कानपुर में भादों का मानसून पड़ा कमजोर, 18 सितंबर तक वर्षा के आसार नहीं
कानपुर में अच्छी शुरुआत के बाद भादों में मानसून कमजोर पड़ गया है, जिससे 18 सितंबर तक भारी वर्षा की ...और पढ़ें
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मानसून की टर्फ रेखा उत्तर प्रदेश से खिसककर मध्य प्रदेश पहुंची। जागरण
HighLights
कानपुर में भादों के बाद मानसून कमजोर हुआ।
18 सितंबर तक वर्षा की संभावना बहुत कम।
कोई बड़ा मौसमी सिस्टम सक्रिय नहीं है।
जागरण संवाददाता, कानपुर। अच्छी शुरुआत के बाद भादों में मानसून कमजोर पड़ गया है। फिलहाल कोई बड़ा मौसमी सिस्टम नहीं बन रहा है। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग ने 18 सितंबर तक उत्तर प्रदेश में मानसूनी वर्षा की संभावना से इनकार किया है। अब तक भादों में 164.9 मिलीमीटर वर्षा हो चुकी है, जिसमें अधिकांश वर्षा पहले चार दिनों में ही हुई।
वर्ष 2025 में सितंबर में कुल 175.3 मिलीमीटर वर्षा हुई थी। मानसून की टर्फ रेखा उत्तर प्रदेश से खिसककर मध्य प्रदेश के सबसे निचले हिस्से तक पहुंच गई है और दक्षिण भारत की ओर जा रही है।
बंगाल की खाड़ी में बने कम दबाव क्षेत्र से ऊपरी हिस्से में आने वाले बादल भी दक्षिण की ओर बढ़ रहे हैं। इससे उत्तर प्रदेश में छिटपुट बारिश की संभावना भी कम हो गई है। फिलहाल न पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय है और न ही कोई नया निम्न दबाव क्षेत्र बन रहा है।
शुक्रवार से शनिवार सुबह तक एयरफोर्स वेदर स्टेशन पर 13 मिलीमीटर और सीएसए में एक मिलीमीटर वर्षा दर्ज हुई। शनिवार को अधिकतम तापमान 33 डिग्री सेल्सियस रहा, जबकि न्यूनतम 25.6 डिग्री सेल्सियस दर्ज हुआ। अधिकतम नमी 83 और न्यूनतम 64 प्रतिशत रही। 15 से 20 किलोमीटर प्रति घंटा की रफ्तार से हवाएं चलीं।
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मौसम विशेषज्ञ डा. एसएन सुनील पांडेय ने बताया कि अब छितरे बादलों की संभावना भी कम है। मानसून में छिटपुट बारिश की संभावना बनी रहती है, लेकिन दूसरे सप्ताह से वर्षा में भारी कमी आई है। फिलहाल 22 सितंबर तक वर्षा की संभावना कम है। हालांकि बंगाल की खाड़ी में नया कम दबाव क्षेत्र बनने पर स्थिति बदल सकती है। इंडियन ओशन डाइपोल भी अभी सक्रिय नहीं हुआ है।
