चित्रकूट में मंदाकिनी नदी फिर खतरे के निशान से ऊपर, कानपुर-बुंदेलखंड में चार की मौत
चित्रकूट में मंदाकिनी नदी लगातार बारिश के कारण एक बार फिर खतरे के निशान से ऊपर बह रही है, जिससे ...और पढ़ें

मंदाकिनी नदी खतरे के निशान से ऊपर बह रही है। जागरण
HighLights
मंदाकिनी नदी चित्रकूट में खतरे के निशान से 70 सेंटीमीटर ऊपर बह रही।
रामघाट का आरती स्थल डूबा, दुकानें जलमग्न, आवागमन प्रतिबंधित किया गया।
कानपुर-बुंदेलखंड क्षेत्र में भारी बारिश से चार लोगों की मौत हुई।
जागरण संवाददाता, कानपुर। चित्रकूट में 29 अगस्त की रिकार्ड बाढ़ के बाद एक बार फिर मंदाकिनी नदी खतरे के निशान से ऊपर है। लगातार तीसरे दिन बारिश के बीच शुक्रवार रात 12 बजे रामघाट में नदी का जलस्तर 127.200 मीटर पहुंच गया, जो खतरे के निशान 126.500 मीटर से 70 सेंटीमीटर ऊपर रहा। शनिवार सुबह आठ बजे जलस्तर थोड़ा घटने के बावजूद रामघाट का आरती स्थल व सीढ़ियां डूबी हैं, दुकानों में पानी घुस गया है।
रामघाट और आरोग्यधाम में बैरिकेड कर आवागमन रोक दिया गया है। बरदहा नदी भी उफान पर है। इससे मानिकपुर-सतना मार्ग पर टिकरिया का रपटा बह गया है। प्रशासन ने बैरिकेड कर आवागमन रोका है।
इसी तरह, कानपुर-बुंदेलखंड व आसपास के जिलों में बीते 30 घंटे से बारिश हो रही है। इससे गंगा-यमुना समेत अन्य नदियों में जलस्तर बढ़ रहा है। कानपुर नगर, कानपुर देहात, हमीरपुर व फतेहपुर में घर गिरने से मलबे में दबकर महिला व बालक समेत चार की मौत हो गई।
