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कानपुर नगर निगम में एक और बड़ा फर्जीवाड़ा, टेंडर धांधली के बाद अब आउटसोर्स भर्ती में गड़बड़ी

Published: Tue, 15 Sep 2026 08:46 PM (IST)

कानपुर नगर निगम में टेंडर धांधली के बाद अब आउटसोर्स भर्ती में फर्जीवाड़ा सामने आया है। एक कर्मचारी ने नगर ...और पढ़ें

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HighLights

  1. सुनील कुमार ने नगर आयुक्त से वेतन न मिलने की शिकायत की

  2. सात माह तक काम करने के बाद भी वेतन नहीं दिया गया

  3. नगर आयुक्त ने मामले की जांच के आदेश दिए, दोषियों पर कार्रवाई होगी

जागरण संवाददाता, कानपुर। नगर निगम में टेंडर धांधली का मामले की जांच पूरी नहीं हो पाई है अब आउटसोर्स भर्ती का फर्जीवाड़ा का मामला सामने आया है। एक व्यक्ति ने मंगलवार को नगर आयुक्त से शिकायत की है की सात माह से जोन पांच के मार्ग प्रकाश विभाग का कार्य देख रहा है और फेस अटेंडेंस के माध्यम से हाजिरी भर रहा है, लेकिन वेतन नहीं मिला है। इस मामले के बाद से नगर निगम में खलबली मच गई है। नगर आयुक्त ने जांच शुरू करा दी है।

सुनील कुमार ने नगर आयुक्त अर्पित उपाध्याय से शिकायत की है कि जुलाई 2025 में लाइटिंग विभाग में स्विचमैन के रूप में काम शुरू किया था। अवर अभियंता आलोक बाजपेयी निर्देश पर काम करने लगा। एक माह बाद वेतन हीं मिला तो अभियंता को बताया। उन्होंने कहा कि अभी नए हो तीन माह में वेतन आ जाएगा।

सुनील ने बताया कि इस दौरान आईडी 65092 से फेस अटेंडेंस कर रहा है। इस दौरान दुर्घटना होने पर उसको मार्ग प्रकाश विभाग में ई रिक्शा वाली टीम में कर्मचारी संदीप के साथ रख दिया गया, सीढ़ी पर चढ़ने में असमर्थ था इसलिए ई रिक्शा चलाने लगा, लेकिन जनवरी 2026 तक वेतन नहीं दिया गया। इसके बाद नगर निगम आना बंद कर दिया।

नगर निगम में टेंडर धांधली की जांच होना का मामला पता चला तो नगर आयुक्त से मंगलवार को शिकायत की है। सुनील ने बताया कि नगर आयुक्त ने कहा है कि जिन लोगों ने भी काम पर रखा था उनके खिलाफ पुलिस में एक तहरीर दो।

राजस्व निरीक्षक भी रखे निजी कर्मचारी

नगर निगम में राजस्व निरीक्षक अपने निजी कर्मचारी रखे है। यह मुखबिरी का कार्य करते है। क्षेत्र में टैक्स नहीं दे रहे भवनों को चिह्नित करते है या कंम दे रहे है ऐसे लोगों पर दबाव बनाते है। नहीं दिया तो ब्याज सहित कर लिया जाएगा। व्यावसायिक संपत्तियों से आवासीय टैक्स लिया जाता है। इसके एवज में सुविधा शुल्क मिलता है। लाभ होने पर अफसर कार्य कर रहे कर्मचारियों को अपनी जेब से रकम देते है। जोन तीन, पांच व छह में खेल चल रहा है।

एक व्यक्ति ने शिकायत की है कि जोन पांच के मार्ग प्रकाश विभाग में सात माह से कार्य कर रहा था और फेस अटेंडेंस भी लग रही थी, लेकिन वेतन नहीं दिया गया है। उसके पास कोई कागज नहीं है। लिखित शिकायत मांगी है। इसकी जांच कराई जाएगी। दोषियों पर कार्रवाई की जाएगी।
अर्पित उपाध्याय, नगर आयुक्त, नगर निगम

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