कानपुर के तीन अधिकारियों पर गिरी गाज, समाज कल्याण अधिकारी और दो एआरटीओ निलंबित
कानपुर के समाज कल्याण अधिकारी शिवम सागर को लंबी अनुपस्थिति के कारण निलंबित कर दिया गया है। यह कार्रवाई जिलाधिकारी ...और पढ़ें

एआरटीओ सोमलता यादव, आलोक कुमार, जिला समाज कल्याण अधिकारी शिवम सागर।
HighLights
समाज कल्याण अधिकारी शिवम सागर को अनुपस्थिति के कारण निलंबित किया गया।
बिना बताए लंबे समय तक अनुपस्थित रहने का आरोप।
जिलाधिकारी की रिपोर्ट पर प्रमुख सचिव ने की कार्रवाई।
जागरण संवाददाता, कानपुर। कानपुर के अधिकारियों के लिए बुधवार का दिन ठीक नहीं रहा। पहले दो एआरटीओ सोमलता यादव व आलोक कुमार को निलंबित कर दिया गया। इसके बाद शाम तक समाज कल्याण अधिकारी शिवम सागर के भी निलंबित किए जाने की पुष्टि हुई। समाज कल्याण अधिकारी शिवम सागर मंत्री असीम अरुण के दौरे में गैरहाजिर रहने से चर्चा में आए थे।
लंबे समय से बिना सूचना अनुपस्थित रहने का आरोप
समाज कल्याण मंत्री असीम अरुण के कानपुर दौरे के दौरान गैरहाजिर रहना जिला समाज कल्याण अधिकारी शिवम सागर को भारी पड़ गया। लंबे समय तक बिना सूचना के कार्यालय से अनुपस्थित रहने और मंत्री के निरीक्षण कार्यक्रम में मौजूद न होने के मामले में जिलाधिकारी जितेंद्र प्रताप सिंह की रिपोर्ट के बाद शासन ने शिवम सागर को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया। प्रमुख सचिव समाज कल्याण अनुराग यादव ने निलंबन आदेश जारी करते हुए उनके खिलाफ विभागीय कार्रवाई भी संस्थित करने के निर्देश दिए हैं।
कार्यप्रणाली पर भी गंभीर टिप्पणी
शासन के आदेश में शिवम सागर की कार्यप्रणाली को लेकर गंभीर टिप्पणी की गई है। मामला उस समय तूल पकड़ गया था, जब 16 अगस्त को समाज कल्याण मंत्री असीम अरुण कानपुर के भ्रमण और निरीक्षण पर आए थे। मंत्री के कार्यक्रम में विभागीय योजनाओं की समीक्षा और उनकी प्रगति का जायजा लिया जाना था। कार्यक्रम की पूर्व सूचना होने के बावजूद जिला समाज कल्याण अधिकारी शिवम सागर मौके पर उपस्थित नहीं थे। विभाग के जिला स्तरीय अधिकारी के मंत्री के महत्वपूर्ण दौरे में अनुपस्थित रहने को प्रशासन ने गंभीरता से लिया।
शासन को डीएम ने भेजी थी रिपोर्ट
बताया गया कि शिवम सागर लंबे समय से बिना समुचित सूचना के अनुपस्थित चल रहे थे। उनकी अनुपस्थिति और कार्यों में लापरवाही को लेकर जिलाधिकारी जितेंद्र प्रताप सिंह ने शासन को रिपोर्ट भेजी। इसके बाद शासन स्तर पर मामले की जांच और स्पष्टीकरण की प्रक्रिया शुरू की गई। 28 जुलाई को शिवम सागर को स्पष्टीकरण उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए थे, लेकिन निर्धारित समय में उनकी ओर से कोई स्पष्टीकरण प्रस्तुत नहीं किया गया।
चिकित्सकीय अवकाश के बाद भी नहीं लौटे
समाज कल्याण निदेशक की 23 अगस्त की आख्या में भी शिवम सागर के खिलाफ कार्रवाई की संस्तुति की गई। इसमें कहा गया कि स्वीकृत चिकित्सकीय अवकाश की अवधि समाप्त होने के बाद भी उन्होंने कार्यभार ग्रहण नहीं किया। अनुपस्थिति की अवधि के लिए सक्षम स्तर से अवकाश की अनुमति भी नहीं ली गई। शासन की ओर से स्पष्टीकरण का अवसर दिए जाने के बावजूद जवाब नहीं देने को भी गंभीरता से लिया गया।
