विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

दहशत का मंजर! कानपुर में गाय ने युवक को सींग में फंसाकर जमीन पर पटका, 10 मिनट तक लहूलुहान करती रही

Published: Wed, 13 May 2026 10:09 PM (IST)

कानपुर के गुजैनी में एक आवारा गाय ने 35 वर्षीय युवक रामू सरोज पर हमला कर उसे सींगों से पटक ...और पढ़ें

दिवंगत रामू की फाइल फोटो। स्वजन

दिवंगत रामू की फाइल फोटो। स्वजन

HighLights

  1. गोविंदनगर थानाक्षेत्र के गुजैनी इलाके की घटना, सब्जी खरीदकर आ रहा था

  2. इलाज के दौरान अस्पताल में दम तोड़ा, पुलिस ने जानकारी से किया इंकार

जागरण संवाददाता, कानपुर। कानपुर शहर में बेसहारा जानवर का आतंक थमने का नाम नहीं ले रहा है। गुजैनी में एक गाय ने युवक को दौड़ाकर सींगों में फंसाया। करीब 10 मिनट तक फंसाए रखने के बाद उसे जमीन पर पटक दिया। चीख-पुकार सुनकर आसपास के लोग पहुंचे और किसी तरह से उसकी जान बचाई। इसके बाद परिवार वालों को सूचना देकर अस्पताल में भर्ती कराया, जहां इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। वहीं, पुलिस ने घटना की जानकारी से इंकार किया है।

गोविंदनगर थानाक्षेत्र के गुजैनी एफ ब्लाक निवासी 35 वर्षीय रामू सरोज कबाड़ का काम करता था। परिवार में मां यशोदा हैं, जबकि पिता रामदास का कई साल पहले निधन हो चुका है। भाभी मोना ने बताया कि रामू अपनी मां के साथ रहता है। मंगलवार शाम को वह फेरी लगाने के बाद घर आया। इसके बाद रात करीब आठ बजे वह बाजार सब्जी लेने चला गया। वह सब्जी खरीदकर घर लौट रहा था, तभी गुजैनी स्थित पानी की टंकी के पास एक गाय ने रामू को दौड़ाकर लिया।

गाय ने रामू को सींगों के बीच फंसाकर जमीन में पटक दिया। लाठी-डंडा लेकर दौड़े लोगों ने जैसे-तैसे बचाया। साथ ही उन्हें घटना की जानकारी दी। गंभीर हालत में पास के अस्पताल लेकर गया, जहां देर रात उपचार के दौरान रामू ने दम तोड़ दिया। भाभी मोना ने बताया कि गाय के हमले से रामू के शरीर पर सिर्फ चोट के निशान थे।उसके पेट और चेहरे पर सात-सात टांके लगे थे। रामू की मौत पर मां यशोदा का रो-रोकर बुरा हाल हो गया। गोविंदनगर थाना प्रभारी रिकेश सिंह ने मामले की जानकारी से इंकार किया। कहा, मामले को संज्ञान में लेकर जानकारी की जा रही है।

सचेंडी में डाक्टर की जा चुकी है जान

सचेंडी में 13 दिन पहले इसी तरह एक गाय ने 80 वर्षीय बीएएमएस डाक्टर रविंद्र नाथ मिश्रा की जान ले थी। वह अपनी क्लीनिक से घर पैदल जा रहे थे, तभी गाय ने उन पर हमला कर दिया था।

बाहरी सीमा से अंदर आने वाले बेसहारा जानवर बने खतरनाक

कुत्तों के साथ ही बेसहारा जानवर भी खतरनाक होते जा रहे है। नगर निगम एक तरफ रोज 20 से 25 जानवरों को पकड़ने का दावा कर रहा है। वहीं बाहरी सीमा से अंदर आने वाले जानवर सीमा से लगे मुहल्लों में रहने वालों के लिए जानलेवा बन गए है। गुजैनी में 35 वर्षीय युवक पर गाय ने हमला करके जान लेली। हालत यह है कि बाजारों व मंदिरों के बाहर सांड़ व गायों का जमावड़ा रहता है। जरा सी चूक और लोगों के लिए आफत बन जाती है।

रात में रहता जमावड़ा

गंगा बैराज से बिठूर व मंधना जाने वाले रास्ते में रात में बेसहारा जानवरों का जमावड़ा लगा रहता है। लोग छोड़ देते है। रात में सड़कों पर उतर आते है। अक्सर वाहनों पर हमला कर देते है।कई लोगों को चुटहिल भी कर चुके है। यहीं हाल पनकी हाईवे की तरफ नहर की तरफ स्थित गांवों की तरफ के जानवर अंदर आ जाते है। आसपास के इलाका स्वराज नगर पनकी, गुजैनी, पनकी, दादानगर समेत कई इलाकों में घुस जाते है और लोगों पर हमला कर देते है। इसके अलावा लोग अपने पालतू जानवर शाम को छोड़ देते है। 10 हजार से ज्यादा सांड़ और गाय है।

20 से ज्यादा पशुओं को पकड़ा

मुख्य पशु चिकित्साधिकारी डा आरके निरंजन ने बताया कि बुधवार को ही 20 से ज्यादा पशुओं को पकडा गया है। रोज अभियान चलाया जाता है। शहर से लगी बाहरी सीमा से रात में पशु घुस आते है। पकड़े गए पशु को छुड़ाने के लिए पांच हजार रुपये लिए जाते है।