कानपुर में थोक बाजार का फुटकर पर नहीं हुआ असर, चीनी का रेट अब भी 60 रुपये किलो से ऊपर
थोक बाजार में चीनी के दाम घटने के बावजूद कानपुर में फुटकर ग्राहकों को राहत नहीं मिल रही है। बिचौलियों ...और पढ़ें

तस्वीर का इस्तेमाल प्रतीकात्मक प्रस्तुतीकरण के लिए किया गया है। जागरण
HighLights
कानपुर में थोक चीनी के दाम में आई गिरावट।
फुटकर बाजार में चीनी अभी भी 60 रुपये प्रति किलो से ऊपर।
बिचौलियों की मुनाफाखोरी से ग्राहकों को नहीं मिल रहा लाभ।
जागरण संवाददाता, कानपुर। थोक बाजार में चीनी के दामों में गिरावट के बावजूद आम जनता को अब तक राहत नहीं मिल पाई है। थोक मंडी में नरमी आने के बाद भी शहर के अधिकांश फुटकर बाजारों में चीनी अभी भी 60 रुपये प्रति किलो से ऊपर के भाव पर बेची जा रही है। थोक विक्रेताओं ने भी फुटकर दुकानदारों से चीनी अधिकतम 55 रुपये प्रति किलो की दर पर बेचने की अपील की है।
शकरपट्टी चीनी बाजार में शनिवार को चीनी का थोक भाव 50 रुपये से 20 व 30 पैसे तक कम हुआ है। थोक कारोबारी उमेश दीक्षित ने बताया कि मिलों के स्तर से दाम घटाने का असर शकरपट्टी बाजार में भी हो रहा है।
चीनी मिलों से अब 44 से 46 रुपये तक चीनी मिल रही है जो टैक्स और भाड़ा के साथ कानपुर में चार से पांच रुपये प्रति किलो महंगी बिक रही है। थोक स्तर पर चीनी का भाव अब 50 रुपये प्रति किलो से भी कम हो गया है।
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इस गिरावट का लाभ बिचौलियों और मुनाफाखोरी के चलते सीधे आम ग्राहकों तक नहीं पहुंच पा रहा है, जिससे घरेलू बजट पर असर बना हुआ है। शनिवार को काकादेव से लेकर बिठूर तक फुटकर बाजार में चीनी का भाव 60 रुपये किलो रहा है जबकि इसे अधिकतम 54 से 55 रुपये ही होना चाहिए।