मुख्यालय छोड़ने पर रोक
मंत्री असीम अरुण के दौरे में अनुपस्थिति को शासन ने शासकीय दायित्वों के प्रति गंभीर उदासीनता और अनुशासनहीनता माना। प्रमुख सचिव अनुराग यादव ने उत्तर प्रदेश सरकारी सेवक (अनुशासन एवं अपील) नियमावली, 1999 के तहत शिवम सागर को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया। उनके खिलाफ विभागीय जांच भी शुरू की जाएगी। निलंबन अवधि में उन्हें नियमानुसार जीवन निर्वाह भत्ता मिलेगा। साथ ही निलंबन के दौरान बिना सक्षम अधिकारी की अनुमति के मुख्यालय छोड़ने पर रोक रहेगी।
इध्रर, आरटीओ से 15 दिन में जवाब तलब
कानपुर नगर के आरटीओ कार्यालय में अनियमितता और अवैध वसूली के मामले में शासन ने बड़ी कार्रवाई की है। परिवहन राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) दयाशंकर सिंह के निर्देश पर कानपुर नगर के दो एआरटीओ सोमलता यादव और आलोक कुमार को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है। वहीं, आरटीओ (प्रशासन) राकेन्द्र सिंह से 15 दिन में स्पष्टीकरण मांगा गया है।
सोमलता की पहले भी हुई थी शिकायत
माल वाहनों में बाडी के ऊपर तक गिट्टी-बालू-मौरंग के परिवहन के मामले में 29 अप्रैल को ही एआरटीओ प्रवर्तन सोमलता यादव के विरुद्ध पूर्व डीजीपी डा. सूर्य कुमार ने भी परिवहन आयुक्त से शिकायत की थी। उस समय सोमलता कानपुर देहात में तैनात थीं। इसके बाद पांच मई को अपर परिवहन आयुक्त प्रवर्तन संजय सिंह के निर्देश पर डीटीसी परिक्षेत्र कानपुर राम रतन सोनी ने सोमलता से स्पष्टीकरण के लिए 12 व 25 मई और फिर 13 जुलाई को पत्र लिखे। तब सोमलता ने गोलमोल जवाब दिया था।
निलंबित एआरटीओ प्रशासन-प्रवर्तन के ये थे काम
एआरटीओ प्रशासन के कार्य
वाहनों का पंजीकरण, परमिट जारी करना, टैक्स और फीस वसूलना, फेंसी नंबरों की नीलामी, न्यू वाहन रजिस्ट्रेशन, वाहनों के गैर जिलों में ट्रांसफर के लिए एनओसी देना, ट्रेड सर्टिफिकेट, री-रजिस्ट्रेशन, नए परमिट व उनका नवीनीकरण, पुराने वाहनों की नीलामी।
एआरटीओ प्रवर्तन के कार्य
ओवरलोडिंग पर रोक, अवैध व डग्गामार वाहनों पर कार्रवाई, यातायात नियमों का उल्लंघन रोकना, वाहन चेकिंग और चालान, सड़क सुरक्षा व जागरूकता, प्रदूषण नियंत्रण और राजस्व संग्रह।
इनके खिलाफ मामला दर्ज
कार्यालय के दो लिपिक मधुर मिश्रा और विपिन कुमार समेत कुल 15 लोगों के खिलाफ काकादेव थाने में एफआईआर दर्ज कराई गई है। प्राप्त शिकायतों के बाद जिलाधिकारी कानपुर ने अपर पुलिस उपायुक्त और ज्वाइंट मजिस्ट्रेट/एसडीएम कानपुर नगर से संभागीय और सहायक परिवहन कार्यालय का औचक निरीक्षण कराया। इस दौरान कार्यालय में मौजूद करीब 50 लोगों से पूछताछ की गई। इनमें 11 संदिग्ध लोग मिले, जो आवेदकों से वाहन पंजीकरण और ड्राइविंग लाइसेंस बनवाने के नाम पर धोखाधड़ी कर अवैध वसूली कर रहे थे। इनके पास से 43,485 रुपये नकद बरामद हुए। जांच में कार्यालय के दो लिपिक मधुर मिश्रा और विपिन कुमार की भी संलिप्तता सामने आई। इसके बाद जिला प्रशासन ने कुल 15 लोगों के खिलाफ काकादेव थाने में एफआइआर दर्ज कराई।
