Kanpur Plane Crash: नियम की अनदेखी कर उड़ रहे थे विमान, निलंबित हो सकता है गर्ग एविएशन का लाइसेंस
कानपुर विमान दुर्घटना में प्रशिक्षक और प्रशिक्षु पायलट की मौत के बाद गर्ग एविएशन की प्रशिक्षु उड़ानों पर डीजीसीए ने ...और पढ़ें

विमान हादसे के बाद मलबे को हटाकर जांच करती टीम। जागरण अर्काइव
HighLights
गर्ग एविएशन पर सुरक्षा नियमों को तोड़ने व नियामक शर्तों का पालन न करने पर कार्रवाई
विमान दुर्घटना में प्रशिक्षक और प्रशिक्षु पायलट की मौत की प्रारंभिक जांच के बाद निर्णय
27 अगस्त की सुबह कानपुर विमान दुर्घटना में दो पायलटों की हुई थी मौत
जागरण संवाददाता, कानपुर। Kanpur Plane Crash: विमान दुर्घटना में प्रशिक्षक और प्रशिक्षु पायलट की मौत की प्रारंभिक जांच के बाद अगले आदेश तक गर्ग एविएशन की प्रशिक्षु उड़ानों पर रोक लगा दी गई है। नागरिक उड्डयन मंत्रालय के निर्देश पर डायरेक्ट्रेट जनरल आफ सिविल एविएशन (DGCA) ने इस फ्लाइंग ट्रेनिंग आर्गनाइजेशन (एफटीओ) का काम अगले आदेश तक रोका है।
विमान दुर्घटना की जांच डीजीसीए लखनऊ, दिल्ली और एएआईबी (विमान दुर्घटना जांच ब्यूरो) की टीमें कर रही हैं। माना जा रहा है कि प्रारंभिक जांच में सुरक्षा नियमों को तोड़ने और नियामक शर्तों का पालन न करने पर यह कार्रवाई की गई है। इस समय संस्था में 120 छात्र हैं। उड़ानों पर रोक से इनका प्रशिक्षण नहीं हो सकेगा।
27 अगस्त को विमान हुआ था दुर्घटनाग्रस्त
गर्ग एविएशन का चार सीटर प्रशिक्षण विमान 27 अगस्त को सुबह गंगा बैराज के तीन किमी आगे उन्नाव की ओर नत्थापुरवा में दुर्घटनाग्रस्त हो गया था। उसमें सवार प्रशिक्षक पायलट कैप्टन सचिन भाटिया और प्रशिक्षु पायलट अभिषेक पुजारी की मौत हो गई थी। उड़ान भरने के 20 मिनट बाद विमान हवा में दो बार घूमा और गिर गया था।
DGCA व AAIB की टीम दिल्ली ले गई थी साक्ष्य
डीजीसीए और एएआइबी की टीम दुर्घटनाग्रस्त विमान का इंजन, मलबा और अन्य साक्ष्य डीजीसीए की टीम दिल्ली ले गई थी। टीमें अभी जांच कर रही हैं। प्रारंभिक जांच के बाद डीजीसीए ने अगल आदेश तक गर्ग एविएशन की प्रशिक्षु उड़ानों पर रोक लगा दी है। सेफ्टी मैनेजर राजीव भल्ला ने बताया कि संस्था का आडिट होना है। आडिट न होने तक प्रशिक्षु उड़ानों पर रोक लगाई गई है।
एसोसिएशन ने ये की थी शिकायत
एसोसिएशन आफ फ्लाइट ट्रेनिंग आर्गनाइजेशन ने नागरिक उड्डयन मंत्री और नागरिक उड्डयन सचिव को पत्र लिखा था। पत्र में एसोसिएशन ने गर्ग एविएशन के खिलाफ लगे आरोपों की निगरानी में जांच कराने की मांग की थी।
पत्र में 14 शिकायतें
पत्र में कहा कि उसने 2024 से डीजीसीए को 14 शिकायतें दी थी। इनमें उल्लंघन और नियमों का पालन न करने के आरोप लगाए गए थे। पत्र में कहा गया था कि इन आरोपों और नियमों के उल्लंघन को देखते हुए गर्ग एविएशन का आडिट होना चाहिए।
ये थी मुख्य शिकायतें
- प्रशिक्षण उड़ानें करीब 2500 से 3000 मीटर की दृश्यता में चलाई गईं, जबकि नियम के अनुसार न्यूनतम 5000 मीटर होनी चाहिए।
