कानपुर में 27 करोड़ से चौड़ा होगा नौबस्ता-हमीरपुर हाईवे, रमईपुर, पतारा समेत पांच ब्लैक स्पॉट होंगे खत्म
कानपुर में नौबस्ता-हमीरपुर हाईवे पर हादसों को रोकने के लिए 27 करोड़ रुपये की लागत से पांच ब्लैक स्पॉट खत्म ...और पढ़ें

घाटमपुर के आनूपुर मोड़ से निकलते वाहन। जागरण
HighLights
नौबस्ता-हमीरपुर हाईवे पर पांच ब्लैक स्पॉट खत्म होंगे
27 करोड़ की लागत से चौड़ीकरण, नवंबर से काम शुरू
दुर्घटनाओं पर अंकुश लगेगा, यातायात सुरक्षित होगा
जागरण संवाददाता, कानपुर। नौबस्ता-हमीरपुर हाईवे यानी राष्ट्रीय राजमार्ग-34 पर हादसों पर अंकुश लगाने के लिए भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआइ) पांच ब्लैक स्पाट को खत्म करने के लिए जल्द कार्य शुरू होगा। इस हाईवे के घाटमपुर के रमईपुर, पतारा, आनूपुर मोड़, दुर्गा मंदिर और भदरस मोड़ पर हाईवे का चौड़ीकरण किया जाएगा।
सड़क की बनावट और चौड़ाई में बदलाव कर दुर्घटनाओं पर लगाम लगेगी। परियोजना के लिए करीब 47 करोड़ रुपये का टेंडर निकाला गया था। टेंडर प्रक्रिया के बाद जम्मू की कंपनी टीआरजी को करीब 27 करोड़ रुपये में काम सौंपने का निर्णय लिया गया है। यह राशि निर्धारित लागत से लगभग 30 प्रतिशत कम है।
नौबस्ता-हमीरपुर हाईवे पर आए दिन होने वाले हादसों के कारण इसे खूनी हाईवे तक कहा जाने लगा है। दो लेन के इस हाईवे पर वाहनों का दबाव उसकी क्षमता से कई गुना अधिक है। करीब तीन हजार पैसेंजर कार यूनिट (पीसीयू) की क्षमता वाले मार्ग पर लगभग 10 गुणा यातायात का भार है। ऐसे में सड़क पर वाहनों की अधिक संख्या और भारी वाहनों की आवाजाही दुर्घटनाओं का जोखिम बढ़ा रही है। ओवरलोड डंपरों के चलते स्थिति और गंभीर हो जाती है।
इस हाईवे पर हादसों के पीछे कई कारण हैं। क्षमता से अधिक वाहनों का संचालन और भारी वाहनों में ओवरलोडिंग प्रमुख समस्या है। हाईवे किनारे स्थित होटल और गेस्ट हाउस में पर्याप्त पार्किंग की व्यवस्था नहीं होने से भी यातायात प्रभावित होता है। कई बार वाहन सड़क किनारे खड़े रहते हैं, जिससे दुर्घटनाओं की आशंका बढ़ जाती है। इसके अलावा गैर पेशेवर चालकों द्वारा भारी वाहन चलाना, रात में हाई बीम का इस्तेमाल और अनावश्यक ओवरटेकिंग भी हादसों की वजह बनती है। तेज रफ्तार और यातायात नियमों की अनदेखी से जोखिम और बढ़ जाता है।
ब्रेकर पर रेडियम पट्टी तक नहीं
हादसों को रोकने के लिए हाईवे के आसपास के गांवों में ब्रेकर बनवाए गए हैं, लेकिन इन पर भी सुरक्षा के पर्याप्त इंतजाम नहीं हैं। कई ब्रेकर पर रेडियम और चेकर्ड पट्टी नहीं लगी है। ऐसे में दिन के समय भी इनकी पहचान करना मुश्किल होता है, जबकि रात में वाहन चालकों के लिए खतरा और बढ़ जाता है। पांच ब्लैक स्पाट का चौड़ीकरण दुर्घटनाओं को कम करने की दिशा में अहम कदम है, लेकिन इसके साथ ओवरलोडिंग, गलत पार्किंग और यातायात नियमों के उल्लंघन पर अंकुश भी लगना जरूरी है।
नौबस्ता-हमीरपुर हाईवे में पांच ब्लैक स्पाट खत्म करने के लिए टेंडर फाइनल हो गया है। 27 करोड़ की लागत ब्लैक स्पाट खत्म करने के लिए प्रमुख मोड़ पर चौड़ीकरण किया जाएगा, ताकि ग्रामीणों के वाहन सीधे सड़क पर न आए, इसके साथ ही सर्विस रोड भी बनाई जाएगी। नवंबर माह से काम शुरू हो जाएगा।
पंकज यादव, परियोजना निदेशक, एनएचएआई
