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कानपुर में महापौर के बेटों पर बंधक बनाकर पीटने का आरोप, पार्षद ने डीसीपी से की शिकायत

Published: Wed, 30 Sep 2026 05:51 AM (GMT+05:30)

कानपुर में भाजपा पार्षद पवन गुप्ता ने महापौर के बेटों अमित पांडेय और अनुराग पांडेय पर मारपीट व धमकाने का ...और पढ़ें

यह तस्वीर एआई के द्वारा बनाई गई है।

यह तस्वीर एआई के द्वारा बनाई गई है।

HighLights

  1. भाजपा पार्षद पवन गुप्ता ने मारपीट का आरोप लगाया।

  2. महापौर के बेटों अमित और अनुराग पांडेय पर आरोप।

  3. डीसीपी सेंट्रल ने मामले की जांच के आदेश दिए।

जागरण संवाददाता, कानपुर। नगर निगम कार्यकारिणी चुनाव में मतदान की अनुमति के लिए पत्र देने पहुंचे अशोक नगर के भाजपा पार्षद ने महापौर के दोनों बेटों पर मारपीट और धमकाने का आरोप लगाया है। मामले को लेकर बागी पार्षद ने डीसीपी सेंट्रल से मामले की शिकायत करते हुए कार्रवाई और सुरक्षा की मांग की है। अशोक नगर निवासी पवन गुप्ता के वार्ड-37 से पार्षद हैं। उन्होंने बताया कि 26 सितंबर को वह सदन की कार्रवाई में शामिल होने नगर निगम मुख्यालय पहुंचे थे।

कार्यकारिणी चुनाव में मताधिकार का प्रयोग करने के लिए उन्होंने नगर आयुक्त और महापौर कार्यालय में अनुमति संबंधी पत्र दिया था। दोपहर करीब 1:50 मिनट पर उन्होंने अपने साथी और भाजपा मंडल मंत्री मनीष बाजपेई को पत्र रिसीव कराने के लिए महापौर के व्यक्तिगत सहायक कार्यालय भेजा। पवन का आरोप है कि काफी देर तक मनीष के वापस न आने पर वह खुद कार्यालय पहुंचे जहां मनीष नहीं मिले। बगल के समिति कक्ष में देखने पर मनीष को महापौर के बेटे अमित पांडेय उर्फ बंटी और दो अन्य लोगों के साथ मौजूद पाया।

आरोप है कि मनीष को आवाज देने पर अमित पांडेय ने गाली गलौज करते हुए उन्हें कमरे के अंदर खींच लिया और गर्दन दबाकर जमीन पर गिरा दिया। पार्षद के अनुसार इस दौरान महापौर के दूसरे बेटे अनुराग पांडेय भी कमरे में आए और मारपीट करने लगे। शोर सुनकर पार्षद हरि स्वरूप तिवारी कमरे में पहुंचे और उन्हें बचाया। बाद में पार्षद लक्ष्मी कोरी, आलोक पांडेय समेत अन्य पार्षद और बाहर मौजूद पुलिसकर्मियों ने उन्हें छुड़ाया।

पवन का आरोप है कि अमित पांडेय ने उन्हें और उनके साथियों को चोरी के झूठे मुकदमों में जेल भिजवाने की धमकी दी। उन्होंने दोनों से जानमाल का खतरा बताते हुए सुरक्षा की मांग की है। अमित पांडेय उर्फ बंटी ने बताया कि शनिवार को मंगल भवन की कमेटी भंग करने के मामले में नगर आयुक्त से मिलने आए थे, इसके बाद नगर आयुक्त को पत्र देने के गए थे तब तक वह सदन से चले गए थे।

इसी बीच देखा कि एक व्यक्ति महापौर के कार्यालय का दरवाजा खोलकर अंदर जा रहा था उस पर टोका तो सही जवाब नहीं दिया। कर्मचारियों ने भी कहा कि वह व्यक्ति यहां का नहीं है। इस पर पुलिस ने उसे बैठा लिया था। डीसीपी सेंट्रल अतुल कुमार श्रीवास्तव ने बताया कि तहरीर मिली है मामले में जांच के आदेश दिए गये हैं।

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