- प्रशिक्षण विमान अनिवार्य मोड ए/सी ट्रांसपोंडर के बिना उड़ाए जा रहे थे। यह उपकरण एयर ट्रैफिक कंट्रोल से संपर्क के लिए जरूरी माना जाता है।
- संचार व्यवस्था, सीसीटीवी, ट्रांसपोंडर और हवाई क्षेत्र की मंजूरी से जुड़े नियम पूरे हो रहे हैं या नहीं।
- कानपुर हवाई अड्डे का रनवे पायलट प्रशिक्षण के लिए ठीक है या नहीं।
- हवाई अड्डे के रनवे की प्रशिक्षण के लिए उपयुक्तता पर भी सवाल उठाए गए थे।
स्थल और प्रयोगशाला में इन बिंदुओं पर जांच
गर्ग एविएशन के प्रशिक्षण विमान टेक्नाम पी2006टी के दुर्घटनाग्रस्त होने की वजह तलाशने के लिए डीजीसीए दिल्ली, लखनऊ की टीमों ने हादसा स्थल की जांच की थी। विमान में आग न लगने के कारण ईंधन टैंक को सुरक्षित माना जा रहा था। हादसे के कुछ दिनों बाद ही एविएशन कंपनी ने फिर प्रशिक्षण विमान की सेवा शुरू कर दी थी। वहीं विशेषज्ञों का कहना था कि उड़ान के केवल 20 मिनट बाद ही विमान दुर्घटनाग्रस्त हो गया, जो सीधे तौर पर ईंधन आपूर्ति बंद होने या एयर फ्लेम कंट्रोल सिस्टम में गड़बड़ी की ओर इशारा कर रहा है।
दो माह में एक ही विमान से हुईं थीं दो दुर्घटनाएं
दो माह में एक ही विमान से दो हादसे होने से गर्ग एविएशन फ्लाइंग क्लब पहले से ही कई सवालों के घेरे में रहा है। दोनों हादसों की जांच चल रही है।
पहला हादसा 27 जून को
कैंट स्थित गर्ग एविएशन पायलट ट्रेनिंग एकेडमी गर्ग एविएशन लिमिटेड पायलट ट्रेनिंग एकेडमी 1995 से संचालित है। इसमें एक साल से प्रशिक्षण ले रही रिया बत्रा 27 जून की रात प्रशिक्षक के साथ दो इंजन का विमान (ट्विन विमान) लैंड करने के बाद इंजन बंद करने की प्रक्रिया के दौरान ही उतरने लगीं थी। इससे प्रपेलर (पंखे) की चपेट में आने से पीठ में चोट आई गई थी।
दूसरा हादसा 27 अगस्त को
कुछ दिनों बाद ही इस विमान को जांच जारी रहने के बावजूद फिर प्रशिक्षु उड़ान की अनुमति दे दी गई थी। डीजीसीए की टीम अभी भी इसकी जांच कर रही है। इसके बाद 27 अगस्त को इसी विमान से हुए हादसे में प्रशिक्षक और प्रशिक्षु की जान चली गई थी।
निलंबित लाइसेंस हो सकता
डीजीसीए की जांच रिपोर्ट आने के बाद गर्ग एविएशन का लाइसेंस निलंबित हो सकता है। दरअसल दो महीने में दो बड़े हादसों को जांच एजेंसियों ने बड़ी चूक माना है। किसी निजी पायलट प्रशिक्षण संगठन का लाइसेंस या अनुमोदन नागरिक उड्डयन महानिदेशालय (डीजीसीए) द्वारा सुरक्षा नियमों के गंभीर उल्लंघन या मानकों की अनदेखी करने पर रद या निलंबित किया जाता है।
सही प्रशिक्षण पर भी संदेह
इस मामले में भी सुरक्षा मानकों की अनदेखी यानी कि विमान, रनवे या उपकरणों का रख-रखाव तय नियमों के अनुसार हो रहा है या नहीं इसकी भी जांच की जा रही है। डीजीसीए देख रही है कि प्री-फ्लाईट ब्रेथ एनालाइजर (शराब की जांच) टेस्ट नियमों का पालन किया गया या नहीं। यह भी जांच का बिंदु रखा गया है कि प्रशिक्षु पायलटों को आपातकालीन स्थितियों के लिए सही से प्रशिक्षित किया जा रहा है या नहीं।
