कानपुर चिड़ियाघर में दो काले हिरणों की मौत, अब अन्य को बचाने का प्रयास
कानपुर चिड़ियाघर में दो काले हिरणों की मौत हो गई है, जिसका कारण पेट में कृमि संक्रमण माना जा रहा ...और पढ़ें
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HighLights
कानपुर चिड़ियाघर में दो काले हिरणों की दुखद मौत हुई
पेट में कृमि संक्रमण को मौत का मुख्य कारण माना गया
बिसरा आइवीआरआइ बरेली जांच के लिए भेजा गया है
जागरण संवाददाता, कानपुर। चिड़ियाघर में दो काले हिरणों की मौत हो गई है। हिरणों की मौत के पीछे पेट में कीड़े की वजह से कृमि संक्रमण को माना जा रहा है। मौत की वजह का कारण पता लगाने के लिए हिरणों के बिसरे को बरेली स्थित भारतीय पशु चिकित्सा अनुसंधान संस्थान (आइवीआरआइ) भेजा गया है।
काले हिरणों के बाड़ों में दवा व चूने का छि़डकाव किया गया है। बारिश के बाद वन्यजीवों में कृमि संक्रमण फैलता है। इससे उनके पेट में कीड़े हो जाते हैं। चिड़ियाघर प्रशासन का कहना है कि वन्यजीवों को इसके लिए समयानुसार दवा भी दी जाती है।
चिड़ियाघर मे काले हिरणों को एक बाड़े में रखा गया है। पिछले महीने हुई जांच में हिरणों के पेट में कृमि पाए गए थे। उनको नियमित रूप से दी जाने वाली दवाएं दी गई थी। इस बीच वर्षा के दौरान हिरणों को कृमि संक्रमण हो गया। उनका शरीर कमजोर होने लगा। हिरण बाड़े में गिर भी गए।
वन्यजीव चिकित्सकों ने हिरणों का जांच कर उनका इलाज शुरू किया। इलाज से उनमें कुछ सुधार तो आया लेकिन वे पूरी तरह स्वस्थ नहीं हो पाए। अस्वस्थ होने की वजह से पहले मादा काले हिरण की मौत हुई, इसके बाद नर काले हिरण की मौत हो गई। दो हिरणों की मौत के बाद अन्य हिरणों को कृमि संक्रमण से बचाने की प्रयास किए जा रहे हैं।
वन्यजीव चिकित्सकों को हिरणों के स्वास्थ्य पर नजर रखने तथा नियमित जांच के निर्देश दिए गए हैं। जू कीपरों से भी हिरणों की गतिविधियों पर नजर रखने को कहा गया है। हिरणों के सुस्त होने, भोजन न करने की सूचना अधिकारियों को देने को कहा गया है।
चिड़ियाघर के निदेशक डा. कन्हैया पटेल ने बताया कि हिरणों के शरीर के नमूने जांच के लिए बरेली स्थित भारतीय पशु चिकित्सा अनुसंधान संस्थान भेजे गए हैं। वहां से रिपोर्ट आने के बाद ही मौत का कारण स्पष्ट हो सकेगा।
