर: एनएसआइ के 722 पेड़ काटने में चार्जशीट दाखिल, निदेशक और अफसरों को क्लीन चिट
राष्ट्रीय शर्करा संस्थान (एनएसआइ) कानपुर में 722 पेड़ काटने के मामले में पुलिस ने चार लोगों के खिलाफ 19 पेज की चार्जशीट दाखिल की है।

तस्वीर- फाइल।
HighLights
एनएसआइ कानपुर में 722 पेड़ काटने का मामला।
पुलिस ने चार लोगों के खिलाफ चार्जशीट दाखिल की।
निदेशक समेत अधिकारियों को पुलिस ने क्लीन चिट दी।
जागरण संवाददाता, कानपुर। राष्ट्रीय शर्करा संस्थान (एनएसआइ )के 722 पेड़ काटने के मामले में पुलिस ने कोर्ट में चार लोगों के खिलाफ 19 पेज की चार्जशीट दाखिल कर दी।
विवेचना के दौरान 22 पर्चे काटे गए। चार्जशीट से निदेशक सीमा परोहा समेत अन्य अधिकारियों ने नाम हटाकर सभी को क्लीन चिट दे दी गई जबकि ठेकेदार,गार्ड और टिम्बर मालिक पर पूरे घटनाक्रम का ठीकरा फोड़ दिया गया। चार्जशीट में नौ गवाह बनाए गए है जबकि साक्ष्य के तौर पेड़ों के ठूंठ की वीडियो और तस्वीरें कोर्ट में पेश की गई हैं।
राष्ट्रीय शर्करा संस्थान परिसर में स्थित 722 पेड़ काटने का मामला सामने आने के बाद दो जून को तत्कालीन क्षेत्रीय वन अधिकारी राकेश कुमार पांडे ने संस्थान की निदेशक सीमा परोहा, संपदा अधिकारी विनय कुमार, फार्म प्रबंधक अशोक कुमार, सुरक्षा गार्ड उदय प्रताप सिंह,अनवर गंज के तिवारी वुड फर्म संचालक और अन्य अज्ञात के खिलाफ कल्याणपुर थाने में मुकदमा दर्ज कराया था।
इसके अलावा वन विभाग ने खुद भी मुकदमा दर्ज कर अपनी अलग से जांच कराई थी।एसडीओ आशीष जैन की जांच में निदेशक समेत अन्य अधिकारी दोषी पाए गए थे।
जिसके बाद इसकी गुप्त रिपोर्ट शासन को भेजी गई। शासन में इसे गंभीरता से लेते हुए निदेशक सीमा पर्रोहा और संपति अधिकारी विनय कुमार को निलंबित किया था।
वही पुलिस ने विवेचना के दौरान निदेशक सीमा परोहा,संपति अधिकारी विनय कुमार और फार्म प्रबंधक अशोक कुमार को क्लीन चिट दे दी।जबकि तिवारी वुड की संचालक आरती तिवारी,गार्ड उदय प्रताप सिंह और बिठूर निवासी ठेकदार राजेंद्र गौतम व अजय गौतम को पेड़ों पर आरा चलाने का दोषी माना है।
बड़ा सवाल ये है कि आखिर वन विभाग की जांच में दोषी पाई गई निदेशक और अन्य अधिकारी पुलिस की जांच में निर्दोष कैसे हो गए। एनएसआइ जैसे व्यवस्थित और सुरक्षित माने जाने वाले संस्थान में बिना अनुमति के एक माह तक पेड़ कटते रहे,लकड़ी बाहर जाती रही और निदेशक,संपदा अधिकारी व फार्म प्रबंधक को जानकारी तक नहीं हो सकी।इसको लेकर तरह तरह की चर्चा होना शुरू हो गया है।
लोग पुलिस की जांच पर सवाल उठाने लगे हैं। डीसीपी पश्चिम एसएम कासिम आबिदी ने बताया कि चार लोगों के खिलाफ 19 पेज की चार्जशीट दाखिल की गई है।
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