कानपुर में प्रसव के बाद जच्चा-बच्चा की मौत, डॉक्टरों पर लापरवाही का आरोप
कानपुर के कांशीराम अस्पताल में सामान्य प्रसव के बाद एक मां और उसके नवजात बेटे की मौत हो गई। परिजनों ...और पढ़ें

कांशीराम अस्पताल में रोते बिलखते स्वजन और मौजूद पुलिस बल। - जागरण
HighLights
कांशीराम अस्पताल में प्रसव के बाद मां-बेटे की मौत
अधिक रक्तस्राव के कारण एलएलआर अस्पताल रेफर किया गया
परिजनों ने डॉक्टरों पर इलाज में लापरवाही का आरोप लगाया
जागरण संवाददाता, कानपुर। रामादेवी के पास कांशीराम अस्पताल में चार बेटियों के बाद आटो चालक की पत्नी को मंगलवार दोपहर पांचवी बार बेटा हुआ। परिवार बहुत खुश था, लेकिन ये खुशियां ज्यादा समय तक नहीं रही। प्रसव के साढ़े तीन घंटे बाद ही उनकी हालत बिगड़ने लगी। अधिक रक्तस्राव होने पर डाक्टरों ने एलएलआर अस्पताल रेफर किया।
स्वजन उन्हें एलएलआर अस्पताल जा ही रहे थे, तभी सीओडी आरओबी पर जच्चा-बच्चों की सांसे थम गईं। स्वजन शव लेकर वापस कांशीराम अस्पताल पहुंचे और डाक्टरों पर लापरवाही का आरोप लगा हंगामा किया। पुलिस ने शवों का पोस्टमार्टम कराने की बात कही, तो परिवार ने इन्कार कर दिया। काफी समझाने पर महिला के शव काे पोस्टमार्टम के लिए भेजा जा सका। स्वजन ने बताया कि नवजात के शव का दफना दिया है।
उन्नाव के शुक्लागंज के कीपरखेड़ा निवासी ई-आटो चालक नूर मोहम्मद के परिवार में पत्नी 30 वर्षीय शबीना व चार बेटियां हैं। सबसे बड़ी बेटी आठ साल की है। नूर मोहम्मद के भाई सलीम ने बताया कि भाभी शबीना को प्रसव पीड़ा होने उन्हें मंगलवार को कांशीराम अस्पताल में भर्ती कराया था। दोपहर सामान्य प्रसव हुआ और 2:14 बजे उन्होंने बेटे को जन्म दिया। इसके दोनों को वार्ड में शिफ्ट कर दिया गया।
शाम 4:40 बजे शबीना को रक्तस्राव होने पर उनकी स्थिति बिगड़ने लगी। इस पर जच्चा-बच्चा को एलएलआर अस्पताल रेफर किया गया। स्वजन एंबुलेंस से उन्हें ले जा रहे थे। सीओडी आरओबी उतरते ही दोनों की सांसे थम गईं। स्वजन वापस कांशीराम अस्पताल पहुंचे और प्रसव के बाद इलाज में डाक्टरों की लापरवाही करने का आरोप लगा हंगामा किया। चकेरी थाना पुलिस ने स्वजन को जांच कर कार्रवाई का आश्वासन देकर शांत कराया।
मामले में कांशीराम अस्पताल के मुख्य चिकित्साधीक्षक डा. पीयूष मिश्र ने बताया कि सामान्य प्रसव हुआ था।इसके बाद महिला के ज्यादा रक्तस्राव होने पर उन्हें एलएलआर अस्पताल रेफर कर दिया था। रास्ते में उनकी मृत्यु हो गई। महिला एनिमिक थी। पांचवीं बार उनका प्रसव हुआ है। अस्पताल की ओर से किसी प्रकार की कोई लापरवाही नहीं की गई है। रामादेवी चौकी प्रभारी गौरव शर्मा ने बताया कि स्वजन पहले पोस्टमार्टम कराने से मना कर रहे थे। उन्हें समझाकर पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया है। रिपेार्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
