Kanpur Vineet Minocha Murder Case: शालू के वकील की आपत्ति, गलत बयान पेश कर पुलिस मांग रही रिमांड, अब सुनवाई 22 को
कानपुर के दवा कारोबारी विनीत मिनोचा हत्याकांड में आरोपित शालू, विशाल गौतम और राजकिशोर को पुलिस कस्टडी रिमांड की सुनवाई ...और पढ़ें

दवा कारोबारी के हत्या में आरोपित पेशी में पहुंची बहू शालू । जागरण
HighLights
शालू, विशाल और राजकिशोर को कोर्ट में पेश किया गया
शालू के वकील ने गलत बयान पर रिमांड का विरोध किया
कोर्ट ने अगली सुनवाई के लिए 22 सितंबर की तारीख दी
जागरण संवाददाता, कानपुर। Kanpur Vineet Minocha Murder Case: दवा कारोबारी विनीत मिनोचा हत्याकांड में पुलिस कस्टडी रिमांड की सुनवाई के लिए शनिवार को पुलिस अभिरक्षा में आरोपित विशाल गौतम, साथी राजकिशोर और साजिशकर्ता शालू कोर्ट में पेशी पर लाया गया। इस दौरान शालू मुंह पर दुपट्टा बांधे थी। उसके मायके वाले तो कोर्ट में पहुंचे, लेकिन ससुराल पक्ष से कोई नहीं आया।
सुनवाई से पहले शालू की तरफ से उनके अधिवक्ता शिवाकांत दीक्षित ने कोर्ट में कहा कि विवेचक शालू के गलत बयान प्रस्तुत कर रिमांड मांग रहे हैं। मजिस्ट्रेट को सही बात बताने के लिए कलम बंद बयान कराना चाहती है। इसके लिए कोर्ट में प्रार्थना पत्र दिया गया। जबकि अभियोजन ने कलम बंद बयान की अर्जी पर आपत्ति जताई। इसके बाद कोर्ट ने अगली सुनवाई के लिए 22 तारीख दी है।
इंदिरा नगर स्थित रतन आर्बिट अपार्टमेंट में रहने वाले दवा कारोबारी की पांच सितंबर की रात हत्या कर दी गई थी। पुलिस ने हत्यारोपित विशाल गौतम व साथी राजकिशोर को गिरफ्तार किया। उनके बयान और साक्ष्यों के आधार पर साजिशकर्ता कारोबारी की मूलरूप से लखनऊ के ठाकुरगंज निवासी बहू शालू को गिरफ्तार कर तीनों को जेल भेजा था।
जांच के दौरान पुलिस ने कारोबारी के बेटे सुब्रत, शालू, विशाल के सात मोबाइल नंबरों की काल डिटेल रिपोर्ट (सीडीआर) निकलवाई, एक हजार पेज की निकली। इसमें 300 से अधिक काल सुब्रत और विशाल के बीच की थी। विशाल ने हत्याकांड से दो दिन पहले नया नंबर भी लिया था, जिससे सुब्रत को छह और शालू को सात बार काल की गई थी।
मामले में विवेचक कल्याणपुर इंस्पेक्टर केशव तिवारी ने हत्याकांड में आरोपित को दी गई फ्लैट की डुप्लीकेट व अन्य चाबियों की बरामदगी व अन्य बिंदुओं पर पूछताछ करने के लिए 24 घंटे का कस्टडी रिमांड लेने के लिए कोर्ट में प्रार्थना पत्र दिया था, जिसकी शनिवार को सीजेएम कोर्ट में सुनवाई के लिए पुलिस दोपहर करीब दो बजे शालू, विशाल और राजकिशोर को कोर्ट में लेकर आई।
इस दौरान शालू की मां, बहन सोनिया, भाई धीरज समेत परिवार को लोग रहे, लेकिन सुब्रत व उसके परिवार के लोग नहीं थे। शालू की तरफ से अधिवक्ता शिवाकांत दीक्षित ने कोर्ट में प्रार्थना पत्र देते हुए कहा कि शालू कलमबंद बयान दर्ज कराना चाहती हैं। इस पर अभियोजन ने आपत्ति जताई।
अभियोजन का कहना था कि पहले रिमांड अर्जी की सुनवाई होनी चाहिए। इस पर अधिवक्ता शिवाकांत ने कहा कि विवेचक ने पुलिस कस्टडी रिमांड के लिए उसके बयान का जो हवाला दिया है वह सही नहीं है। शालू ने ऐसा कोई बयान नहीं दिया है। विवेचक गलत बयान प्रस्तुत कर रिमांड मांग रहे हैं। कोर्ट ने अधिवक्ता व अभियोजन की बात सुनी और 22 सितंबर अगली तारीख दी।
