विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

कानपुर की बिगड़ती हालत: जहरीली हवा, गड्ढों वाली सड़कें और स्वच्छता सूची से बाहर

Published: Wed, 30 Sep 2026 07:56 AM (GMT+05:30)

कानपुर की सड़कें गड्ढों और धूल से भरी हैं, जिससे हवा जहरीली हो गई है और नागरिकों के स्वास्थ्य को ...और पढ़ें

तस्वीर का इस्तेमाल प्रतीकात्मक प्रस्तुतीकरण के लिए किया गया है। जागरण

तस्वीर का इस्तेमाल प्रतीकात्मक प्रस्तुतीकरण के लिए किया गया है। जागरण

HighLights

  1. कानपुर की हवा जहरीली, सड़कें गड्ढों से भरी, स्वास्थ्य जोखिम बढ़ा।

  2. वायु स्वच्छता रैंकिंग में कानपुर 5वें से 11वें स्थान पर खिसका।

  3. स्मार्ट सिटी होने पर भी 50 आदर्श स्वच्छ शहरों में शामिल नहीं।

जागरण संवाददाता, कानपुर। कानपुर की स्थिति दिन-ब-दिन बिगड़ती जा रही है। गड्ढों और उखड़ी सड़कों के कारण शहर का मजाक उड़ाया जा रहा है। इंटरनेट मीडिया पर शहर की सड़कों की तस्वीरें गड्ढों में तब्दील हो चुकी हैं। उड़ती धूल ने शहर की हवा को जहरीला बना दिया है, जिससे नागरिकों को सांस लेने में कठिनाई हो रही है। गंदगी का फैलाव भी इस समस्या को और बढ़ा रहा है।

वायु स्वच्छता रैंकिंग में कानपुर पिछले साल पांचवे स्थान पर था, लेकिन अब यह 11वें स्थान पर पहुंच गया है। इसके बावजूद, सरकार ने शहर को 50 आदर्श स्वच्छ शहरों की सूची में शामिल नहीं किया है। हालांकि, कानपुर स्मार्ट शहरों की सूची में शामिल है, लेकिन खतरनाक सड़कों की स्थिति यह दर्शाती है कि शहर के साथ सौतेला व्यवहार किया जा रहा है।

शहर की स्थिति गंभीर है। उड़ती धूल और फैली गंदगी ने नागरिकों के स्वास्थ्य को खतरे में डाल दिया है। खुदी सड़कें रात में दृश्यता को कम कर रही हैं, जिससे दुर्घटनाओं का खतरा बढ़ गया है। स्वच्छ भारत अभियान के तहत आवास और शहरी मामलों के मंत्रालय ने उत्तर प्रदेश के आगरा, अयोध्या, लखनऊ, मथुरा, प्रयागराज और वाराणसी को आदर्श शहरों के रूप में चुना है, लेकिन कानपुर को इस सूची में स्थान नहीं मिला है।

यह स्थिति तब है जब शहर को सुधार की आवश्यकता है। गंदगी और उड़ती धूल अब एक गंभीर खतरा बन चुकी है, जो न केवल पर्यावरण के लिए, बल्कि नागरिकों के स्वास्थ्य के लिए भी खतरनाक है। स्वच्छता सर्वेक्षण रैंकिंग में अभी शहर देश में जरूर 13 वें स्थान पर है लेकिन हालत देखकर नजर नहीं आता है।
नगर स्वास्थ्य अधिकारी डा अमित सिंह ने बताया कि अभी इस बाबत कोई जानकारी नहीं है।

वायु स्वच्छता रैंकिंग में कानपुर की स्थिति:

  • पिछले साल: 5वां स्थान
  • वर्तमान में: 11वां स्थान
  • वायु प्रदूषण रोकने में बर्बाद हुए 400 करोड़ रुपये
  • घटिया विकास कार्यों का परिणाम
  • उखड़ी सड़कों की संख्या: 300
  • रोजाना निकलने वाली गंदगी: 1400 मीट्रिक टन
  • उठाई जाने वाली गंदगी: 1100 मीट्रिक टन
  • अविकसित इलाकों में गंदगी के ढेर

यह भी पढ़ें- कानपुर में पटाखों की दुकान के लाइसेंस के लिए आवेदन शुरू, अवैध भंडारण पर होगी कार्रवाई

यह भी पढ़ें- कानपुर में महापौर के बेटों पर बंधक बनाकर पीटने का आरोप, पार्षद ने डीसीपी से की शिकायत