Kanpur PWD का बड़ा फैसला: कानपुर में विधानसभा वार बांटी गईं सड़कें, तीन खंडों को मिली जिम्मेदारी, जानिए किसे कितनी विधानसभा
कानपुर में लोक निर्माण विभाग ने सड़कों के निर्माण और रखरखाव की जिम्मेदारी विधानसभा वार तीन खंडों में बांट दी ...और पढ़ें

यह प्रतीकात्मक तस्वीर है।
HighLights
सड़क निर्माण और रखरखाव की जिम्मेदारी विधानसभा वार बांटी गई
जिले की 10 विधानसभाओं को तीन निर्माण खंडों में सौंपा
नई सड़कों का निर्माण संबंधित खंड, पुरानी का रखरखाव मूल खंड
जागरण संवाददाता, कानपुर। लोक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी) ने जिले में सड़कों के निर्माण और रखरखाव की व्यवस्था को विधानसभा वार सौंप दी गई है। विभाग ने जिले की 10 विधानसभा क्षेत्रों की सड़कों की जिम्मेदारी तीन निर्माण खंडों के बीच बांट दी है, जबकि अभी तक केवल प्रांतीय खंड एक और दो सड़क निर्माण की जिम्मेदारी संभाल रहे थे।
नए आदेश के तहत अब संबंधित विधानसभा क्षेत्र में नई सड़कों के निर्माण की जिम्मेदारी तय निर्माण खंड की होगी। वहीं पुरानी सड़कों के रखरखाव का काम उसी इकाई के पास ही रहेगा, जिसने पहले सड़क का निर्माण कराया है।
प्रदेश के 11 मंडलों के जिलों में विधानसभा वार सड़कों की जिम्मेदारी तय करने के लिए खंडों का पुनर्वितरण किया गया है। इसके तहत जिले में पीडब्ल्यूडी की निष्क्रिय पड़ी इकाइयों को भी सड़क निर्माण की जिम्मेदारी दी गई है। अब तक भवन निर्माण की जिम्मेदारी संभाल रहे निर्माण खंड-1 (प्रांतीय) को आर्य नगर और सीसामऊ विधानसभा क्षेत्र की सड़कों का जिम्मा सौंपा गया है।
प्रांतीय खंड को घाटमपुर, गोविंद नगर, किदवई नगर, कैंट और महाराजपुर विधानसभा क्षेत्र, निर्माण खंड-2 को बिठूर, बिल्हौर और कल्याणपुर विधानसभा क्षेत्र की सड़कें सौंपी गई हैं। विधानसभा वार जिम्मेदारी तय होने से सड़क निर्माण के कार्यों में जवाबदेही बढ़ेगी। किसी क्षेत्र में सड़क निर्माण, मरम्मत या गुणवत्ता को लेकर शिकायत आने पर संबंधित निर्माण खंड की जिम्मेदारी स्पष्ट रहेगी।
दो खंड की संभाल रहे थे सड़क निर्माण की जिम्मेदारी
पीडब्ल्यूडी के प्रांतीय खंड के अधीन कुल 708 सड़कें हैं। इनकी कुल लंबाई 1818 किलोमीटर है। इनमें तीन राज्य मार्ग, एक प्रमुख जिला मार्ग, 37 अन्य जिला मार्ग, 633 ग्रामीण मार्ग और 34 शहरी मार्ग शामिल हैं। ग्रामीण मार्गों की संख्या सबसे अधिक है। वहीं निर्माण खंड-2 के पास कुल 675 सड़कें हैं, जिनकी कुल लंबाई 1327 किलोमीटर है। इनमें चार राज्य मार्ग, एक प्रमुख जिला मार्ग, 35 अन्य जिला मार्ग, 551 ग्रामीण मार्ग और 84 शहरी मार्ग शामिल हैं। इस तरह दोनों खंडों के पास मिलाकर करीब 1400 सड़कें और 3145 किलोमीटर का सड़क नेटवर्क है।
पुरानी और नई सड़कों की जिम्मेदारी अलग
पीडब्ल्यूडी अधिकारियों के मुताबिक विधानसभा वार बंटवारे का उद्देश्य निर्माण कार्यों को व्यवस्थित करना है। पुरानी सड़कों के रखरखाव की जिम्मेदारी उस निर्माण इकाई के पास रहेगी, जिसने संबंधित सड़क का निर्माण कराया है। जबकि नई सड़क का निर्माण अब निर्धारित विधानसभा क्षेत्र के अनुसार संबंधित निर्माण खंड कराएगा।
विधानसभा वार सड़कों की जिम्मेदारी शासन स्तर से तय कर दी गई है। इससे नई सड़कों के निर्माण में खंडों की जिम्मेदारी स्पष्ट होगी और कार्यों की निगरानी बेहतर तरीके से की जा सकेगी। जल्द ही नई प्रक्रिया के तहत सड़कों को विधानसभा वार इकाईयों को हैंडओवर करने की कार्रवाई को पूरा किया जाएगा।
रविदत्त कुमार, मुख्य अभियंता, पीडब्ल्यूडी
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